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Rajivika Model: राजस्थान का बाजरा अब इन देशों में बनेगा खाद्यान्न, हजारों महिलाएं इस रोजगार से जुड़ी
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर/धौलपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Thu, 30 May 2024 07:52 PM IST
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सार
धौलपुर का राजीविका मॉडल पश्चिम अफ्रीका पहुंच गया है। माली एवं सेनेगल देशों में 12,500 महिलाएं रोजगार से जुड़ गई हैं। 17 करोड़ रुपये की बचत से इंटर लोनिंग कर अन्य महिलाओं को भी जोड़ रही हैं। नौ फेडरेशन की महिला प्रमुख धौलपुर, भरतपुर, अजमेर, जयपुर और उदयपुर में प्रशिक्षण लेने पहुंचीं।
राजीविका मॉडल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्थान में धौलपुर जिले का राजीविका मॉडल पश्चिम अफ्रीकी देशों सेनेगल और माली में 12 हजार 500 महिलाओं की आजीविका का साधन बना है। धौलपुर की राजीविका महिलाओं ने सेनेगल एवं माली देशों में जाकर स्वयं सहायता समूह बनाने, ग्राम संगठन एवं फेडरेशन बनाने का प्रशिक्षण दिया। उसके बाद फेडरेशन को संचालित करने की पद्धति एवं विभिन्न प्रकार के उत्पादों के निर्माण का प्रशिक्षण दिया। आज इन देशों की महिलाएं वर्ष भर में करीब 17 करोड़ की बचत करती हैं और उसी बचत से इंटर लोनिंग कर अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ रही हैं तथा प्रशिक्षण के द्वारा नए-नए कार्य कर रही हैं।
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अतिरिक्त मुख्य सचिव, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज अभय कुमार ने इंदिरा गांधी नहर मंडल में गुरुवार को पश्चिम अफ्रीकी देश माली और सेनेगल से राजस्थान में प्रशिक्षण के लिए आए प्रतिनिधियों के साथ आगे के सहयोग के बारे में विस्तार से चर्चा की। प्रतिनिधियों ने राजीविका के माध्यम से मिल रहे सहयोग के लिए राज्य सरकार को धन्यवाद दिया। दोनों देशों के नौ फेडरेशन के महिला प्रमुखों के साथ अन्य प्रतिनिधि भी जयपुर पहुंचे।
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ये प्रतिनिधि धौलपुर, भरतपुर, अजमेर, जयपुर एवं उदयपुर में राजीविका समूहों से प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। राजस्थान विजिट के दौरान मुर्गी पालन, बकरी पालन, नेचुरल फार्मिंग, बायो गैस सहित अन्य गतिविधियों का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगी। राजस्थान में बाजरा उत्पादन के लिए जैसा क्लाइमेट है, वैसा ही इन अफ्रीकन देशों में भी है। फेडरेशन की महिला प्रमुख प्रशिक्षण के दौरान बाजरा उत्पादन के बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगी।
अभय कुमार ने राजीविका के पंचसूत्रों साप्ताहिक बैठक, साप्ताहिक बचत, आंतरिक उधार, ऋण का भुगतान और रिकॉर्ड मेंटेनेंस के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राजीविका का प्रदेश की सामाजिक और आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने महिलाओं की आजीविका में वृद्धि के लिए पंचरत्न मिशन के माध्यम से राजीविका द्वारा बनाए गए उत्पादों को बाज़ार तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने प्रदेश की महिलाओं को कृषि तकनीक में उन्नत और कृषि में अग्रसर बताया।
उन्होंने अफ्रीका और प्रदेश की वनस्पति में समानता को बताते हुए प्रतिनिधियों से कृषि और जल संरक्षण पर भी चर्चा की। उन्होंने राज्य में प्रचलित मोटे अनाज को अफ्रीकी देशों के वातावरण के अनुकूल बताते हुए मोटे अनाज को अफ्रीका में उगाने का सुझाव दिया।
बैठक के दौरान राजीविका द्वारा प्रशिक्षित अफ्रीकी प्रतिनिधियों को राजीविका के द्वारा किए जा रहे नवाचारों एवं कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इसके साथ ही राज्य में स्वायत्त ग्रामीण समूहों से जुड़ी महिलाओं द्वारा नीम के बीज की खाद, औद्योगिक उत्पादन और मिलेट उत्पादों के बारे में जानकारी प्रतिनिधियों के साथ साझा की गई। इस बैठक में राज्य में कृषि संबंधित क्षेत्रों में महिलाओं के योगदान पर भी चर्चा की गई। बैठक में राजस्थान में नर्मदा नहर के माध्यम से जालोर एवं बाड़मेर जिलों में हो रही सिंचाई की प्रक्रिया के बारे में भी प्रेजेंटेशन एवं वीडियो के माध्यम से जानकारी दी गई।