Rajasthan: प्रिंस सोनी को न्याय दिलाने को कैंडल मार्च, स्कूल पर लगे आरोप; तीन दिन में कार्रवाई की दी चेतावनी
Rajasthan News: जयपुर के झोटवाड़ा स्थित महाराणा प्रताप स्कूल में छात्र प्रिंस सोनी की मौत के मामले में शुक्रवार को परिजनों, अभिभावकों और छात्रों ने कैंडल मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
झोटवाड़ा स्थित महाराणा प्रताप स्कूल में छात्र प्रिंस सोनी की मौत के मामले में शुक्रवार को न्याय की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाला गया। पीड़ित परिजनों और संयुक्त अभिभावक संघ के आह्वान पर शाम करीब 6 बजे चांदोलिया गार्डन से महाराणा प्रताप स्कूल तक निकाले गए इस मार्च में बड़ी संख्या में अभिभावक, परिजन, स्कूल के छात्र और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने प्रिंस सोनी को न्याय दिलाने और यदि स्कूल प्रशासन की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
श्रद्धांजलि सभा के बाद निकला कैंडल मार्च
कैंडल मार्च से पहले चांदोलिया गार्डन में प्रिंस सोनी की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इसमें परिजनों, सहपाठियों, छात्रों, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रिंस को श्रद्धांजलि अर्पित की।
‘तीन दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा प्रदर्शन’
संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि यदि प्रिंस की मौत के मामले में स्कूल प्रशासन की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि आगामी तीन दिनों में स्कूल प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो संयुक्त अभिभावक संघ की ओर से बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।
मां बोलीं- बेटे की मौत की असली वजह सामने आए
प्रिंस की मां निर्मला देवी ने कहा कि उनका बच्चा अब उनके बीच नहीं है, लेकिन परिवार चाहता है कि उसकी मौत की वास्तविक वजह सामने आए और दोषियों को न्याय के दायरे में लाया जाए। वहीं, पिता अमित सोनी ने कहा कि परिवार किसी से बदला नहीं चाहता, बल्कि अपने बेटे के लिए निष्पक्ष न्याय चाहता है।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
कैंडल मार्च के दौरान महाराणा प्रताप स्कूल के बाहर मौजूद पुलिस अधिकारियों को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम ज्ञापन सौंपा गया। संयुक्त अभिभावक संघ ने स्पष्ट किया कि प्रिंस को न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
छात्रों ने लगाया इलाज में देरी का आरोप
मार्च के दौरान स्कूल के बाहर मौजूद कुछ छात्रों ने मीडिया से बातचीत में स्कूल प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए। छात्रों का दावा है कि प्रिंस की तबीयत बिगड़ने के बाद वह करीब 45 मिनट तक परेशान रहा और उसे समय पर उचित चिकित्सा सहायता नहीं मिली। छात्रों ने यह भी कहा कि स्कूल के पास ही अस्पताल होने के बावजूद उसे तत्काल वहां ले जाने में देरी हुई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
शॉर्ट सर्किट और आग को लेकर भी उठे सवाल
एक छात्र ने स्कूल में पहले कथित शॉर्ट सर्किट की घटना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि आग लगने के बावजूद बच्चों को कक्षा से बाहर नहीं जाने दिया गया। छात्र के मुताबिक, घटना के दौरान उसके पेट पर चिंगारी गिरी और एक छात्रा का हाथ भी जल गया। इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कैंटीन के खाने पर भी छात्रों ने उठाए सवाल
छात्रों ने स्कूल की कैंटीन को लेकर भी शिकायतें रखीं। उनका आरोप है कि कई बार पुराना खाना गर्म करके बच्चों को दिया जाता है और ऐसा खाना खाने के बाद कुछ विद्यार्थियों की तबीयत खराब हुई। छात्रों ने कैंटीन व्यवस्था की जांच और बच्चों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने की मांग की।
शिक्षक पर धमकाने का आरोप
कुछ छात्रों ने एक शिक्षक पर धमकाने का आरोप भी लगाया। छात्रों का कहना है कि आवाज उठाने पर उन्हें टीसी देने की धमकी दी जाती है और उन्हें निशाना बनाए जाने का डर रहता है। छात्रों ने कहा कि वे दबाव में नहीं आएंगे और प्रिंस के लिए न्याय की मांग जारी रखेंगे।
यह भी पढ़ें: आरक्षण लॉटरी से निकला नया सियासी मुद्दा, ‘आबादी बनाम भागीदारी’ पर BJP-कांग्रेस आमने-सामने
स्कूलों में बेहतर मेडिकल सुविधा की मांग
छात्रों ने स्कूलों में प्राथमिक चिकित्सा और चिकित्सकीय सहायता की बेहतर व्यवस्था की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि पर्याप्त मेडिकल सुविधा उपलब्ध होने पर भविष्य में किसी बच्चे की तबीयत बिगड़ने की स्थिति में समय पर मदद मिल सकती है।
प्रिंस सोनी की मौत को लेकर सामने आए आरोपों की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग तेज हो गई है। परिजनों, अभिभावकों और छात्रों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।