{"_id":"6a30ff7b118fa6da620c7760","slug":"mbbs-graduates-turn-cyber-fraudsters-jaipur-police-busts-digital-arrest-gang-linked-to-over-100-cases-jaipur-news-c-1-1-noi1422-4400100-2026-06-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajasthan: कजाकिस्तान से एमबीबीएस कर लौटे, फिर बनाया साइबर ठगी का नेटवर्क, महिला से ऐंठे 24 लाख रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajasthan: कजाकिस्तान से एमबीबीएस कर लौटे, फिर बनाया साइबर ठगी का नेटवर्क, महिला से ऐंठे 24 लाख रुपये
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Tue, 16 Jun 2026 05:27 PM IST
विज्ञापन
सार
जयपुर पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर देशभर में करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि गिरोह के कई सदस्य कजाकिस्तान से मेडिकल की पढ़ाई कर चुके हैं। जानें पूरा मामला…
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
जयपुर के श्याम नगर थाना पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर देशभर में करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए दो आरोपियों गणेश चौधरी और दुष्यंत जांगिड़ को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि गिरोह के कई सदस्य कजाकिस्तान से एमबीबीएस की पढ़ाई कर चुके हैं और मेडिकल प्रोफेशन छोड़ साइबर अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गए।
कजाकिस्तान में दोस्ती के बाद भारत में बनाया ठगी का नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी गणेश चौधरी और फरार मास्टरमाइंड सुनील बिश्नोई उर्फ कार्तिक कजाकिस्तान में पढ़ाई के दौरान दोस्त बने थे। बाद में दोनों ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को डराकर ठगी करने का नेटवर्क तैयार किया। गिरोह का एक अन्य सदस्य जगदीश भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
महिला डॉक्टर को चार दिन तक रखा डिजिटल अरेस्ट
गिरोह की सबसे चर्चित वारदात जयपुर की 75 वर्षीय महिला डॉक्टर के साथ हुई। ठगों ने खुद को प्रवर्तन निदेशालय और अन्य जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर महिला को चार दिनों तक लगातार फोन और वीडियो कॉल के जरिए निगरानी में रखा। आरोपियों ने महिला को बताया कि उनका पैसा आतंकवाद और देशविरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल हो रहा है तथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डर और मानसिक दबाव में आकर महिला ने 24 लाख रुपये आरोपियों के खातों में ट्रांसफर कर दिए।
विज्ञापन
जयपुर के बाद बंगलूरू में भी लगाया लाखों का चूना
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि जयपुर में ठगी की घटना के तुरंत बाद इसी गिरोह ने बेंगलुरु में 40 लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी को अंजाम दिया। गिरोह विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों के बैंक खातों का उपयोग कर ठगी की रकम जमा करवाता था और बाद में यूएसडीटी जैसी डिजिटल करेंसी खरीदकर पैसों का ट्रैक छिपाने की कोशिश करता था।
यह भी पढ़ें: राहुल गांधी के कोटा दौरे से पहले गरमाई सियासत, सरकार पर भड़के पूर्व सीएम गहलोत; बोले- भाजपा पूरी तरह बौखला गई
32 एटीएम कार्ड, 12 चेकबुक और नकदी बरामद
आरोपियों के कब्जे से 32 एटीएम कार्ड, 12 चेकबुक, 9 पासबुक, 8 सिम कार्ड, 2 रबर स्टाम्प, 5 मोबाइल फोन और 1.27 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। साइबर पोर्टल पर गिरोह और उसके नेटवर्क के खिलाफ देशभर से 100 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं।
पुलिस ने की लोगों से अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती। यदि कोई व्यक्ति फोन पर खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी या अन्य एजेंसी का अधिकारी बताकर धमकाए और पैसे मांगे तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
कजाकिस्तान में दोस्ती के बाद भारत में बनाया ठगी का नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी गणेश चौधरी और फरार मास्टरमाइंड सुनील बिश्नोई उर्फ कार्तिक कजाकिस्तान में पढ़ाई के दौरान दोस्त बने थे। बाद में दोनों ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को डराकर ठगी करने का नेटवर्क तैयार किया। गिरोह का एक अन्य सदस्य जगदीश भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
महिला डॉक्टर को चार दिन तक रखा डिजिटल अरेस्ट
गिरोह की सबसे चर्चित वारदात जयपुर की 75 वर्षीय महिला डॉक्टर के साथ हुई। ठगों ने खुद को प्रवर्तन निदेशालय और अन्य जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर महिला को चार दिनों तक लगातार फोन और वीडियो कॉल के जरिए निगरानी में रखा। आरोपियों ने महिला को बताया कि उनका पैसा आतंकवाद और देशविरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल हो रहा है तथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डर और मानसिक दबाव में आकर महिला ने 24 लाख रुपये आरोपियों के खातों में ट्रांसफर कर दिए।
जयपुर के बाद बंगलूरू में भी लगाया लाखों का चूना
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि जयपुर में ठगी की घटना के तुरंत बाद इसी गिरोह ने बेंगलुरु में 40 लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी को अंजाम दिया। गिरोह विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों के बैंक खातों का उपयोग कर ठगी की रकम जमा करवाता था और बाद में यूएसडीटी जैसी डिजिटल करेंसी खरीदकर पैसों का ट्रैक छिपाने की कोशिश करता था।
यह भी पढ़ें: राहुल गांधी के कोटा दौरे से पहले गरमाई सियासत, सरकार पर भड़के पूर्व सीएम गहलोत; बोले- भाजपा पूरी तरह बौखला गई
32 एटीएम कार्ड, 12 चेकबुक और नकदी बरामद
आरोपियों के कब्जे से 32 एटीएम कार्ड, 12 चेकबुक, 9 पासबुक, 8 सिम कार्ड, 2 रबर स्टाम्प, 5 मोबाइल फोन और 1.27 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। साइबर पोर्टल पर गिरोह और उसके नेटवर्क के खिलाफ देशभर से 100 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं।
पुलिस ने की लोगों से अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती। यदि कोई व्यक्ति फोन पर खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी या अन्य एजेंसी का अधिकारी बताकर धमकाए और पैसे मांगे तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।