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भर्ती घोटाले में फंसे कुलगुरु डॉ. देवस्वरूप पर गिरी गाज, राज्यपाल ने जारी किए हटाने के आदेश

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sourabh Bhatt Updated Thu, 28 May 2026 02:51 PM IST
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सार

राजस्थान विश्वविद्यालय में भर्ती अनियमितताओं और चहेते अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने के आरोप सही पाए जाने के बाद राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने प्रो. देवस्वरूप को कुलगुरु पद से हटा दिया। जांच समिति ने चयन प्रक्रिया में नियमों और यूजीसी प्रावधानों के उल्लंघन की पुष्टि की।

Governor Removes Vice Chancellor Over Recruitment Irregularities in Rajasthan University
प्रो. देव स्वरूप - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार

बाबा आमटे दिव्यांग विश्वविद्यालय, जयपुर के प्रथम कुलगुरु और विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलगुरु प्रो. देवस्वरूप को नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं और नियमों की अनदेखी के आरोपों के बाद पद से हटा दिया गया है। राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने राज्य सरकार के परामर्श से यह आदेश जारी किए।

राजभवन के अनुसार प्रो. देवस्वरूप पर राजस्थान विश्वविद्यालय में कुलपति रहते हुए वर्ष 2011-12 और चयन वर्ष 2013-14 की नियुक्तियों में धांधली कर चहेते अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने के आरोप लगे थे। इस संबंध में जयपुर निवासी डॉ. प्रेमलता सिंगारिया ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें अनुसूचित जाति वर्ग की महिला अभ्यर्थी के साथ अन्याय और विश्वविद्यालय नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया गया था।

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मामले की जांच के लिए कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. भगवती प्रसाद सारस्वत की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति गठित की गई थी। जांच रिपोर्ट में आरोपों को सही पाया गया। रिपोर्ट के मुताबिक चयन प्रक्रिया में यूजीसी नियमों और विश्वविद्यालय प्रावधानों को दरकिनार कर मनमाने तरीके से बैठकें आयोजित की गईं, मिनिट्स तैयार किए गए और कथित रूप से जाली व कूटरचित दस्तावेजों के जरिए नियुक्तियां दी गईं।

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रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि पात्र अभ्यर्थियों को कम अंक दिए गए, जबकि कथित रूप से चहेते अभ्यर्थियों को इंटरव्यू में अत्यधिक अंक देकर चयनित किया गया। शिकायतकर्ता डॉ. प्रेमलता सिंगारिया को शोध और शैक्षणिक रिकॉर्ड में पात्र होने के बावजूद कम अंक दिए जाने का भी उल्लेख किया गया है। जांच समिति ने अनुसूचित जाति, जनजाति और दिव्यांग वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित नियमों और आरक्षण प्रावधानों की अनुपालना नहीं होने संबंधी आरोपों को भी सही माना।

इसी के साथ राज्यपाल ने नए अंतरिम प्रभार संबंधी आदेश भी जारी किए हैं। राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय (राजुवास), जोबनेर के कुलगुरु प्रो. त्रिभुवन शर्मा को बाबा आमटे दिव्यांग विश्वविद्यालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वहीं हरिदेव जोशी पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. एन.के. पाण्डेय को विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कुलगुरु का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है।

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