Rajasthan Monsoon News: राजस्थान में कब पहुंचेगा मानसून? मौसम विभाग ने जारी किया नया अपडेट
राजस्थान में 2 जुलाई से मानसून सक्रिय होने की संभावना है। पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी जिलों में अच्छी बारिश के आसार हैं, जबकि कोटा-उदयपुर संभाग में भारी बारिश हो सकती है।
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राजस्थान में मानसून की गतिविधियां अब रफ्तार पकड़ने वाली हैं। मौसम विभाग के अनुसार 2 जुलाई से पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में बारिश का दौर तेज होने की संभावना है। 2 से 5 जुलाई के बीच कई जिलों में अच्छी बारिश हो सकती है, जबकि कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ इलाकों में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।
जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। 1 जुलाई से पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी शुरू हो जाएगी, जबकि 2 जुलाई के बाद मानसून और अधिक सक्रिय हो सकता है। इस दौरान कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ क्षेत्रों में तेज मेघगर्जन के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार जयपुर, भरतपुर, कोटा और बीकानेर संभाग के कई इलाकों में भी अगले कुछ दिनों तक मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश का दौर बना रह सकता है। वहीं 30 जून और 1 जुलाई से बीकानेर संभाग तथा शेखावाटी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में भी आंधी और बारिश की गतिविधियां शुरू होने के संकेत हैं।
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दूसरी ओर पश्चिमी राजस्थान में फिलहाल गर्मी और उमस से राहत मिलने के आसार कम हैं। जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश क्षेत्रों में अगले दो से तीन दिन मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा। यहां अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है। नमी बढ़ने के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी का भी सामना करना पड़ सकता है।
बीते 24 घंटों के दौरान पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 94 मिमी बारिश प्रतापगढ़ जिले के अरनोद में रिकॉर्ड की गई। बारिश के कारण दक्षिण-पूर्वी जिलों में मौसम सुहावना बना रहा। वहीं पश्चिमी राजस्थान में केवल छिटपुट स्थानों पर हल्की बारिश हुई। श्रीगंगानगर राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अलवर में न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधियां धीरे-धीरे और अधिक सक्रिय होंगी। इसका सबसे ज्यादा असर पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में देखने को मिलेगा, जहां अच्छी बारिश के साथ तापमान में गिरावट आने की संभावना है। वहीं पश्चिमी राजस्थान में गर्मी और उमस का असर कुछ दिन और बना रह सकता है।