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Hanumangarh News: पीलीबंगा में किसानों का आंदोलन स्थगित, रेल ट्रैक पर बैठे किसानों के आगे झुका प्रशासन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हनुमानगढ़
Published by: हनुमानगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 30 May 2026 03:17 PM IST
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सार
गेहूं खरीद और बारदाने की कमी को लेकर पीलीबंगा में उग्र हुए किसानों के आंदोलन का फिलहाल पटाक्षेप हो गया है। रेलवे ट्रैक पर उतरकर विरोध जताने वाले किसानों ने प्रशासन से मिले आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित कर दिया, लेकिन मांगें पूरी नहीं होने पर फिर से आंदोलन की चेतावनी दी है।
गेहूं खरीद की मांग को लेकर ट्रैक पर बैठे किसान, प्रशासन के साथ वार्ता
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जिले में गेहूं खरीद को लेकर किसानों का आंदोलन फिलहाल स्थगित हो गया है। पीलीबंगा में चार दिनों से जारी धरना-प्रदर्शन शनिवार शाम प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त कर दिया गया। इससे पहले आंदोलनकारी किसानों ने रेल ट्रैक पर बैठकर विरोध जताया, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया और जिला स्तर के अधिकारियों को मौके पर पहुंचना पड़ा।
शनिवार सुबह से ही किसान आरपार की लड़ाई के मूड में नजर आए। दोपहर करीब 12:15 बजे बड़ी संख्या में किसान धरनास्थल के सामने रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए और वहीं बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसानों ने रेलवे ट्रैक पर लगी बैरिकेडिंग भी हटा दी। रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर खुशाल यादव, पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीना, एडीएम उम्मेदीलाल मीणा सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसान नेताओं से वार्ता शुरू की।
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किसान नेताओं और प्रशासन के बीच हुई बातचीत में हनुमानगढ़ जिले के लिए 8 लाख बारदाना बैग उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद किसानों ने एसडीएम कार्यालय के बाहर लगाया गया धरना समाप्त कर टेंट हटा दिए। हालांकि किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि आंदोलन समाप्त नहीं, बल्कि स्थगित किया गया है।
किसान नेताओं का कहना है कि जब तक जिले के किसानों का एक-एक दाना न्यूनतम समर्थन मूल्य पर नहीं बिक जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। यदि प्रशासन अपने आश्वासन पर खरा नहीं उतरा तो 10 जून को जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा।
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गौरतलब है कि गेहूं खरीद बंद होने और बारदाने की कमी को लेकर जिलेभर के किसानों में नाराजगी थी। इससे पहले कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बानसूर कृषि उपज मंडी में भी किसानों ने सरकारी खरीद बंद होने के विरोध में मंडी गेट पर धरना-प्रदर्शन किया था। किसानों का आरोप था कि पंजीकरण कराने के बावजूद उनकी उपज की खरीद नहीं की जा रही है और बारदाने की कमी बताकर उन्हें वापस लौटाया जा रहा है। किसानों ने खरीद की अवधि बढ़ाने और पंजीकृत किसानों की उपज तत्काल खरीदने की मांग उठाई थी।
हनुमानगढ़ जिले में इस बार समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद का लक्ष्य 7.52 लाख मीट्रिक टन रखा गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार करीब 90 प्रतिशत खरीद पूरी हो चुकी है, लेकिन मंडियों में अभी भी बड़ी मात्रा में गेहूं पड़ा हुआ है। किसान संगठन और व्यापारिक संस्थाएं लगातार खरीद की अंतिम तिथि बढ़ाकर 30 जून तक करने की मांग कर रही हैं।
हालांकि प्रशासन ने अभी तक खरीद अवधि बढ़ाने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन किसानों को बारदाना उपलब्ध कराने और खरीद प्रक्रिया में आ रही दिक्कतों को दूर करने का भरोसा दिया गया है।