Rajasthan News: पूर्व सरपंच हत्याकांड में लॉरेंस बिश्नोई को सजा, 8 साल बाद आया फैसला
Rajasthan News:सीकर के जुराठड़ा गांव के पूर्व सरपंच सरदार राव की हत्या के मामले में कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को अदालत ने सजा सुनाई है। पुलिस जांच में सामने आया कि यह हत्या आनंदपाल गैंग के सुभाष बराल के इशारे पर करवाई गई थी। अजमेर जेल में मुलाकात के बाद लॉरेंस के जरिए शूटर बुलवाए गए। पंचायत चुनाव में संभावित हार के डर से हत्या की साजिश रची गई थी।
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जुराठड़ा के पूर्व सरपंच सरदार राव की 8 साल पहले हुई हत्या के मामले में कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को आज अदालत ने सजा सुनाई है। पुलिस के अनुसार यह हत्या आनंदपाल गैंग के सुभाष बराल के इशारे पर करवाई गई थी। सुभाष बराल ने अजमेर जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई से मुलाकात की थी और उसी के जरिए शूटर बुलवाकर सरदार राव की हत्या करवाई गई।
देश के बड़े गैंगस्टरों में शामिल लॉरेंस
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार लॉरेंस बिश्नोई ने अबोहर के एक कॉन्वेंट स्कूल से 10वीं और चंडीगढ़ के डीएवी स्कूल से 12वीं की पढ़ाई की थी। वर्ष 2008 में उसने सोपू संगठन की ओर से यूनिवर्सिटी प्रेजिडेंट का चुनाव लड़ा, लेकिन हार के बाद उसके प्रतिद्वंदी गुट से तनाव बढ़ गया। चंडीगढ़ के सेक्टर-11 में दोनों गुट आमने-सामने आए, जहां गोलीबारी हुई और इसी घटना में लॉरेंस पर पहला आपराधिक मामला दर्ज हुआ। इसके बाद वह अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गया और धीरे-धीरे देश के बड़े गैंगस्टरों में शामिल हो गया।
इस वजह से करवाई गई हत्या
सरदार राव वर्ष 2010 से 2014 तक जुराठड़ा ग्राम पंचायत का सरपंच रहा था, जिसमें बराल, जुराठड़ा और दुल्हेपुरा गांव शामिल थे। 2015 के पंचायत चुनाव में वह हार गया था, जिसके बाद संदीप सरपंच बना। संदीप के पिता हरदेवाराम सरकारी शिक्षक थे और गांव की राजनीति में प्रभावशाली माने जाते थे, हालांकि उनके खिलाफ रेप और पोक्सो एक्ट के मामले दर्ज थे। संदीप की सरकारी नौकरी लगने के बाद उसने सरपंच पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे पद रिक्त हो गया।
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सितंबर में प्रस्तावित पंचायत चुनाव को लेकर सरदार राव दोबारा चुनाव की तैयारी में जुट गया था। गांव में यह चर्चा आम थी कि इस बार वही सरपंच बनेगा। इससे हरदेवाराम को आशंका होने लगी कि उसका उम्मीदवार चुनाव हार जाएगा। इसी डर के चलते उसने जेल में बंद सुभाष मूंड से संपर्क कर सरदार राव की हत्या की साजिश रची, जिसे लॉरेंस बिश्नोई के जरिए अंजाम दिया गया।