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Rajasthan: ‘डिस्टर्ब एरिया बिल’ पर घमासान तय, सरकार लाएगी कानून, कांग्रेस बोली- धार्मिक तनाव फैलाने की साजिश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: Ashutosh Pratap Singh
Updated Fri, 06 Mar 2026 01:23 PM IST
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सार
राजस्थान विधानसभा में आज ‘डिस्टर्ब एरिया बिल’ को लेकर जोरदार हंगामे के आसार हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार इस बिल को चर्चा के लिए सदन में पेश कर चुकी है और आज इसे पास कराने की कोशिश की जाएगी।
राजस्थान विधानसभा।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
राजस्थान विधानसभा में आज हंगामें के आसार हैं। भजनलाल सरकार ने विधानसभा में डिस्टर्ब एरिया बिल चर्चा के लिए पेश कर दिया है। आज इस बिल को पास करवाने के लिए सदन में चर्चा रखी जाएगी। कांग्रेस इस बिल का भारी विरोध कर रही है। कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि बीजेपी धार्मिक भावना भडकाने के लिए इस बिल को लेकर आ रही है।
कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष एमडी चौपदार ने डिस्टर्ब एरिया बिल का कड़ा विरोध जताया है। चौपदार ने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार किसी एक क्षेत्र को ‘डिस्टर्ब एरिया’ कैसे घोषित कर सकती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले इस बिल के सभी प्रावधानों और नियमों का अध्ययन करेगी। जरूरत पडी तो इस बिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट भी जाएगी।
जानें बिल को लेकर क्यूं मचा है बवाल?
भजनलाल सरकार की कैबिनेट पहले ही बिल मंजूर कर चुकी है। आज राजस्थान विधानसभा में इस पर चर्चा करवाई जाएगी। विधेयक केकानून बनने के बाद इसके प्रावधानों के तहत यदि किसी क्षेत्र में दो समुदायों के बीच दंगे होते हैं या ऐसी स्थिति बनने की आशंका होती हैए तो जिला कलेक्टर उस क्षेत्र को डिस्टर्ब्ड एरिया घोषित कर सकेंगे। ऐसे घोषित क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति को दूसरे धर्म के व्यक्ति के साथ सीधे संपत्ति का लेन-देन करने की अनुमति नहीं होगी। इसके लिए पहले जिला कलेक्ट्रेट से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
इस बिल पर चर्चा से पहले आज विधानसभा की कार्यवाही प्रश्नकाल के साथ शुरू होगी। आज सदन में तारांकित प्रश्नों की सूची में 22 और अतारांकित प्रश्नों की सूची में 24 प्रश्न शामिल हैं। प्रश्नकाल के दौरान उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा से संबंधित विभागों के साथ-साथ कृषि, शिक्षा, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, जल संसाधन, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, सहकारिता तथा नगरीय विकास विभाग से जुड़े मुद्दों पर सवाल-जवाब होंगे।
सदन में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत विधायक श्रीचंद कृपलानी मेवाड़ क्षेत्र के महाविद्यालयों की संबद्धता राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, जयपुर से मारवाड़ मेडिकल विश्वविद्यालय, जोधपुर में स्थानांतरित करने के निर्णय पर पुनर्विचार कर उसे निरस्त करने के संबंध में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री का ध्यान आकर्षित करेंगे।
उपमुख्यमंत्री प्रतिवेदन सदन के पटल पर प्रस्तुत करेंगी
वहीं विधायक गोविंद सिंह डोटासरा पशुपालन विभाग में अनियमितता और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर पशुपालन एवं डेयरी मंत्री का ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए ध्यान आकर्षित करेंगे। सदन की मेज पर रखे जाने वाले पत्रादि के अंतर्गत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की एक अधिसूचना चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर सदन में रखेंगे। इसके अलावा उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी राजस्थान पर्यटन विकास निगम का वार्षिक प्रतिवेदन सदन के पटल पर प्रस्तुत करेंगी।
ये भी पढ़ेंं- अजमेर में भीषण सड़क हादसा: डिवाइडर से टकराकर पलटी स्लीपर बस, चालक की मौत; बीस से अधिक यात्री घायल
सदन में विभिन्न जनहित मुद्दों को लेकर कई याचिकाएं भी पेश की जाएंगी। विधायक अमित चाचाण नोहर में पशु विज्ञान महाविद्यालय की स्थापना तथा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में क्रमोन्नत करने की मांग को लेकर याचिका प्रस्तुत करेंगे। विधायक हमीर सिंह भायल बगरू के ग्राम मुहाना से मदाऊ स्थित संस्कृत विश्वविद्यालय तक सड़क निर्माण की मांग उठाएंगे।
इसी क्रम में विधायक बाबूसिंह राठौड़ शेरगढ़ में केंद्रीय विद्यालय खोलने, विधायक चेतन पटेल कोलाना पीपल्दा के सुल्तानपुर और इटावा नगरपालिका क्षेत्रों को आबादी क्षेत्र में परिवर्तित करने की मांग को लेकर याचिका लगाएंगे। विधायक संजय कुमार बसेड़ी (धौलपुर) में कुछ सड़कों और पुलों के निर्माण की स्वीकृति से जुड़ी याचिका प्रस्तुत करेंगे, जबकि विधायक छगनसिंह राजपुरोहित सुनवाड़ा में वन विभाग द्वारा मातृवन (नमो वन) की स्थापना की मांग उठाएंगे।
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कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष एमडी चौपदार ने डिस्टर्ब एरिया बिल का कड़ा विरोध जताया है। चौपदार ने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार किसी एक क्षेत्र को ‘डिस्टर्ब एरिया’ कैसे घोषित कर सकती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले इस बिल के सभी प्रावधानों और नियमों का अध्ययन करेगी। जरूरत पडी तो इस बिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट भी जाएगी।
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जानें बिल को लेकर क्यूं मचा है बवाल?
भजनलाल सरकार की कैबिनेट पहले ही बिल मंजूर कर चुकी है। आज राजस्थान विधानसभा में इस पर चर्चा करवाई जाएगी। विधेयक केकानून बनने के बाद इसके प्रावधानों के तहत यदि किसी क्षेत्र में दो समुदायों के बीच दंगे होते हैं या ऐसी स्थिति बनने की आशंका होती हैए तो जिला कलेक्टर उस क्षेत्र को डिस्टर्ब्ड एरिया घोषित कर सकेंगे। ऐसे घोषित क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति को दूसरे धर्म के व्यक्ति के साथ सीधे संपत्ति का लेन-देन करने की अनुमति नहीं होगी। इसके लिए पहले जिला कलेक्ट्रेट से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
इस बिल पर चर्चा से पहले आज विधानसभा की कार्यवाही प्रश्नकाल के साथ शुरू होगी। आज सदन में तारांकित प्रश्नों की सूची में 22 और अतारांकित प्रश्नों की सूची में 24 प्रश्न शामिल हैं। प्रश्नकाल के दौरान उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा से संबंधित विभागों के साथ-साथ कृषि, शिक्षा, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, जल संसाधन, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, सहकारिता तथा नगरीय विकास विभाग से जुड़े मुद्दों पर सवाल-जवाब होंगे।
सदन में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत विधायक श्रीचंद कृपलानी मेवाड़ क्षेत्र के महाविद्यालयों की संबद्धता राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, जयपुर से मारवाड़ मेडिकल विश्वविद्यालय, जोधपुर में स्थानांतरित करने के निर्णय पर पुनर्विचार कर उसे निरस्त करने के संबंध में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री का ध्यान आकर्षित करेंगे।
उपमुख्यमंत्री प्रतिवेदन सदन के पटल पर प्रस्तुत करेंगी
वहीं विधायक गोविंद सिंह डोटासरा पशुपालन विभाग में अनियमितता और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर पशुपालन एवं डेयरी मंत्री का ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए ध्यान आकर्षित करेंगे। सदन की मेज पर रखे जाने वाले पत्रादि के अंतर्गत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की एक अधिसूचना चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर सदन में रखेंगे। इसके अलावा उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी राजस्थान पर्यटन विकास निगम का वार्षिक प्रतिवेदन सदन के पटल पर प्रस्तुत करेंगी।
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सदन में विभिन्न जनहित मुद्दों को लेकर कई याचिकाएं भी पेश की जाएंगी। विधायक अमित चाचाण नोहर में पशु विज्ञान महाविद्यालय की स्थापना तथा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में क्रमोन्नत करने की मांग को लेकर याचिका प्रस्तुत करेंगे। विधायक हमीर सिंह भायल बगरू के ग्राम मुहाना से मदाऊ स्थित संस्कृत विश्वविद्यालय तक सड़क निर्माण की मांग उठाएंगे।
इसी क्रम में विधायक बाबूसिंह राठौड़ शेरगढ़ में केंद्रीय विद्यालय खोलने, विधायक चेतन पटेल कोलाना पीपल्दा के सुल्तानपुर और इटावा नगरपालिका क्षेत्रों को आबादी क्षेत्र में परिवर्तित करने की मांग को लेकर याचिका लगाएंगे। विधायक संजय कुमार बसेड़ी (धौलपुर) में कुछ सड़कों और पुलों के निर्माण की स्वीकृति से जुड़ी याचिका प्रस्तुत करेंगे, जबकि विधायक छगनसिंह राजपुरोहित सुनवाड़ा में वन विभाग द्वारा मातृवन (नमो वन) की स्थापना की मांग उठाएंगे।