सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   JJM Scam Case Search Intensifies for Retired IAS Subodh Agrawal Know Details in Hindi

JJM Scam: रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल की तलाश तेज, FIR रद्द करने लगाई याचिका, पूर्व CS सुधांश पंत को भी घसीटा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: प्रिया वर्मा Updated Fri, 20 Feb 2026 10:12 AM IST
विज्ञापन
सार

जल जीवन मिशन के बहुचर्चित 979 करोड़ रुपये के कथित घोटाले ने सियासी और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। मामले में रिटायर्ड आईएएस की भूमिका को लेकर जांच एजेंसियां सक्रिय हैं और एसीबी उनकी तलाश में जुटी है।

JJM Scam Case Search Intensifies for Retired IAS Subodh Agrawal Know Details in Hindi
पूर्व आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

राजस्थान में जल जीवन मिशन घोटाले के मामले में रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल को लेकर जांच तेज हो गई है। एसीबी की टीम उनकी तलाश कर रही है, क्योंकि माना जा रहा है कि उनसे पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। इस बीच अग्रवाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर एसीबी द्वारा दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की है।

Trending Videos


याचिका में उन्होंने दावा किया है कि जेजेएम से जुड़े 95 प्रतिशत वर्क ऑर्डर तत्कालीन एसीएस सुधांश पंत की अध्यक्षता वाली वित्त समिति ने स्वीकृत किए थे। उनका कहना है कि उनका पीएचईडी में कार्यकाल 18 अप्रैल 2022 से शुरू हुआ और उनके कार्यकाल में 10 प्रतिशत से भी कम मूल्य के टेंडर मंजूर हुए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एसीबी ने सुधांश पंत के कार्यकाल की जांच नहीं की।
विज्ञापन
विज्ञापन


अग्रवाल के वकील दीपक चौहान के अनुसार उनकी अध्यक्षता वाली समिति ने संबंधित टेंडरों का कोई भुगतान नहीं किया, जिससे सरकार को कोई वित्तीय नुकसान नहीं हुआ। इरकॉन के ईमेल मिलने के बाद उन्होंने हाई लेवल कमेटी गठित की, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर दोनों फर्मों के टेंडर निरस्त कर उन्हें ब्लैकलिस्ट किया गया। संबंधित अधिकारी विशाल सक्सेना के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की गई थी।

गौरतलब है कि एसीबी ने हाल ही में राजस्थान सहित अन्य राज्यों में करीब 15 ठिकानों पर छापेमारी कर 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से 9 को एसीबी कोर्ट में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर भेजा गया है। सुबोध अग्रवाल के दिल्ली और जयपुर स्थित आवासों पर भी छापे मारे गए लेकिन वे पहले ही वहां से निकल चुके थे। एसीबी ने उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया है।

979 करोड़ के टेंडर
जल जीवन मिशन के 979 करोड के घोटाले को लेकर एसीबी, ईडी व सीबीआई जांच कर रहे हैं। जलदाय विभाग की जांच रिपोर्ट में भी साबित हो गया कि करोड़ों के इस घोटाले में इरकॉन के नाम पर फर्जी प्रमाण पत्र बनाए। विभाग की कमेटी ने 20 अधिकारियों को पूरे प्रकरण का जिम्मेदार माना था। जेजेएम में 2023 में जयपुर रीजन -प्रथम व जयपुर रीजन-द्वितीय, नागौर प्रोजेक्ट के साथ ही दूसरे रीजन व प्रोजेक्ट विंग की ओर से 2000 करोड़ से ज्यादा के काम फर्जी प्रमाण पत्रों से देने और घटिया कार्यों को लेकर कई शिकायतें हुई थीं। 

ये भी पढ़ें: Rajasthan News: सुबोध अग्रवाल के खिलाफ लुकआउट नोटिस, 900 करोड़ के जल जीवन मिशन घोटाले में जांच तेज

मैसर्स श्रीगणपति ट्यूबवेल कंपनी (शाहपुरा) व मैसर्स श्रीश्याम ट्यूबवेल कंपनी ने जेजेएम में ज्यादा काम लेने व घटिया मेटेरियल लगाकर अधिक कमाई करने के लिए इरकॉन के फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगाकर 900 करोड़ के काम हासिल किए थे। केवल जयपुर के जगतपुरा प्रोजेक्ट के टेंडर को लेकर हुई शिकायत को लेकर ही जांच कमेटी ने जांच की थी। इस दौरान ठेकेदार ने इरकॉन का फर्जी ऑफिस बनाकर वेरिफिकेशन करवा लिया। 

शिकायत के बाद एसीबी ने बनीपार्क में ठेकेदार पदमचंद जैन के ठिकाने पर छापा मारा था। इसमें ठेकेदार के साथ ही इंजीनियरों को गिरफ्तार किया गया। ईडी ने जेजेएम घोटाले को लेकर तीन बार छापे मारे हैं, वहीं सीबीआई ने भी मुकदमा दर्ज कर आधा दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया था।

इस प्रकरण में ईडी ने पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी, ठेकेदार पदमचंद जैन, महेश मित्तल, पीयूष जैन व अन्य व्यक्ति संजय बड़ाया को गिरफ्तार कर चुकी है हालांकि इन सभी को जमानत भी मिल चुकी है। इस प्रकरण को लेकर मुकदमा एसीबी में पहले ही दर्ज हो चुका है।

फर्जी पेमेंट पर एसीबी की नजर
श्री श्याम और गणपति ट्यूबवेल फर्म को बिना काम के 55 करोड के फर्जी पेमेंट में किया, जिसमें 139 इंजीनियर जांच के दायरे में है। इसमें 15 एक्सईएन, 40 एईएन और 50 जेईएन शामिल हैं। यहां करोड़ों का फर्जी पेमेंट किया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed