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भूखंड विवाद पर गहलोत का सवाल: BJP कार्यालयों के लिए जमीन, समाज और छात्रों के लिए क्यों नहीं?

Mon, 27 Jul 2026 05:01 PM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sourabh Bhatt Updated Mon, 27 Jul 2026 05:01 PM IST
सार

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर 300 से अधिक भूखंड आवंटन रद्द करने का आरोप लगाया। उन्होंने श्वेत पत्र की मांग की, जबकि भाजपा ने नियमों के तहत समीक्षा का दावा किया।

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Political Storm Over Land Allotments: Gehlot Seeks White Paper, BJP Defends Review
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर कांग्रेस शासन के दौरान सामाजिक संस्थाओं, छात्रावासों और जनहित परियोजनाओं के लिए किए गए 300 से अधिक भूखंड आवंटन रद्द करने का आरोप लगाया है। उन्होंने राज्य सरकार से इस पूरे मामले पर श्वेत पत्र (White Paper) जारी कर यह बताने की मांग की कि किन-किन आवंटनों को किस आधार पर निरस्त किया गया।
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सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में गहलोत ने कहा कि जिन भूखंडों के आवंटन रद्द किए गए, वे किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं बल्कि ग्रामीण और दूरदराज के विद्यार्थियों के छात्रावास, सामाजिक संस्थाओं और सार्वजनिक उपयोग की परियोजनाओं के लिए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कई संस्थाओं ने निर्धारित सुरक्षा राशि जमा कराने के बावजूद उनके आवंटन निरस्त कर दिए गए।
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'समाजों का अपमान, युवाओं के भविष्य पर चोट'

गहलोत ने कहा कि इन फैसलों से विभिन्न समाजों में नाराजगी है। उनके अनुसार, यह केवल संस्थाओं के साथ अन्याय नहीं बल्कि समाजों का अपमान और युवाओं के भविष्य पर भी आघात है।
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BJP कार्यालयों के लिए जमीन पर उठाए सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि एक ओर सामाजिक और जनकल्याणकारी संस्थाओं के भूखंड रद्द किए जा रहे हैं, वहीं भाजपा के नए प्रदेश मुख्यालय और जिला कार्यालयों के लिए जमीन आवंटन में कोई कमी नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राजस्थान की जमीन सिर्फ भाजपा कार्यालयों के लिए है, पिछड़े वर्गों और बच्चों के लिए नहीं?


श्वेत पत्र जारी करने की मांग

गहलोत ने सरकार से मांग की कि वह सार्वजनिक रूप से बताए कि किन संस्थाओं के भूखंड रद्द किए गए और इसके पीछे क्या कारण थे। उन्होंने सरकार से सभी "प्रतिशोधात्मक" फैसले वापस लेकर निरस्त किए गए आवंटनों को बहाल करने की भी मांग की।

BJP का पलटवार

भाजपा प्रवक्ता रामलाल शर्मा ने गहलोत के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में कई संस्थाओं को नियमों की अनदेखी कर भूखंड आवंटित किए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इनमें से कई संस्थाएं व्यक्तिगत हितों या कांग्रेस कार्यकर्ताओं से जुड़ी थीं। शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार पिछली सरकार के सभी भूखंड आवंटनों की समीक्षा कर रही है। जो आवंटन नियमों के अनुरूप पाए जाएंगे, उन्हें जारी रखा जाएगा, जबकि अनियमित या नियमों के विपरीत किए गए आवंटन निरस्त किए जाएंगे।
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