Rajasthan News: पूर्वी राजस्थान के राम जल सेतु प्रोजेक्ट में निर्माण तेज, रामगढ़-महलपुर बैराज के अहम काम पूरे
पूर्वी राजस्थान के राम जल सेतु लिंक प्रोजेक्ट में 2,396 करोड़ रुपए के पैकेज-1 के तहत रामगढ़ और महलपुर बैराज के अहम निर्माण कार्य पूरे हो गए हैं। नवनैरा पंप हाउस का काम भी तेजी से जारी है। परियोजना पेयजल, सिंचाई और औद्योगिक जल आपूर्ति से जुड़ी है।
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पूर्वी राजस्थान में चल रहे राम जल सेतु लिंक प्रोजेक्ट के तहत 2,396 करोड़ रुपए के पैकेज-1 में निर्माण कार्य तेज हो गया है। परियोजना के अंतर्गत बारां जिले में रामगढ़ और महलपुर बैराज के कॉफरडैम और ड्रेनेज चैनल का काम पूरा कर लिया गया है, जबकि नवनैरा पंप हाउस का निर्माण जारी है।
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, रामगढ़ बैराज कुनू नदी पर बनाया जा रहा है, जिसकी जल भंडारण क्षमता 45.30 एमसीएम होगी। इसमें से 3.90 एमसीएम पानी पेयजल के लिए आरक्षित किया गया है, जिससे करीब 1.96 लाख लोगों को लाभ मिलने का अनुमान है। वर्तमान में नॉन-ओवरफ्लो हिस्से में मिट्टी भराई और ओवरफ्लो सेक्शन में फाउंडेशन खुदाई का काम चल रहा है।
वहीं पार्वती नदी पर बन रहे महलपुर बैराज की क्षमता 258.41 एमसीएम तय की गई है। यहां भी कॉफरडैम और ड्रेनेज फीडर का निर्माण पूरा हो चुका है। परियोजना के तहत 7.54 एमसीएम पानी पेयजल और 10 एमसीएम औद्योगिक उपयोग के लिए आरक्षित किया गया है। बैराज क्षेत्र में पांच ब्लॉकों की जियोलॉजिकल मैपिंग पूरी होने के बाद कंक्रीट कार्य तेज करने के लिए बैचिंग प्लांट लगाया गया है।
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परियोजना के तहत नवनैरा पंप हाउस भी विकसित किया जा रहा है, जिसकी पानी डायवर्ट करने की क्षमता 375 क्यूमेक्स होगी। इसे परियोजना के जल परिवहन नेटवर्क का प्रमुख हिस्सा माना जा रहा है।
इससे पहले कोटा जिले में कालीसिंध नदी पर बने नवनैरा बैराज का निर्माण सितंबर 2024 में पूरा हो चुका है। 1,131 करोड़ रुपए की लागत से बने इस बैराज की भंडारण क्षमता 226.65 एमसीएम है। इसमें 69.99 एमसीएम पानी पेयजल और 10 एमसीएम औद्योगिक उपयोग के लिए आरक्षित किया गया है। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि परियोजना की प्रगति की नियमित समीक्षा की जा रही है और निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।