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Rajasthan: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर खाचरियावास का हमला, बोले- 'युवाओं की जीत, मोदी सरकार के घमंड की हार'
Sat, 25 Jul 2026 09:06 PM IST
जयपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
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Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jul 2026 09:06 PM IST
सार
Rajasthan News: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह देश के युवाओं के लंबे संघर्ष की जीत और मोदी सरकार के घमंड की हार है। उन्होंने कहा कि युवाओं की एकजुटता ने सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया।
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प्रताप सिंह खाचरियावास
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने इसे युवाओं के संघर्ष की जीत और मोदी सरकार के घमंड की हार बताया। उन्होंने कहा कि देशभर के युवाओं की एकजुटता ने सरकार को निर्णय लेने पर मजबूर कर दिया। साथ ही उन्होंने रोजगार, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार से गंभीरता से काम करने की मांग की।
'युवाओं की आवाज के आगे सरकार को झुकना पड़ा'
खाचरियावास ने कहा कि आज यह साबित हो गया है कि जब युवा अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करते हैं, तो सरकारों को भी जनता की आवाज सुननी पड़ती है। उन्होंने आंदोलन के दौरान लगाए गए नारे का उल्लेख करते हुए कहा, "जुल्मी जब-जब जुल्म करेगा, सत्ता के गलियारों से, चप्पा-चप्पा गूंज उठेगा, इंकलाब के नारों से।'
'धर्म और जाति से ऊपर उठकर एकजुट हुआ देश का युवा'
उन्होंने देशभर के युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि इस आंदोलन ने यह संदेश दिया है कि देश का युवा अब धर्म और जाति के नाम पर बंटने वाला नहीं है। उनके अनुसार हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सहित सभी धर्मों के युवाओं ने एकजुट होकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी और अपने संघर्ष से सरकार को निर्णय लेने के लिए मजबूर किया।
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'यह संघर्ष केवल छात्रों का नहीं था'
खाचरियावास ने कहा कि यह संघर्ष केवल युवाओं का नहीं, बल्कि उन सभी लोगों का था जिन्होंने छात्रों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों के समर्थन ने इस आंदोलन को मजबूत बनाया।
सोनम वांगचुक और राहुल गांधी का भी किया जिक्र
खाचरियावास ने कहा कि यह जीत सोनम वांगचुक की भी है, जिन्होंने 26-27 दिन तक भूखे रहकर देश के युवाओं के साथ संघर्ष किया और कहा, 'मैं मर जाऊंगा, पर झुकूंगा नहीं।' उन्होंने यह भी कहा कि यह जीत राहुल गांधी की भी है, जिन्होंने संसद में शिक्षा से जुड़े मुद्दे उठाए और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
रोजगार और महंगाई पर सरकार से की कार्रवाई की मांग
कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि अब युवाओं की मूल समस्याओं पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को रोजगार चाहिए, महंगाई से राहत चाहिए और बेरोजगारी का समाधान चाहिए। सरकार को इन मुद्दों पर गंभीरता से काम करना चाहिए।
यह भी पढ़ें: राजस्थान निकाय चुनाव: हरियाणा-MP में प्रत्यक्ष चुनाव, राजस्थान में BJP का रुख अलग क्यों? विपक्ष ने उठाए सवाल
'लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे ऊपर'
अंत में प्रताप सिंह खाचरियावास ने देश के सभी युवाओं और नागरिकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सर्वोपरि होती है और शांतिपूर्ण जनसंघर्ष हमेशा परिवर्तन का माध्यम बनता है।
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'युवाओं की आवाज के आगे सरकार को झुकना पड़ा'
खाचरियावास ने कहा कि आज यह साबित हो गया है कि जब युवा अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करते हैं, तो सरकारों को भी जनता की आवाज सुननी पड़ती है। उन्होंने आंदोलन के दौरान लगाए गए नारे का उल्लेख करते हुए कहा, "जुल्मी जब-जब जुल्म करेगा, सत्ता के गलियारों से, चप्पा-चप्पा गूंज उठेगा, इंकलाब के नारों से।'
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'धर्म और जाति से ऊपर उठकर एकजुट हुआ देश का युवा'
उन्होंने देशभर के युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि इस आंदोलन ने यह संदेश दिया है कि देश का युवा अब धर्म और जाति के नाम पर बंटने वाला नहीं है। उनके अनुसार हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सहित सभी धर्मों के युवाओं ने एकजुट होकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी और अपने संघर्ष से सरकार को निर्णय लेने के लिए मजबूर किया।
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'यह संघर्ष केवल छात्रों का नहीं था'
खाचरियावास ने कहा कि यह संघर्ष केवल युवाओं का नहीं, बल्कि उन सभी लोगों का था जिन्होंने छात्रों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों के समर्थन ने इस आंदोलन को मजबूत बनाया।
सोनम वांगचुक और राहुल गांधी का भी किया जिक्र
खाचरियावास ने कहा कि यह जीत सोनम वांगचुक की भी है, जिन्होंने 26-27 दिन तक भूखे रहकर देश के युवाओं के साथ संघर्ष किया और कहा, 'मैं मर जाऊंगा, पर झुकूंगा नहीं।' उन्होंने यह भी कहा कि यह जीत राहुल गांधी की भी है, जिन्होंने संसद में शिक्षा से जुड़े मुद्दे उठाए और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
रोजगार और महंगाई पर सरकार से की कार्रवाई की मांग
कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि अब युवाओं की मूल समस्याओं पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को रोजगार चाहिए, महंगाई से राहत चाहिए और बेरोजगारी का समाधान चाहिए। सरकार को इन मुद्दों पर गंभीरता से काम करना चाहिए।
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'लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे ऊपर'
अंत में प्रताप सिंह खाचरियावास ने देश के सभी युवाओं और नागरिकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सर्वोपरि होती है और शांतिपूर्ण जनसंघर्ष हमेशा परिवर्तन का माध्यम बनता है।