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आयुष्मान योजना: लंबे अरसे से अटके क्लेम; 98 हजार से ज्यादा शिकायतें, अफसर बोले 72% मामलों की जांच पूरी
Tue, 28 Jul 2026 07:34 AM IST
Sourabh Bhatt
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: Sourabh Bhatt
Updated Tue, 28 Jul 2026 07:34 AM IST
सार
राजस्थान में आयुष्मान योजना के तहत पेंडिंग क्लेम्स के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। क्लेम रिव्यू कमेटी को अब तक 98,022 क्लेम अपीलें मिलीं है। अफसरों का कहना है कि इनमें से 72% मामलों की जांच पूरी कर ली गई है-
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जयपुर एसएमएस अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में अस्पतालों के पेंडिंग क्लेम्स को लेकर सरकार के पास शिकायतों का ढेर लग रहा है। इन क्लेम्स को निपटाने के लिए अब स्वास्थ्य विभाग ने जिला स्तर पर ही क्लेम रिव्यू कमेटी गठित कर सुनवाई शुरू कर दी है। विभाग के अनुसार कमेटी को अब तक 98,022 क्लेम शिकायतें (अपील) प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 70,610 मामलों (करीब 72 प्रतिशत) की जांच पूरी कर ली गई है। जांच के बाद 26,698 पात्र मामलों में 19.61 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य प्रमुख सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि क्लेम निस्तारण प्रक्रिया को विकेंद्रीकृत किया गया है। अब क्लेम रिव्यू कमेटी (CRC) की टीम जयपुर बुलाने के बजाय सीधे संबंधित अस्पतालों में जाकर सुनवाई कर रही है। इससे वर्षों से लंबित मामलों का तेजी से निस्तारण हो रहा है और अस्पतालों को स्वीकृत राशि समय पर मिल रही है। उन्होंने कहा कि पहले क्लेम अपीलों के निस्तारण में कई बार एक वर्ष या उससे अधिक समय लग जाता था, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद बड़ी संख्या में मामलों का करीब एक महीने में निस्तारण संभव हुआ है।
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SMS अस्पताल में सबसे ज्यादा शिकायतें
राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरजीलाल अटल ने बताया कि सबसे अधिक 74,524 शिकायतें एसएमएस अस्पताल से संबंधित थीं। इनमें 47,680 मामलों की जांच पूरी कर 17,329 मामलों में 14.48 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई। एसएसबी अस्पताल की 4,229 अपीलों का 100% निस्तारण, 1,694 मामलों में 91.53 लाख रुपए स्वीकृत हुए हैं। जेके लोन अस्पताल की 4,531 मामलों में 1.51 करोड़ रुपए, जनाना अस्पताल में 1,431 मामलों में 1.50 करोड़ रुपए मंजूर हुए। वहीं एससीआई अस्पताल में 783 मामलों में 76.70 लाख रुपए तथा महिला अस्पताल के 930 मामलों में 43.93 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी निधि पटेल ने बताया कि कुल अपीलों में लगभग 76 प्रतिशत हिस्सा अकेले एसएमएस अस्पताल का है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण किया गया है। विभाग ने शेष लंबित क्लेमों का भी जल्द निपटारा करने के निर्देश दिए हैं, ताकि सरकारी अस्पतालों को उनका भुगतान समय पर मिल सके और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य प्रमुख सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि क्लेम निस्तारण प्रक्रिया को विकेंद्रीकृत किया गया है। अब क्लेम रिव्यू कमेटी (CRC) की टीम जयपुर बुलाने के बजाय सीधे संबंधित अस्पतालों में जाकर सुनवाई कर रही है। इससे वर्षों से लंबित मामलों का तेजी से निस्तारण हो रहा है और अस्पतालों को स्वीकृत राशि समय पर मिल रही है। उन्होंने कहा कि पहले क्लेम अपीलों के निस्तारण में कई बार एक वर्ष या उससे अधिक समय लग जाता था, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद बड़ी संख्या में मामलों का करीब एक महीने में निस्तारण संभव हुआ है।
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SMS अस्पताल में सबसे ज्यादा शिकायतें
राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरजीलाल अटल ने बताया कि सबसे अधिक 74,524 शिकायतें एसएमएस अस्पताल से संबंधित थीं। इनमें 47,680 मामलों की जांच पूरी कर 17,329 मामलों में 14.48 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई। एसएसबी अस्पताल की 4,229 अपीलों का 100% निस्तारण, 1,694 मामलों में 91.53 लाख रुपए स्वीकृत हुए हैं। जेके लोन अस्पताल की 4,531 मामलों में 1.51 करोड़ रुपए, जनाना अस्पताल में 1,431 मामलों में 1.50 करोड़ रुपए मंजूर हुए। वहीं एससीआई अस्पताल में 783 मामलों में 76.70 लाख रुपए तथा महिला अस्पताल के 930 मामलों में 43.93 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी निधि पटेल ने बताया कि कुल अपीलों में लगभग 76 प्रतिशत हिस्सा अकेले एसएमएस अस्पताल का है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण किया गया है। विभाग ने शेष लंबित क्लेमों का भी जल्द निपटारा करने के निर्देश दिए हैं, ताकि सरकारी अस्पतालों को उनका भुगतान समय पर मिल सके और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।