Rajasthan News: 92 पाकिस्तानी नंबर और संदिग्ध चैट; बबीता के मोबाइल ने उगले आतंकी साजिश के बड़े राज
जयपुर की बबीता के पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े लोगों के संपर्क में होने का दावा एटीएस जांच में सामने आया। एजेंसी को पाकिस्तान यात्रा, क्रिप्टो और डिजिटल गतिविधियों से जुड़े सुराग मिले हैं।
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राजस्थान एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) की जांच में जयपुर निवासी बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा का मोबाइल फोन उसके पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से संपर्कों के राज एक-एक कर खोल रहा है।
एटीएस की पड़ताल में सामने आया कि बबीता के मोबाइल फोन में दो सिम कार्ड काम कर रहे थे। इसमें वह फेसबुक पर "दुनिया धोखेबाज " नाम से एक अकाउंट भी चला रही थी। इस अकाउंट की प्रोफाइल तस्वीर में हथियार प्रदर्शित किए गए थे और करीब 370 फेसबुक फ्रेंड्स में बड़ी संख्या पाकिस्तान और अन्य देशों के लोगों की बताई गई है।
एटीएस की जांच में सामने आया कि बबीता ने अपने तीन भारतीय मोबाइल नंबरों के व्हाट्सएप ओटीपी जैश-ए-मोहम्मद के कथित कमांडर अबू-उबैदाह के साथ साझा किए थे, ताकि भारतीय मोबाइल नंबरों का उपयोग संगठन के सदस्य कर सकें और जांच एजेंसियों की निगरानी से बचा जा सके।
अबू-उबैदाह से शादी के लिए पाकिस्तान जाने की योजना
जांच के अनुसार महिला पाकिस्तान जाकर अबू-उबैदाह से शादी करना चाहती थी। इसके लिए उसे नेपाल, सऊदी अरब अथवा यूएई के रास्ते पाकिस्तान आने की योजना बताई गई थी और यात्रा खर्च क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से उपलब्ध कराने की बात कही गई थी। इसी कारण उसने पासपोर्ट, वीजा और क्रिप्टो करेंसी से संबंधित जानकारी ऑनलाइन खोजी और संबंधित एप्लीकेशन भी डाउनलोड की।
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पहचान छिपाने के लिए चैट डिलीट की
जानकारी में सामने आया है कि महिला ने आतंकियों के साथ हुई चैट, फोटो और वीडियो सहित कई डिजिटल साक्ष्यों को अपनी पहचान छिपाने के उद्देश्य से डिलीट किया और सोशल मीडिया पर फर्जी नामों से भी अकाउंट संचालित किए।
प्रारंभिक जांच में कई ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट भी सामने आए, जिन पर जैश-ए-मोहम्मद के झंडे, हथियारों के साथ तस्वीरें, उग्रवादी विचारधारा से जुड़ी सामग्री और संदिग्ध पोस्ट साझा की गई थीं। एजेंसी को महिला के फेसबुक मैसेंजर में Uzma Jaan, Kuran Let और Abu Suleman नामक प्रोफाइलों से संवाद के संकेत भी मिले हैं।
मोबाइल में 92 पाकिस्तानी नंबर मिले
जांच में यह भी सामने आया कि महिला के मोबाइल में सामान्य व्हाट्सएप के साथ बिजनेस व्हाट्सएप भी सक्रिय था। एजेंसी को कई पाकिस्तानी और अफगानिस्तानी मोबाइल नंबरों के साथ चैट, कॉल और मिस्ड कॉल के रिकॉर्ड मिले हैं। एटीएस के मुताबिक महिला की कॉन्टैक्ट लिस्ट में करीब 92 पाकिस्तानी नंबर सेव थे और कुल मिलाकर लगभग 300 संपर्क दर्ज थे।
जांच एजेंसियों के अनुसार इन नंबरों में से एक का संबंध कथित रूप से जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर कारी जरार से और दूसरे का संबंध संगठन के संस्थापक मसूद अजहर के रिश्तेदार यूसुफ अजहर उर्फ उस्ताद गौरी से होने की आशंका है। दोनों नाम पहले से कई आतंकी मामलों में जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड में दर्ज हैं।
ऑनलाइन कनवर्जन की बात कही
एटीएस की जांच में यह भी सामने आया कि महिला के अबू-उबैदाह नामक व्यक्ति के साथ घनिष्ठ संबंध विकसित हुए थे। जांच में शामिल दस्तावेजों और बयानों के अनुसार महिला ने कथित तौर पर अप्रैल 2026 में ऑनलाइन माध्यम से इस्लाम धर्म स्वीकार किया था। एजेंसी इस दावे के तथ्यों की भी जांच कर रही है।
जांच अधिकारियों के अनुसार महिला पाकिस्तान जाकर अबू-उबैदाह से विवाह करना चाहती थी। इसके लिए नेपाल, सऊदी अरब या संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के रास्ते पाकिस्तान पहुंचने की योजना पर चर्चा होने के संकेत मिले हैं। एटीएस को यह भी जानकारी मिली है कि यात्रा खर्च के लिए क्रिप्टोकरेंसी के इस्तेमाल की बात हुई थी। इसी क्रम में महिला द्वारा पासपोर्ट, वीजा और क्रिप्टोकरेंसी से संबंधित जानकारियां ऑनलाइन खोजने तथा कुछ एप्लीकेशन डाउनलोड करने की जानकारी भी सामने आई है।
जांच में यह आरोप भी सामने आया है कि महिला ने अपने तीन भारतीय मोबाइल नंबरों के व्हाट्सएप ओटीपी कथित रूप से अबू-उबैदाह के साथ साझा किए थे। एजेंसियां इस पहलू की जांच कर रही हैं कि कहीं इन नंबरों का उपयोग भारत में पहचान छिपाकर डिजिटल संचार के लिए तो नहीं किया गया।