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जयपुर खजाना कांड में नया खुलासा: मजदूर बोला- खजाना मिला था, हिस्सा नहीं मिला तो खोली पूरी कहानी

Wed, 22 Jul 2026 09:48 PM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sourabh Bhatt Updated Wed, 22 Jul 2026 09:48 PM IST
सार

जयपुर की ऐतिहासिक हवेली में कथित खजाना मिलने के मामले में नया मोड़ आया है। मजदूर ने खजाना मिलने का दावा किया। हिस्सा नहीं मिलने पर ठेकेदार के खिलाफ राज खोल दिया।

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Jaipur Treasure Row: Labourer Alleges Contractor Hid Gold, Silver Found in Historic Haveli
जयपुर की हवेली में खजाना - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

जयपुर के त्रिपोलिया बाजार स्थित विद्याधर का रास्ता इलाके की एक पुरानी हवेली में कथित खजाना मिलने के दावे ने नया मोड़ ले लिया है। हवेली को तोड़ने का काम कर रहे एक मजदूर ने दावा किया है कि खुदाई के दौरान सोने-चांदी के सिक्के और अन्य कीमती सामान मिला था। मजदूर का आरोप है कि ठेकेदार ने उसे हिस्सेदारी देने का वादा किया, लेकिन बाद में मुकर गया। इसके बाद उसने पूरी घटना की जानकारी हवेली मालिक को दी। मामले में हवेली मालिक ने ठेकेदार और उसके सहयोगियों के खिलाफ माणक चौक थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुटी है।

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मजदूर के बयान से सामने आया मामला

एफआईआर के अनुसार, जर्जर हो चुकी हवेली को गिराने का काम जनवरी 2026 में एक निजी कंपनी को सौंपा गया था। शिकायत में कहा गया है कि काम शुरू होने से पहले ठेकेदार और मजदूरों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि खुदाई या मलबे से यदि कोई कीमती वस्तु मिले तो उसे तुरंत परिवार को सौंपा जाएगा।
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हवेली मालिक राहुल सेठी का आरोप है कि कई महीने बाद एक मजदूर उनके पास पहुंचा और बताया कि खुदाई के दौरान चांदी की सिल्लियां, सोने के सिक्के और पुराने चांदी के सिक्के मिले थे। मजदूर के अनुसार, ठेकेदार ने उसे सोने-चांदी के 150 सिक्के देने का वादा किया था, लेकिन बाद में अपने वादे से मुकर गया। इसके बाद उसने पूरी घटना का खुलासा कर दिया।

खजाने के बंटवारे का भी दावा

सूत्रों के अनुसार, हवेली मालिकों और तोड़फोड़ का काम करने वाली कंपनी के बीच कथित तौर पर पहले से यह सहमति बनी थी कि यदि खुदाई में कोई खजाना मिलता है तो उसका 67 प्रतिशत हिस्सा मालिकों और 33 प्रतिशत हिस्सा कंपनी को मिलेगा। हालांकि, इस दावे की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

40 से 45 किलो चांदी और सोने के कलश मिलने का आरोप

एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि ठेकेदार और उसके सहयोगियों ने हवेली से मिली कथित कीमती सामग्री की जानकारी मालिकों को नहीं दी और उसे आपस में बांट लिया। शिकायत के मुताबिक, खुदाई के दौरान करीब 40 से 45 किलोग्राम चांदी की सिल्लियां, सोने के सिक्कों से भरे 14 से 15 कलश और 8 से 10 हजार पुराने चांदी के सिक्के मिले थे, जिन्हें कथित तौर पर गायब कर दिया गया। इस मामले में ठेकेदार महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू और उसके सहयोगियों अनुज, जगदीश, रजनी, रेहान, सुल्तान तथा पप्पू अजमेरा को नामजद किया गया है।


ऐतिहासिक क्षेत्र में स्थित है हवेली

जिस हवेली में कथित खजाना मिलने का दावा किया गया है, वह जयपुर के ऐतिहासिक विद्याधर का रास्ता क्षेत्र में स्थित है। यह इलाका शहर के प्राचीन और सांस्कृतिक महत्व वाले क्षेत्रों में शामिल है, जहां आज भी कई पुरानी हवेलियां मौजूद हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, सेठी परिवार इस इलाके के पुराने और प्रतिष्ठित परिवारों में गिना जाता है।

पुलिस जांच जारी, दावों की नहीं हुई पुष्टि

मामले में माणक चौक थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल कथित खजाना मिलने के दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि एफआईआर में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविकता सामने आएगी।

 

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