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RPSC EO-RO भर्ती परीक्षा पेपरलीक: दो साल से फरार महिला अभ्यर्थी गिरफ्तार, 7 लाख में हुई थी नकल की डील
Tue, 28 Jul 2026 03:51 PM IST
Sourabh Bhatt
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: Sourabh Bhatt
Updated Tue, 28 Jul 2026 03:51 PM IST
सार
RPSC की EO-RO भर्ती परीक्षा-2022 पेपरलीक मामले में SOG ने दो साल से फरार महिला अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया। ब्लूटूथ से नकल कर परीक्षा पास की थी। 7 लाख रुपये की डील सामने आई।
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आरोपी कोमल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ईओ-आरओ भर्ती परीक्षा-2022 के पेपरलीक और ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल कराने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने दो साल से फरार चल रही एक महिला अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला पर एसओजी ने 5,000 रुपए का इनाम भी घोषित कर रखा था।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि इस मामले में 19 अक्टूबर 2024 को एसओजी थाने में मामला दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि आरोपी पोरो कलैर और उसके चाचा तुलछाराम कलैर ने संगठित गिरोह बनाकर 14 मई 2023 को आयोजित ईओ-आरओ भर्ती परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए अभ्यर्थियों को नकल कराई थी।
इसी मामले में नागौर जिले के कुचेरा थाना क्षेत्र के खजवाना निवासी 23 वर्षीय कोमल को 27 जुलाई को गिरफ्तार किया गया। जांच के अनुसार, वह गिरफ्तारी से बचने के लिए पिछले दो वर्षों से जोधपुर और नागौर में रिश्तेदारों एवं परिचितों के यहां ठिकाने बदल-बदलकर रह रही थी।
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यह भी पढें - Rajasthan News: निकाय चुनाव से पहले शहरों का रिपोर्ट कार्ड; AMRUT 2.0 में 363 परियोजनाएं अटकीं
एसओजी के अनुसार, कोमल वर्ष 2020 से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। उसने ईओ-आरओ परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से नकल कर परीक्षा दी और सफल भी हुई। जांच में यह भी सामने आया कि नौकरी लगने के बाद 7 लाख रुपये देने का सौदा मुख्य आरोपी पोरो कलैर और महिला अभ्यर्थी के बीच तय हुआ था। हालांकि बाद में आरपीएससी ने इस परीक्षा को निरस्त कर दिया। एसओजी ने बताया कि इस प्रकरण में अब तक 33 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार महिला अभ्यर्थी से पूछताछ जारी है और मामले में आगे की जांच की जा रही है।
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अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि इस मामले में 19 अक्टूबर 2024 को एसओजी थाने में मामला दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि आरोपी पोरो कलैर और उसके चाचा तुलछाराम कलैर ने संगठित गिरोह बनाकर 14 मई 2023 को आयोजित ईओ-आरओ भर्ती परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए अभ्यर्थियों को नकल कराई थी।
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इसी मामले में नागौर जिले के कुचेरा थाना क्षेत्र के खजवाना निवासी 23 वर्षीय कोमल को 27 जुलाई को गिरफ्तार किया गया। जांच के अनुसार, वह गिरफ्तारी से बचने के लिए पिछले दो वर्षों से जोधपुर और नागौर में रिश्तेदारों एवं परिचितों के यहां ठिकाने बदल-बदलकर रह रही थी।
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एसओजी के अनुसार, कोमल वर्ष 2020 से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। उसने ईओ-आरओ परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से नकल कर परीक्षा दी और सफल भी हुई। जांच में यह भी सामने आया कि नौकरी लगने के बाद 7 लाख रुपये देने का सौदा मुख्य आरोपी पोरो कलैर और महिला अभ्यर्थी के बीच तय हुआ था। हालांकि बाद में आरपीएससी ने इस परीक्षा को निरस्त कर दिया। एसओजी ने बताया कि इस प्रकरण में अब तक 33 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार महिला अभ्यर्थी से पूछताछ जारी है और मामले में आगे की जांच की जा रही है।