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राजस्थान के 693 में सिर्फ 5 बांध फुल, 276 अब भी खाली: भीषण जल संकट से बचने के लिए अब सिर्फ मानसून से आस

Sat, 11 Jul 2026 02:50 PM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sourabh Bhatt Updated Sat, 11 Jul 2026 02:50 PM IST
सार

राजस्थान में मानसून की दस्तक के बावजूद बांधों में पानी का स्तर अभी तक पिछले साल के बराबर नहीं पहुंच पाया है। प्रदेश के 693 बांधों में कुल क्षमता का 45.49 फीसदी पानी ही बचा है, जबकि पिछले साल इसी समय यह आंकड़ा 57.70 फीसदी था। 

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Monsoon Fails to Refill Rajasthan Reservoirs; 276 Dams Still Dry
पांचना बांध - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान में मानसून की एंट्री हो चुकी है। लेकिन बांधों के पेट खाली पड़े हैं। मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान में फिलहाल मानसून की स्थिति कमजोर है और अगले एक सप्ताह तक बारिश सामान्य से कम रहने के आसार हैं। इधर जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट ने चिंता और बढ़ा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के 693 बांधों में कुल 5,926.55 मिलियन क्यूबिक मीटर (Mcum) पानी ही बचा है, जो बांधों की कुल क्षमता 13,029.09 Mcum का 45.49 प्रतिशत ही है। जबकि पिछले वर्ष 11 जुलाई को यही जलभराव 57.70 प्रतिशत (7,517.40 Mcum) था। यानी इस बार पिछले साल की तुलना में  लगभग 1,591 Mcum कम पानी है। वहीं राजस्थान के ज्यादातर शहर पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। राजधानी जयपुर में ही जगतपुरा इलाके में 10 दिन से पानी की सप्लाई बंद है। लोग टैंकरों से काम चल रहे हैं। 

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कोटा जोन सबसे बेहतर स्थिति में, भरतपुर और जोधपुर की हालत खराब

- प्रदेश के छह जल संसाधन जोनों में कोटा जोन सबसे बेहतर स्थिति में है। यहां के बांधों में 56.33 प्रतिशत जलभराव दर्ज किया गया है, हालांकि यह भी पिछले वर्ष के 79.45 प्रतिशत से काफी कम है।

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- जयपुर जोन में जलभराव 47.95 प्रतिशत, बांसवाड़ा में 44.75 प्रतिशत और उदयपुर जोन में 36.77 प्रतिशत है। उदयपुर एकमात्र ऐसा जोन है जहां पिछले साल की तुलना में ज्यादा पानी है। इसका कारण है कि मानसून की एंट्री के साथ ही उदयपुर संभाग में भारी वर्षा दर्ज की गई थी, जिससे वहां बांधों में पानी की आवक हुई।
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-वहीं भरतपुर जोन में केवल 25.06 प्रतिशत और जोधपुर जोन में 18.46 प्रतिशत जलभराव है, जिससे इन क्षेत्रों में पानी की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।

यह भी पढें- Rajasthan: अस्पतालों में मौत का 'इन्फेक्शन'! कोटा-बीकानेर के बाद अब भीलवाड़ा-बांसवाड़ा में 7 प्रसूताओं की मौत

बीसलपुर समेत बड़े बांधों में भी पानी कम

प्रदेश के 23 प्रमुख बांधों में कुल जलभराव 57.15 प्रतिशत है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह अधिक था। राजधानी जयपुर, अजमेर और टोंक की जीवनरेखा बीसलपुर बांध में फिलहाल 67.74 प्रतिशत पानी है, जो पिछले वर्ष के स्तर से थोड़ा कम है। इसी तरह राणा प्रताप सागर और माही बजाज सागर जैसे बड़े जलाशयों में भी पिछले साल की तुलना में जलभराव कम दर्ज किया गया है। हालांकि सोम-कमला-अंबा, राजसमंद, जयसमंद और जाखम बांधों में पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर जलभराव दर्ज हुआ है।

693 में सिर्फ 5 बांध फुल, 276 अब भी खाली

रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 693 बांधों में केवल 5 पूरी तरह भर चुके हैं, जबकि 412 बांधों में आंशिक जलभराव है। वहीं 276 बांध अभी भी खाली हैं, जो दर्शाता है कि राज्य के अधिकांश जलाशयों को अभी अच्छी बारिश का इंतजार है।

आने वाले सप्ताह अहम

जल संसाधन विभाग का मानना है कि चंबल, माही, बनास और अन्य नदी बेसिनों के कैचमेंट क्षेत्रों में अगले कुछ सप्ताह अच्छी बारिश होने पर जलाशयों की स्थिति में तेजी से सुधार हो सकता है। इससे पेयजल और सिंचाई दोनों के लिए पानी उपलब्ध हो सकेगा।

प्रमुख आंकड़े

- कुल बारिश (1 जून-10 जुलाई): 111.04 मिमी
- सामान्य बारिश: 90.57 मिमी
- सामान्य से अधिक: 22.6%
- कुल बांध: 693
- जलभराव: 5,961.75 Mcum (45.76%)
- पिछले वर्ष इसी दिन: 7,532.09 Mcum (57.81%)
- पूरी तरह भरे बांध: 5
- आंशिक भरे: 409
  • खाली बांध: 279
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