Jaipur Bribe News: सील नहीं करने की एवज में मांगी थी 2 लाख की घूस, जयपुर नगर निगम का JEN 80 हजार लेते गिरफ्तार
जयपुर में एसीबी ने नगर निगम के जेईएन संजय कुमार बैरवा को 80 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। आरोपी पर निर्माणाधीन मकान को सील नहीं करने के बदले घूस मांगने का आरोप है।
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भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जयपुर नगर निगम के एक कनिष्ठ अभियंता (JEN) को 80 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी जेईएन संजय कुमार बैरवा पर आरोप है कि उसने निर्माणाधीन मकान को सील नहीं करने और निर्माण कार्य निर्बाध रूप से जारी रखने देने के बदले 2 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी।
एसीबी महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि परिवादी ने अपने पुराने जर्जर मकान को तोड़कर नया मकान बनाने के लिए सिविल लाइंस जोन में भवन निर्माण स्वीकृति के लिए आवेदन किया था। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद मकान की सील हटाई गई और बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर तथा प्रथम तल के निर्माण की विधिवत अनुमति भी प्रदान कर दी गई थी।
इसके बावजूद 3 जून को जेईएन संजय कुमार बैरवा और नगर निगम का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दीनदयाल निर्माणाधीन मकान पर पहुंचे। आरोप है कि दोनों ने मकान को दोबारा सील करने, गार्ड तैनात करने और निर्माण कार्य रुकवाने की धमकी देकर परिवादी पर दबाव बनाया। इसके बाद जेईएन ने स्वयं और तत्कालीन उपायुक्त (डीसी) सुनील बैरवा के नाम पर 2 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की।
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परिवादी की शिकायत पर एसीबी ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया। जांच के दौरान 1 लाख रुपए की रिश्वत मांग की पुष्टि हुई। सत्यापन के समय जेईएन के निर्देश पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दीनदयाल ने परिवादी से 20 हजार रुपए की पहली किस्त भी प्राप्त कर ली थी।
एसीबी के अनुसार इसके बाद आरोपी लगातार शेष राशि देने के लिए दबाव बना रहा था। शिकायत की पुष्टि होने पर ब्यूरो ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। सोमवार को एसीबी टीम ने जेईएन संजय कुमार बैरवा को 80 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।
मामले में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दीनदयाल की भूमिका की भी जांच की जा रही है। एसीबी यह भी पड़ताल कर रही है कि रिश्वत मांगने में अन्य किसी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता तो नहीं थी। आरोपी के ठिकानों और वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है।
एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।