उत्तर भारत की महिलाओं पर टिप्पणी: डीएमके सांसद दयानिधि मारन को कोर्ट का नोटिस, 23 फरवरी को हाजिर होने का आदेश
उत्तर भारत की महिलाओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में डीएमके सांसद दयानिधि मारन को मुजफ्फरपुर सीजेएम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। अदालत ने 23 फरवरी 2026 को सदेह उपस्थित होकर जवाब देने का आदेश दिया है।
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उत्तर भारत की महिलाओं को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) के सांसद दयानिधि मारन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मुजफ्फरपुर की सीजेएम कोर्ट ने उनके खिलाफ नोटिस जारी करते हुए 23 फरवरी 2026 को व्यक्तिगत रूप से (सदेह) उपस्थित होने का आदेश दिया है।
जानकारी के अनुसार, हाल में दिए एक बयान में दयानिधि मारन ने कथित तौर पर उत्तर भारत की महिलाओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। आरोप है कि उन्होंने कहा कि उत्तर भारत की महिलाएं केवल घर का काम और बच्चों को जन्म देने तक सीमित हैं, जबकि तमिलनाडु की महिलाएं अधिक शिक्षित, कामकाजी और सर्वगुण संपन्न हैं। इस बयान के बाद उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में नाराजगी देखी गई।
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मामले में परिवादी एवं सिविल कोर्ट मुजफ्फरपुर के अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा ने अदालत में परिवाद दायर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद का बयान उत्तर भारत की महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है और राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से दिया गया है।
सीजेएम कोर्ट ने मामले पर संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किया और 23 फरवरी 2026 की तिथि निर्धारित की है। अदालत ने सांसद को निर्धारित तिथि पर सदेह उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।