सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Rajasthan Maternal Death Cases: Health Minister Khimsar’s Remarks Draw Opposition Criticism

Rajasthan News: 'नाचती हुई आई थीं?' और 'इंजेक्शन में सिर्फ पानी था'; स्वास्थ्य मंत्री के दो बयान, बड़ा बवाल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sourabh Bhatt Updated Fri, 12 Jun 2026 07:49 AM IST
विज्ञापन
सार

राजस्थान का स्वास्थ्य महकमा जितना नासाज है उससे कहीं ज्यादा नासाज मंत्री के बयान नजर आ रहे हैं...'नाचती हुई आई थीं?' और 'इंजेक्शन में सिर्फ पानी था' जैसे बयानों से स्वास्थ्य मंत्री खींवसर महकमें की मुश्किलें और बढ़ा रहे हैं...

Rajasthan Maternal Death Cases: Health Minister Khimsar’s Remarks Draw Opposition Criticism
स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बिगड़े बोल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार


राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े गंभीर मामलों के साथ-साथ अपने बयानों को लेकर भी लगातार चर्चा और विवादों में बने हुए हैं। कोटा और बीकानेर में प्रसूताओं की मौत तथा किडनी फेल होने के मामलों के बीच मंत्री की कुछ टिप्पणियां राजनीतिक बहस का विषय बन गईं।

'नाचती हुई आई थीं या बीमार होकर?'

बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की मौत और किडनी फेल होने के मामलों पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टरों का बचाव करते हुए कहा- "सभी की तबीयत पहले से सही नहीं थी। आप ही बताइए कैसी हालत में आई थी, पैदल चलकर नाचती आई थीं या बीमार होकर आई थीं।"
विज्ञापन
विज्ञापन


जब मीडिया ने इस बयान पर आपत्ति जताई तो मंत्री ने कहा- "हम इतने लोगों की जान बचाते हैं, तब आप नहीं कहते। आप मोर्टेलिटी की बात कर रहे हैं। 1000 पेशेंट आते हैं, उनमें से 2 की डेथ हो जाती है, बाकी दुरुस्त होकर जाते हैं, वो आप नहीं बोल रहे हो।"
विज्ञापन


ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन पर भी घिरे

इससे पहले कोटा में प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने और किडनी फेल होने के मामलों के दौरान खींवसर का ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन को लेकर दिया गया बयान भी सुर्खियों में रहा। मंत्री ने कहा था-
 "ऑक्सीटोसिन के अंदर सिर्फ पानी भरा था... ये अनियमितता हमने पाई। हम उनको 20-25 प्रतिशत छूट देते हैं कि आपके पास ड्रग्स नहीं है तो लोकल से ले सकते हो। लोकल परचेज किया गया था। उसके अंदर दवाई की कोई भी मात्रा नहीं थी।"

उन्होंने कहा था- "जब डॉक्टर ने इंजेक्शन दिया, वो इंजेक्शन पोस्ट डिलीवरी के बाद ब्लीडिंग रोकता है। जब इंजेक्शन दिया और उसके अंदर ड्रग ही नहीं थी और खाली पानी गया तो एक्सेसिव ब्लीडिंग तो जरूर होगी।"

हालांकि बाद में दवा की गुणवत्ता और जांच रिपोर्ट को लेकर कई सवाल उठे। विपक्ष ने सरकार से पूरे मामले की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की थी।

स्वास्थ्य संकट के बीच बढ़ा राजनीतिक दबाव

राज्य में प्रसूताओं की मौत, किडनी फेल होने के मामलों और अस्पतालों की व्यवस्थाओं को लेकर पहले से सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य मंत्री के बयानों ने सरकार की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। विपक्ष का आरोप है कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और जवाबदेही तय करने के बजाय विवादित बयानों के कारण घिर रही है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed