CAG रिपोर्ट में राजस्थान की विकास रफ्तार पर सवाल, पूंजीगत खर्च में पिछड़े राज्यों में शामिल; कांग्रेस ने सरकार
CAG की रिपोर्ट में राजस्थान पूंजीगत खर्च के मामले में पिछड़े राज्यों में शामिल रहा। विपक्ष ने भजनलाल सरकार पर विकास कार्यों में सुस्ती और बढ़ते कर्ज को लेकर सवाल उठाए। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार विकास से ज्यादा कर्ज बढ़ाने पर फोकस कर रही है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
देश में बुनियादी ढांचा विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) के ताजा आंकड़ों ने कई राज्यों के विकास खर्च की धीमी रफ्तार उजागर कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में देश के 20 प्रमुख राज्यों ने पूंजीगत व्यय के लिए तय बजट का औसतन केवल 77 प्रतिशत हिस्सा ही खर्च किया।
सीएजी के प्रोविजनल आंकड़ों के विश्लेषण के मुताबिक इन राज्यों ने कुल 10.26 लाख करोड़ रुपए का पूंजीगत बजट निर्धारित किया था, लेकिन मार्च 2026 तक केवल 7.92 लाख करोड़ रुपए ही खर्च हो सके। रिपोर्ट में कांग्रेस शासित तेलंगाना और कर्नाटक विकास खर्च के मामले में सबसे आगे रहे, जबकि भाजपा शासित राजस्थान और छत्तीसगढ़ पिछड़े राज्यों में शामिल रहे।
तेलंगाना ने बजट से ज्यादा खर्च किया
रिपोर्ट के अनुसार तेलंगाना ने पूंजीगत व्यय में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। राज्य सरकार ने 36,504 करोड़ रुपए का बजट तय किया था, जबकि वास्तविक खर्च 53,873 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। इस तरह तेलंगाना ने 147.58 प्रतिशत बजट उपयोग दर्ज किया।
यह भी पढें- Rajasthan: सीमा जाखड़ केस में राजस्थान सरकार को हाईकोर्ट ने लगाई फटकार, कहा- 'जमानत रद्द करना इतना आसान नहीं'
राजस्थान पर कांग्रेस का हमला
सीएजी रिपोर्ट को लेकर राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भजनलाल सरकार पर निशाना साधा है। जूली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि विधानसभा में जिस मुद्दे को कांग्रेस लगातार उठाती रही, अब उस पर सीएजी रिपोर्ट ने भी मुहर लगा दी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विकास के दावों के बावजूद पूंजीगत खर्च के मामले में पिछड़ गई है। जूली के अनुसार राजस्थान सरकार विकास बजट का केवल 51.82 प्रतिशत हिस्सा ही खर्च कर पाई, जिससे प्रदेश विकास कार्यों में देश के सबसे पिछड़े राज्यों में शामिल हो गया।
“विकास नहीं, कर्ज में आगे राजस्थान”
टीकाराम जूली ने कहा कि यदि अस्पताल, सड़कें और स्कूल नहीं बनेंगे तो युवाओं को रोजगार कैसे मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में विकास कार्य ठप हैं, लेकिन सरकार कर्ज लेने में रिकॉर्ड बना रही है। कांग्रेस नेता के मुताबिक राज्य सरकार ने बजट अनुमान से 65 प्रतिशत अधिक यानी 71,261 करोड़ रुपए का कर्ज लिया है, जो प्रदेश की वित्तीय स्थिति के लिए चिंताजनक संकेत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासित तेलंगाना और कर्नाटक विकास खर्च में आगे हैं, जबकि राजस्थान कर्ज के बोझ में दबता जा रहा है। जूली ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से सवाल करते हुए कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि विकास खर्च कम और कर्ज लगातार ज्यादा क्यों बढ़ रहा है।