सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Rajasthan Assembly Sees Repeated Uproar Over Right to Health, Land Allotment Row and Illegal Mining During Bud

राजस्थान विधानसभा बजट सत्र: तीखा टकराव, विपक्ष का वॉकआउट; अपनी ही सरकार पर बरस रहे भाजपा विधायक

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: सौरभ भट्ट Updated Fri, 13 Feb 2026 07:57 AM IST
विज्ञापन
सार

राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र की आज 9वीं बैठक होगी। अब तक की बैठकों में सत्ता पक्ष, प्रतिपक्ष के बीच तीखा टकराव, नारेबाजी और वॉकआउट देखने को मिल रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी के मंत्रियों के पास उनके सवालों का जवाब ही नहीं है- वहीं बीजेपी कांग्रेस पर सदन का माहौल बिगाड़ने का आरोप लगा रही है-

Rajasthan Assembly Sees Repeated Uproar Over Right to Health, Land Allotment Row and Illegal Mining During Bud
राजस्थान विधानसभा - फोटो : राजस्थान विधानसभा
विज्ञापन

विस्तार

राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र की अब तक आठ बैठकें हो चुकी हैं। सरकार की ओर से सदन में बजट अनुमान रखे जा चुके हैं और अब इन पर बहस चल रही है। वित्त मंत्री दीया कुमारी 17 फरवरी को बजट बहस पर रिप्लाई देंगी। अब तक की कार्रवाई में सरकार लगातार सवालों पर घिरती नजर आ रही है। सवाल-जवाब के बीच सदन में तीखी टीका टिप्पणी, हंगामा और वॉक आउट भी देखने को मिल रहा है। 
Trending Videos

गुरुवार को सदन में प्रश्नकाल से लेकर शून्यकाल तक सत्ता और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर जोरदार टकराव देखने को मिला। राइट टू हेल्थ एक्ट के नियमों में देरी, जयपुर में पट्टा आवंटन में कथित भ्रष्टाचार और दौसा में मकान तोड़ने की कार्रवाई जैसे मामलों ने सदन का माहौल गर्माए रखा। हो हंगामें के बीच विपक्ष ने वेल में आकर नारेबाजी की और वॉकआउ भी किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे पहले राइट टू हेल्थ एक्ट को लेकर विवाद खड़ा हुआ। कांग्रेस विधायक हरिमोहन शर्मा ने 12 अप्रैल 2023 को अधिसूचित कानून के नियम अब तक न बनाए जाने पर सवाल उठाया। स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने जवाब में कहा कि यह कानून पिछली कांग्रेस सरकार ने राजनीतिक उद्देश्य से लाया था और वर्तमान सरकार की एमएए योजना पर्याप्त है। इस बयान पर विपक्ष भड़क गया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार से स्पष्ट रुख बताने की मांग की। कांग्रेस विधायक वेल में पहुंच गए और नारेबाजी की। स्पीकर वासुदेव देवनानी की चेतावनी के बाद भी विरोध जारी रहा और अंततः कांग्रेस ने वॉकआउट कर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी मंत्री के बयान की आलोचना की।
शून्यकाल में कांग्रेस विधायक रफीक खान ने जयपुर में पट्टा और निर्माण स्वीकृति प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बिना पैसे के न तो नक्शा पास हो रहा है और न पट्टा मिल रहा है। भाजपा विधायक श्रीचंद कृपलानी ने आरोपों पर आपत्ति जताई, जिससे सदन में तीखी नोकझोंक हुई।
इसी दौरान कांग्रेस विधायक दीनदयाल बैरवा ने दौसा तहसीलदार पर एससी वर्ग के मकान तोड़ने और अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया। वे वेल में आ गए, जिस पर स्पीकर ने नाराजगी जताते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया। दिन के अंत में भाजपा विधायक बहादुर सिंह कोली ने अवैध खनन का मुद्दा उठाकर अपनी ही सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की। कुल मिलाकर, गुरुवार को विधानसभा की कार्यवाही आरोपों, प्रतिवाद और राजनीतिक टकराव के बीच बार-बार बाधित होती रही।
यह भी पढें- राजस्थान विधानसभा में हंगामा: विधायक रफीक खान का बड़ा आरोप, कहा- JDA-निगम छोटे मकानों को सील कर वसूली कर रहे
आज शुक्रवार को सदन में कृषि, शिक्षा, पीएचईडी, सिंचाई, सहकारिता, नगरीय विकास से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल पूछे जाएंगे। इसमें किसानों के लिए खाद-बीज तथा निजि विश्वविद्यालयों में फर्जी डिग्री पर कार्रवाई जैसे मुद्दे शामिल हैं। 
खास बात यह है कि सरकार एक तरफ जहां विपक्ष के तीखे हमले झेल रही है, वहीं बीजेपी के विधायक भी भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं। गुरुवार को बीजेपी विधायक बहादुर सिंह कोली ने अवैध खनन माफिया पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने वन विभाग के अफसरों पर अवैध खनन माफिया से मिलीभगत के आरोप लगाए।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed