Jaipur: भाजपा प्रदेश कार्यालय में तीन बार गुल हुई बिजली, सरकार ने बैठाई जांच; लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई
भाजपा प्रदेश कार्यालय में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के कार्यक्रम के दौरान तीन बार बिजली गुल होने पर सरकार ने जांच बैठा दी है। ऊर्जा मंत्री ने लापरवाही मिलने पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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भाजपा प्रदेश कार्यालय में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के मीडिया संवाद कार्यक्रम के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने के मामले को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने घटना की जांच के आदेश देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि किसी अधिकारी या अभियंता की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गुरुवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम के दौरान बिजली तीन बार गुल हो गई थी। उस समय केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर मंच पर मौजूद थे। अचानक बिजली जाने से मीडिया हॉल में अंधेरा छा गया और कार्यक्रम कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ। इस दौरान रेल मंत्री ने मोबाइल की रोशनी के बीच करीब 13 मिनट तक मीडिया को संबोधित किया।
घटना के बाद ऊर्जा मंत्री ने राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम और जयपुर डिस्कॉम के अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि 11 जून को दोपहर करीब 3:57 बजे 400 केवी ग्रिड सब-स्टेशन पर 220 केवी केटीपीएस लाइन के सर्किट ब्रेकर में एसएफ-6 गैस लीकेज को दुरुस्त करने के लिए तकनीकी कार्य किया जा रहा था। इसी दौरान करंट में असंतुलन आने से 250 एमवीए क्षमता के दो ट्रांसफार्मर ट्रिप हो गए।
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ट्रांसफार्मरों के ट्रिप होने से 220 केवी जीएसएस एनपीएच के साथ 132 केवी जीएसएस चंबल, वैशाली नगर, भांकरोटा और पीडब्ल्यूडी बंगला क्षेत्र की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। हालांकि विभाग का दावा है कि वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए 10 से 17 मिनट के भीतर अधिकांश क्षेत्रों में बिजली बहाल कर दी गई थी। बाद में दोनों ट्रांसफार्मरों को शाम 4:21 बजे पुनः चालू कर दिया गया।
मामले की जांच के लिए अतिरिक्त मुख्य अभियंता (एमपीटी एंड एस), जयपुर की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति में अधीक्षण अभियंता, जयपुर ग्रामीण और सहायक अभियंता (प्रोटेक्शन इंजीनियरिंग) को सदस्य बनाया गया है। समिति घटना के कारणों की जांच कर भविष्य में ऐसी तकनीकी बाधाओं को रोकने के लिए सुझाव देगी।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि प्रदेश में निर्बाध और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बिजली व्यवस्था जैसी आवश्यक सेवाओं में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।