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कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुई मेडिकल प्रवेश की सबसे बड़ी परीक्षा, छात्रों ने फिर दिखाई हौसले की मिसाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Sun, 21 Jun 2026 08:27 PM IST
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सार
री-NEET 2026 परीक्षा रविवार को राजस्थान के 25 जिलों में बनाए गए 611 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। जयपुर कमिश्नरेट क्षेत्र में 103 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। प्रदेशभर से करीब दो लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा के बाद छात्रों और अभिभावकों में जहां परिणाम को लेकर उम्मीद नजर आई, वहीं पिछली पेपर लीक घटना को लेकर निराशा और चिंता भी साफ दिखाई दी।
अभिभावकों से बातचीत करते संवाददाता
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
री-नीट 2026 परीक्षा रविवार को राजस्थान के 25 जिलों में बनाए गए 611 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। जयपुर कमिश्नरेट क्षेत्र में 103 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। प्रदेशभर से करीब दो लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा के बाद छात्रों और अभिभावकों में जहां परिणाम को लेकर उम्मीद नजर आई, वहीं पिछली पेपर लीक घटना को लेकर निराशा और चिंता भी साफ दिखाई दी।
मेडिकल प्रवेश की देश की सबसे बड़ी परीक्षाओं में शामिल री-नीट 2026 रविवार को राजस्थान के 25 जिलों में बनाए गए 611 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। जयपुर कमिश्नरेट क्षेत्र में 103 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां पुलिस, प्रशासन और परीक्षा एजेंसियों की निगरानी में परीक्षा आयोजित की गई। प्रदेशभर में करीब दो लाख छात्र-छात्राओं ने परीक्षा में भाग लेकर मेडिकल क्षेत्र में अपना भविष्य संवारने की दिशा में कदम बढ़ाया।
तीन घंटे की परीक्षा के बाद बाहर आए अभ्यर्थी
परीक्षा दोपहर 2 बजे शुरू होकर शाम 5:15 बजे समाप्त हुई। अभ्यर्थियों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया गया। परीक्षा खत्म होने के बाद जब छात्र-छात्राएं केंद्रों से बाहर निकले तो किसी के चेहरे पर संतोष नजर आया तो किसी के चेहरे पर चिंता और तनाव दिखाई दिया। हालांकि, लगभग सभी अभ्यर्थियों और अभिभावकों की बातचीत में एक बात समान रही- नीट 2026 पेपर लीक की घटना को लेकर गहरी निराशा।
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पेपर लीक ने मेहनत पर लगाई चोट
परीक्षा केंद्रों के बाहर मौजूद अभिभावकों ने कहा कि बच्चे वर्षों की मेहनत, त्याग और उम्मीदों के साथ इस परीक्षा की तैयारी करते हैं। पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत पर चोट पहुंचाती हैं और उनका मनोबल तोड़ती हैं। इसके बावजूद अधिकांश परिवारों ने हार नहीं मानी और बच्चों को दोबारा परीक्षा देने के लिए प्रेरित किया।
पिता का सपना, बेटी का डॉक्टर बनने का संकल्प
एक पिता, जो अपनी बेटी को परीक्षा दिलाने आए थे, ने बताया कि वे कटिंग का काम करते हैं और उनकी बेटी ही उनकी दुनिया है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक की खबर से दुख जरूर हुआ, लेकिन उन्होंने बेटी का हौसला बढ़ाया। बेटी ने भी विश्वास जताया कि वह एक दिन डॉक्टर बनकर अपने पिता का सपना जरूर पूरा करेगी।
टूटे हौसले को परिवार ने दिया सहारा
अपने भाई को परीक्षा दिलाने आए एक युवक ने बताया कि पेपर लीक के बाद उसका भाई मानसिक रूप से टूट गया था, लेकिन परिवार ने उसे संभाला और दोबारा परीक्षा के लिए तैयार किया। वहीं, एक दादा अपने पोते को परीक्षा दिलाने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि डॉक्टर बनने का अर्थ लोगों की जान बचाना है, इसलिए इस पेशे में ईमानदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार सफलता केवल मेहनत और योग्यता के दम पर ही मिलनी चाहिए।
यह भी पढ़ें: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की सौगात: खाटूश्यामजी रेलवे स्टेशन पर लगी मुहर, सीकर में पिट लाइन को भी हरी झंडी
मुश्किलों के बावजूद कायम रहा छात्रों का हौसला
अभिभावकों ने चिंता जताई कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में परिवार लाखों रुपये खर्च करते हैं। ऐसे में पेपर लीक जैसी घटनाएं सिर्फ छात्रों ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार के सपनों को प्रभावित करती हैं। री-नीट 2026 ने यह दिखाया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद छात्रों का आत्मविश्वास और अपने सपनों के प्रति समर्पण बरकरार है। अभ्यर्थियों ने उम्मीद जताई कि इस बार परीक्षा प्रक्रिया निष्पक्ष होगी और मेहनत करने वाले छात्रों को उनका उचित अवसर मिलेगा।
मेडिकल प्रवेश की देश की सबसे बड़ी परीक्षाओं में शामिल री-नीट 2026 रविवार को राजस्थान के 25 जिलों में बनाए गए 611 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। जयपुर कमिश्नरेट क्षेत्र में 103 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां पुलिस, प्रशासन और परीक्षा एजेंसियों की निगरानी में परीक्षा आयोजित की गई। प्रदेशभर में करीब दो लाख छात्र-छात्राओं ने परीक्षा में भाग लेकर मेडिकल क्षेत्र में अपना भविष्य संवारने की दिशा में कदम बढ़ाया।
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तीन घंटे की परीक्षा के बाद बाहर आए अभ्यर्थी
परीक्षा दोपहर 2 बजे शुरू होकर शाम 5:15 बजे समाप्त हुई। अभ्यर्थियों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया गया। परीक्षा खत्म होने के बाद जब छात्र-छात्राएं केंद्रों से बाहर निकले तो किसी के चेहरे पर संतोष नजर आया तो किसी के चेहरे पर चिंता और तनाव दिखाई दिया। हालांकि, लगभग सभी अभ्यर्थियों और अभिभावकों की बातचीत में एक बात समान रही- नीट 2026 पेपर लीक की घटना को लेकर गहरी निराशा।
पेपर लीक ने मेहनत पर लगाई चोट
परीक्षा केंद्रों के बाहर मौजूद अभिभावकों ने कहा कि बच्चे वर्षों की मेहनत, त्याग और उम्मीदों के साथ इस परीक्षा की तैयारी करते हैं। पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत पर चोट पहुंचाती हैं और उनका मनोबल तोड़ती हैं। इसके बावजूद अधिकांश परिवारों ने हार नहीं मानी और बच्चों को दोबारा परीक्षा देने के लिए प्रेरित किया।
पिता का सपना, बेटी का डॉक्टर बनने का संकल्प
एक पिता, जो अपनी बेटी को परीक्षा दिलाने आए थे, ने बताया कि वे कटिंग का काम करते हैं और उनकी बेटी ही उनकी दुनिया है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक की खबर से दुख जरूर हुआ, लेकिन उन्होंने बेटी का हौसला बढ़ाया। बेटी ने भी विश्वास जताया कि वह एक दिन डॉक्टर बनकर अपने पिता का सपना जरूर पूरा करेगी।
टूटे हौसले को परिवार ने दिया सहारा
अपने भाई को परीक्षा दिलाने आए एक युवक ने बताया कि पेपर लीक के बाद उसका भाई मानसिक रूप से टूट गया था, लेकिन परिवार ने उसे संभाला और दोबारा परीक्षा के लिए तैयार किया। वहीं, एक दादा अपने पोते को परीक्षा दिलाने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि डॉक्टर बनने का अर्थ लोगों की जान बचाना है, इसलिए इस पेशे में ईमानदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार सफलता केवल मेहनत और योग्यता के दम पर ही मिलनी चाहिए।
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मुश्किलों के बावजूद कायम रहा छात्रों का हौसला
अभिभावकों ने चिंता जताई कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में परिवार लाखों रुपये खर्च करते हैं। ऐसे में पेपर लीक जैसी घटनाएं सिर्फ छात्रों ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार के सपनों को प्रभावित करती हैं। री-नीट 2026 ने यह दिखाया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद छात्रों का आत्मविश्वास और अपने सपनों के प्रति समर्पण बरकरार है। अभ्यर्थियों ने उम्मीद जताई कि इस बार परीक्षा प्रक्रिया निष्पक्ष होगी और मेहनत करने वाले छात्रों को उनका उचित अवसर मिलेगा।