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LPG Crisis: 2000 किमी पाइपलाइन योजना के साथ PNG कनेक्शन बढ़ाने की तैयारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: Sourabh Bhatt
Updated Tue, 24 Mar 2026 08:32 AM IST
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सार
प्रदेश में एलपीजी सिलेंडरों के संकट के बीच अब राज्य सरकार ने पाइप्ड नेचुरल गैस के कनेक्शनों को तेजी से बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही वाणिज्यक संस्थानों में भी पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने के लिए कहा गया है।
LPG vs PNG
- फोटो : Adobe stock
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विस्तार
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राजस्थान में एलपीजी पर बढ़ती निर्भरता को कम करने के लिए राज्य सरकार ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के विस्तार पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घरेलू पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) कनेक्शन देने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि अधिक से अधिक घरों तक गैस पाइपलाइन के जरिए पहुंच सके।
राज्य के कई शहरों में लगभग 2000 किलोमीटर लंबा पाइप गैस नेटवर्क विकसित करने की योजना भी चल रही है. राज्य के जयपुर , कोटा , अलवर, अजमेर , जोधपुर ,
उदयपुर , पाली और बूंदी में पाइप गैस नेटवर्क मौजूद है। सीएम ने कहा कि पाइप्ड गैस न केवल सुरक्षित और सुविधाजनक है, बल्कि इससे सिलेंडर पर निर्भरता भी कम होगी। राज्य सरकार प्रदेश के होटल, रेस्टोरेंट, हॉस्पिटल और अन्य वाणिज्यिक इकाइयों को भी पीएनजी कनेक्शन लेने के प्रोत्साहित भी करेगी। सीएम भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में पाइपलाइन बिछाने से जुड़ी लंबित स्वीकृतियों को जल्द जारी करने के निर्देश देते हुए कहा कि जिला प्रशासन इस प्रक्रिया को प्राथमिकता से पूरा करे।
राजस्थान में 4.8 लाख PNG कनेक्शन
राजस्थान में पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) नेटवर्क का तेजी से विस्तार हो रहा है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में करीब 4.8 लाख घरों तक PNG कनेक्शन पहुंच चुके हैं, जबकि हजारों नए कनेक्शन देने की योजना पर काम जारी है। औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों में भी गैस कनेक्शन का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
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किन शहरों में मिल रही PNG की सुविधा
राजस्थान में पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) नेटवर्क का दायरा लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान में कई प्रमुख शहरों में यह सुविधा उपलब्ध है या तेजी से विस्तार हो रहा है। जयपुर और अलवर में करीब 9,691 कनेक्शन हैं, जबकि कोटा में यह संख्या 54,151 से अधिक है। अजमेर, पाली और राजसमंद क्षेत्र में सबसे ज्यादा लगभग 2,61,683 कनेक्शन दिए गए हैं। वहीं जोधपुर, जैसलमेर और बाड़मेर में कुल 51,002 कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं।
इसके अलावा भीलवाड़ा और बूंदी में 1,908, धौलपुर में 1,805, चित्तौड़गढ़ में 17,073 और रावतभाटा में 4,167 कनेक्शन हैं। जालौर और सिरोही में 8,430, गंगानगर-हनुमानगढ़ क्षेत्र में 7,067 तथा झुंझुनूं, सीकर और नागौर में 5,619 कनेक्शन उपलब्ध हैं। दौसा, सवाई माधोपुर, करौली और टोंक में 3,336 कनेक्शन दिए गए हैं, जबकि भिवाड़ी में यह संख्या 5,914 तक पहुंच चुकी है।
यह भी पढें- Chaitra Navratri: सिरोही की पहाड़ी पर विराजमान चामुंडा माता मंदिर, चंद्रावती शासनकाल से जुड़ी ऐतिहासिक धरोहर
जयपुर में PNG की वर्तमान स्थिति
राजधानी जयपुर में पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) नेटवर्क का विस्तार तेजी से किया जा रहा है। शहर में PNG आपूर्ति का मुख्य लाइसेंस टोरेंट गैस के पास है। शुरुआती चरण में विद्याधर नगर, झोटवाड़ा, वैशाली नगर और महिंद्रा वर्ल्ड सिटी जैसे क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछाकर घरेलू कनेक्शन दिए जा चुके हैं।
