सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   matter of Anta assembly by-election reached BJP disciplinary committee candidate Morpal Suman Baran R

Rajasthan Politics: अंता उपचुनाव में भाजपा की अंदरूनी सियासत गरमाई, मोरपाल का जवाब पहुंचा अनुशासन समिति तक

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: तरुणेंद्र चतुर्वेदी Updated Fri, 06 Feb 2026 04:21 PM IST
विज्ञापन
सार

अंता विधानसभा उपचुनाव को लेकर भाजपा में आंतरिक सियासत तेज हो गई है। प्रत्याशी मोरपाल सुमन के जवाब के बाद प्रदेश नेतृत्व ने पूरा मामला अनुशासन समिति को सौंप दिया है, जिससे पार्टी के भीतर हलचल बढ़ गई है।

matter of Anta assembly by-election reached BJP disciplinary committee candidate Morpal Suman Baran R
सुमन के जवाब के बाद भाजपा में सियासी हलचल तेज। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

राजस्थान की अंता विधानसभा उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी के भीतर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी मोरपाल सुमन को प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ द्वारा जारी किए गए कारण बताओ नोटिस के बाद अब मामला अनुशासन समिति तक पहुंच गया है। मोरपाल सुमन ने तीन दिन की निर्धारित अवधि के भीतर अपना जवाब प्रदेश अध्यक्ष को सौंप दिया है।

Trending Videos

प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ इस समय राज्यसभा और लोकसभा की कार्यवाही में व्यस्त हैं और दिल्ली से जयपुर लौट रहे हैं। इस बीच उन्होंने टेलीफोनिक बातचीत में पुष्टि की कि मोरपाल सुमन का जवाब प्राप्त हो चुका है और अब पूरे प्रकरण को पार्टी की अनुशासन समिति के समक्ष भेजा जा रहा है, जो आगे की कार्रवाई तय करेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

वायरल चिट्ठी से बढ़ा विवाद
पूरा विवाद एक वायरल पत्र से जुड़ा है, जिसमें मोरपाल सुमन के साथ ललित मीणा विधायक और राधेश्याम बैरवा विधायक के नाम भी सामने आए थे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ललित मीणा ने कहा, “यह हमारे परिवार और पार्टी का अंदरूनी मामला है। पार्टी अपने स्तर पर इसकी जांच करेगी।”

वहीं विधायक राधेश्याम बैरवा ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, “यह पूरी तरह गलत है। हमने पूरे चुनाव के दौरान मोरपाल सुमन का पूरा समर्थन किया। हार-जीत तो राजनीति का हिस्सा है।”


ये भी पढ़ें- Jhalawar News: पापा की बंदूक साफ कर रहा था युवक, अचानक चल गई गोली, आधा दर्जन छर्रे शरीर में घुसे

भाजपा के भीतर उठे कई सवाल
वायरल पत्र, उसके बाद प्रदेश अध्यक्ष का नोटिस, प्रत्याशी का जवाब और अब मामला अनुशासन समिति तक पहुंचना। ये सभी घटनाक्रम भाजपा की आंतरिक राजनीति में गंभीर संकेत दे रहे हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अनुशासन समिति की जांच केवल मोरपाल सुमन तक सीमित रहेगी? क्या वायरल पत्र में जिन वरिष्ठ नेताओं के नाम आए हैं, उनसे भी पूछताछ होगी? क्या जांच के दौरान और नाम सामने आ सकते हैं? क्या पार्टी संगठन प्रभावशाली नेताओं पर भी कार्रवाई करने का साहस दिखाएगा?

फिलहाल इन सवालों के जवाब भविष्य के गर्भ में हैं, लेकिन इतना तय है कि यह मामला आने वाले दिनों में भाजपा की अंदरूनी राजनीति को और अधिक गर्माने वाला है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed