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Lawrence Bishnoi: बिश्नोई गैंग की माया और सुधा की कहानी, इटली से जुड़े तार, इनका नाम लेने से भी कतराते हैं लोग

न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर Published by: अरविंद कुमार Updated Sat, 18 Jan 2025 09:20 AM IST
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सार

बिश्नोई गैंग को पैसों से धन धान्य करने वाली माया मैडम और सुधा कंवर को राजस्थान पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। ये दोनों महिलाएं गैंग के लिए वसूली करती थी। फिलहाल, राजस्थान पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर बिश्नोई गैंग्स की कमर तोड़ने का काम किया है।

Rajasthan Lawrence Bishnoi Maya Madam and Sudha Kanwar arrested who arranged money for Bishnoi gang
माया मैडम और सुधा कंवर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

राजस्थान में कई गैंग काबिज हैं, जो पूरे प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर जब-तब बिगाड़ते हैं। इसमें से कुछ गैंग लॉरेंस बिश्नोई के लिए काम करती है। राजस्थान पुलिस अब इन गैंग्स की आर्थिक रूप से कमर तोड़ना चाहती है। इसी वजह से गैंग्स से जुड़े उन लोगों पर खास टारगेट है, जो पैसों के लेन-देन से जुड़े हुए हैं। इसी बात को ध्यान में रखकर सुधा कंवर की गिरफ्तारी इटली से हुई है। इसके पहले माया मैडम को पुलिस ने नई दिल्ली से पकड़ा था। ये दोनों महिलाएं बिश्नोई गैंग को आर्थिक रूप से मदद करती थी। यानी इन दोनों का काम पैसों का इंतजाम करना था। 

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सुधा कंवर का लॉरेंस बिश्नोई कनेक्शन
सुधा कंवर का सिंडिकेट राजस्थान से इटली तक फैला हुआ था। पुलिस की माने तो इटली में बैठकर सुधा कंवर राजस्थान के व्यापारियों को धमकाती थी और उसकी गिरफ्तारी की सबसे बड़ी वजह भी यही बनी। राजस्थान के छोटे से कस्बे मेड़ता सिटी में सुधा कंवर का नाम लेने से भी लोग कतराते हैं। सुधा का सीधा लिंक लॉरेंस बिश्नोई गैंग से शुरुआती दिनों में नहीं बना था। 

हालांकि, शुरू से ही इसकी प्रवृत्ति आपराधिक रही है। क्राइम की दुनिया में बड़ा नाम सुधा तब बनी, जब उसकी दूसरी शादी अमरजीत सिंह बिश्नोई के साथ हुई। अमरजीत गोदारा गैंग के लिए काम करता था। इसका मुख्य काम व्यापारियों से पैसा वसूल करना था। दरअसल, गोदारा गैंग लॉरेंस बिश्नोई के लिए राजस्थान में पैसे उगाही का काम करती थी। इस तरह से पति के जरिए सुधा कंवर लॉरेंस गैंग के संपर्क में आई।

Rajasthan Lawrence Bishnoi Maya Madam and Sudha Kanwar arrested who arranged money for Bishnoi gang
सुधा कंवर - फोटो : अमर उजाला

लॉरेंस के इशारे पर पनाह
पुलिस की माने तो सीकर जिले में राजू ठेहट हत्याकांड में सुधा कंवर का नाम आया। इसके बाद इसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया। जेल जाने के बाद जमानत मिली और फिर इसको टूरिस्ट वीजा के जरिए इटली चली गई, जहां पहले से अमरजीत मौजूद था। फिर ये दोनों मिलकर इटली में भी धमकाने का काम करने लगी। राजस्थान पुलिस ने सुधा कंवर के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था, जिससे उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित हुई। यह गिरफ्तारी राजस्थान पुलिस की ओर से अपराधियों के खिलाफ की गई एक बड़ी कार्रवाई है।

Rajasthan Lawrence Bishnoi Maya Madam and Sudha Kanwar arrested who arranged money for Bishnoi gang
माया मैडम - फोटो : अमर उजाला

लॉरेंस की खास माया मैडम
लॉरेंस गैंग की महिला सदस्य माया मैडम को पिछले दिनों जयपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया। फिलहाल, वह पुलिस रिमांड पर है। पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ के मुताबिक, माया पिछले कई महीने से इस गैंग से जुड़ी है। वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सक्रिय सदस्य रोहित गोदारा, संपत नेहरा, शुभम उर्फ बिगनी, राजेंद्र उर्फ जोकर और गोल्डी बराड़ जैसे बदमाशों के सीधे संपर्क में थी। रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ विदेश में छिपे हुए हैं, जबकि संपत नेहरा सहित अन्य बदमाश अलग-अलग जेलों में बंद है। मैडम माया इन बदमाशों के अलावा अन्य गुर्गों के भी संपर्क में रहती थी।



रकम देकर टारगेट समझाना था माया का काम
डीसीपी नॉर्थ राशि डूडी डोगरा का कहना है, मैडम माया से पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं। गैंग के जो सदस्य जेल में बंद हैं, उनसे मिलने का काम मैडम माया के पास था। वह अलग-अलग जेलों में जाकर गैंग के सदस्यों से मिलती थी। जेल में कपड़े पहुंचाने, कैंटीन में रुपये भेजने और अन्य सुविधाएं देने के साथ जमानत के दस्तावेज तैयार करने के लिए वकीलों से बात करने का काम भी माया मैडम के पास था। 

हथियार कहां से लाना है, किसे सप्लाई करना है और रकम कहां पहुंचानी है। यह काम भी मैडम माया ही करती थी। गुर्गों से यह बड़े कारोबारियों, सट्टेबाजों, फिल्म स्टार जैसे लोगों के मोबाइल नंबर प्राप्त करती और फिर ये नंबर रोहित गोदारा और विक्रम बराड़ को देती थी। ताकि अगला टारगेट तय हो सके। दिए गए टारगेट को गुर्गों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी मैडम माया के पास ही थी।

फिरौती के पैसे का हिसाब माया के पास
एडिशनल डीसीपी बजरंग सिंह शेखावत बताते हैं, सब इंस्पेक्टर हरिओम की टीम ने माया को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला कि गैंगस्टर्स द्वारा जिन कारोबारियों से फिरौती की रकम प्राप्त होती थी। उसका हिसाब मैडम माया ही रखती थी। जो कारोबारी फिरौती नहीं देते, उन पर फायरिंग करवाने और आगे का टास्क भी माया ही देती थी। 

पहले माया के पास बठिंडा जेल में बंद लॉरेंस का कॉल आ जाता था, लेकिन जब कॉल आने बंद हुए तो वह जेल पहुंच जाती और आगामी टास्क तय करके आती थी। फिलहाल मैडम माया रिमांड पर है। पूछताछ में और भी कई खुलासे होने की संभावना है।

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