इसी तरह कोटा जिले में पाइप गैस वितरण का कार्य राजस्थान स्टेट गैस लिमिटेड के माध्यम से किया जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कोटा क्षेत्र में अब तक करीब 52 हजार से अधिक घरेलू PNG कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। राज्य में PNG नेटवर्क के विस्तार में राजस्थान गैस लिमिटेड, टोरेंट गैस और गेल गैस लिमिटेड जैसी कंपनियां प्रमुख भूमिका निभा रही हैं, जो शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों में गैस आपूर्ति को मजबूत बना रही हैं।
इनका कहना है
पाइप लाइन से गैस कितने उपभोक्ता को मिलती इसकी जानकारी किसी डीलर के पास नहीं है। सरकार ने नोटिफिकेशन जारी किया है, इसका क्रियान्वयन कैसे होगा यह किसी को पता नहीं है, सरकार और प्रशासन के स्तर पर कोई नीति बनानी होगी।
दीपक सिंह गहलोत, प्रदेशाध्यक्ष एलपीजी डीलर्स एसोसिएशन, राजस्थान
राज्य के कई शहरों में लगभग 2000 किलोमीटर लंबा पाइप गैस नेटवर्क विकसित करने की योजना भी चल रही है. राज्य के जयपुर , कोटा , अलवर, अजमेर , जोधपुर ,
उदयपुर , पाली और बूंदी में पाइप गैस नेटवर्क मौजूद है। सीएम ने कहा कि पाइप्ड गैस न केवल सुरक्षित और सुविधाजनक है, बल्कि इससे सिलेंडर पर निर्भरता भी कम होगी। राज्य सरकार प्रदेश के होटल, रेस्टोरेंट, हॉस्पिटल और अन्य वाणिज्यिक इकाइयों को भी पीएनजी कनेक्शन लेने के प्रोत्साहित भी करेगी। सीएम भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में पाइपलाइन बिछाने से जुड़ी लंबित स्वीकृतियों को जल्द जारी करने के निर्देश देते हुए कहा कि जिला प्रशासन इस प्रक्रिया को प्राथमिकता से पूरा करे।
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राजस्थान में 4.8 लाख PNG कनेक्शन
राजस्थान में पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) नेटवर्क का तेजी से विस्तार हो रहा है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में करीब 4.8 लाख घरों तक PNG कनेक्शन पहुंच चुके हैं, जबकि हजारों नए कनेक्शन देने की योजना पर काम जारी है। औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों में भी गैस कनेक्शन का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
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किन शहरों में मिल रही PNG की सुविधा
राजस्थान में पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) नेटवर्क का दायरा लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान में कई प्रमुख शहरों में यह सुविधा उपलब्ध है या तेजी से विस्तार हो रहा है। जयपुर और अलवर में करीब 9,691 कनेक्शन हैं, जबकि कोटा में यह संख्या 54,151 से अधिक है। अजमेर, पाली और राजसमंद क्षेत्र में सबसे ज्यादा लगभग 2,61,683 कनेक्शन दिए गए हैं। वहीं जोधपुर, जैसलमेर और बाड़मेर में कुल 51,002 कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं।
इसके अलावा भीलवाड़ा और बूंदी में 1,908, धौलपुर में 1,805, चित्तौड़गढ़ में 17,073 और रावतभाटा में 4,167 कनेक्शन हैं। जालौर और सिरोही में 8,430, गंगानगर-हनुमानगढ़ क्षेत्र में 7,067 तथा झुंझुनूं, सीकर और नागौर में 5,619 कनेक्शन उपलब्ध हैं। दौसा, सवाई माधोपुर, करौली और टोंक में 3,336 कनेक्शन दिए गए हैं, जबकि भिवाड़ी में यह संख्या 5,914 तक पहुंच चुकी है।
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जयपुर में PNG की वर्तमान स्थिति
राजधानी जयपुर में पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) नेटवर्क का विस्तार तेजी से किया जा रहा है। शहर में PNG आपूर्ति का मुख्य लाइसेंस टोरेंट गैस के पास है। शुरुआती चरण में विद्याधर नगर, झोटवाड़ा, वैशाली नगर और महिंद्रा वर्ल्ड सिटी जैसे क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछाकर घरेलू कनेक्शन दिए जा चुके हैं।
इसी तरह कोटा जिले में पाइप गैस वितरण का कार्य राजस्थान स्टेट गैस लिमिटेड के माध्यम से किया जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कोटा क्षेत्र में अब तक करीब 52 हजार से अधिक घरेलू PNG कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। राज्य में PNG नेटवर्क के विस्तार में राजस्थान गैस लिमिटेड, टोरेंट गैस और गेल गैस लिमिटेड जैसी कंपनियां प्रमुख भूमिका निभा रही हैं, जो शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों में गैस आपूर्ति को मजबूत बना रही हैं।
इनका कहना है
पाइप लाइन से गैस कितने उपभोक्ता को मिलती इसकी जानकारी किसी डीलर के पास नहीं है। सरकार ने नोटिफिकेशन जारी किया है, इसका क्रियान्वयन कैसे होगा यह किसी को पता नहीं है, सरकार और प्रशासन के स्तर पर कोई नीति बनानी होगी।
दीपक सिंह गहलोत, प्रदेशाध्यक्ष एलपीजी डीलर्स एसोसिएशन, राजस्थान