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जयपुर के जर्जर स्कूलों पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगी पूरी रिपोर्ट; 7 दिन में देना होगा जवाब

Thu, 06 Aug 2026 04:39 PM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sourabh Bhatt Updated Thu, 06 Aug 2026 04:39 PM IST
सार

राजस्थान हाईकोर्ट ने जर्जर सरकारी स्कूलों पर सख्ती दिखाते हुए सरकार से एसएमपी-एसएमएलएडी फंड, मरम्मत कार्य और खर्च का ब्योरा मांगा। सभी जिलों को सात दिन में रिपोर्ट भेजनी होगी।

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High Court Cracks Down on Rajasthan's Dilapidated Schools, Seeks Detailed Status Report
राजस्थान हाईकोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

 राजस्थान में जर्जर सरकारी स्कूल भवनों को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने राज्य सरकार से एसएमपी-एसएमएलएडी (SMP-SMLAD) फंड के तहत स्कूलों को जारी की गई राशि, उसके उपयोग और स्वीकृत कार्यों का विस्तृत ब्योरा मांगा है। इसके बाद सरकार ने सभी जिला परिषदों से सात दिन के भीतर रिपोर्ट भेजने के निर्देश जारी किए हैं।
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अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्कूल शिक्षा) रोहित कुमार सिंह की ओर से जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि जुलाई 2025 से अब तक एसएमपी-एसएमएलएडी फंड से जारी राशि, स्वीकृत कार्यों, व्यय की स्थिति और शेष कार्यों का पूरा विवरण तत्काल उपलब्ध कराया जाए।
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यह कार्रवाई स्कूल भवनों की बदहाल स्थिति को लेकर हाईकोर्ट में लंबित जनहित याचिका (PIL) की सुनवाई के बीच की जा रही है। अदालत में सरकार को विस्तृत रिपोर्ट पेश करनी है, जिसके लिए सभी जिलों से तथ्य जुटाए जा रहे हैं।
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पिछले दिनों झालावाड़ के पिपलोदी में स्कूल भवन हादसे के बाद राज्य सरकार ने जर्जर विद्यालयों की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए एसएमपी-एसएमएलएडी फंड से 20 प्रतिशत राशि जारी करने के निर्देश दिए थे। अब हाईकोर्ट ने इस राशि के उपयोग और जमीनी स्तर पर हुए कार्यों का पूरा हिसाब तलब किया है।

शिक्षा विभाग के निर्देश के अनुसार सभी जिला परिषदों को निर्धारित प्रारूप में सात दिन के भीतर रिपोर्ट भेजनी होगी, ताकि उसे संकलित कर हाईकोर्ट में प्रस्तुत किया जा सके। सरकार की इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत और सुरक्षा कार्यों पर अब तक कितना काम हुआ और कितनी राशि खर्च की गई है।
 
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