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जैसलमेर हत्याकांड: तीन गाड़ियों ने रास्ता रोका, फिर 15 लोगों ने घेरकर किया हमला; चश्मदीद ने सुनाई खौफनाक कहानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर
Published by: जैसलमेर ब्यूरो
Updated Wed, 10 Jun 2026 08:56 PM IST
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सार
जैसलमेर में महावीर सिंह की हत्या के बाद परिजन मॉर्च्यूरी के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। वहीं चश्मदीद ने दावा किया है कि 10-15 लोगों ने गाड़ियों से घेरकर हमला किया था।
मॉर्च्यूरी के बाहर धरने पर बैठे ग्रामीण
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
जैसलमेर जिले के खुहड़ी थाना क्षेत्र में म्याजलार निवासी महावीर सिंह की हत्या के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। एक तरफ पुलिस आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है, तो दूसरी ओर मृतक के परिजन और ग्रामीण अस्पताल की मॉर्च्यूरी के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। परिजनों ने साफ कहा है कि जब तक वारदात में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब घटना के प्रत्यक्षदर्शी और मृतक के साथी भोपाल सिंह ने पूरी वारदात का आंखों देखा हाल सामने रखा। उसके बयान ने हत्या की इस घटना को और भी गंभीर बना दिया है।
पुरानी रंजिश को बताया जा रहा वजह
मृतक के पिता गोरधन सिंह ने बताया कि उनके बेटे महावीर सिंह और मुख्य आरोपी बताए जा रहे हमीर सिंह के बीच पहले भी कई बार विवाद हो चुका था। हालांकि परिवार को यह अंदेशा नहीं था कि यह रंजिश इतनी बड़ी वारदात का रूप ले लेगी। परिजनों का आरोप है कि हमीर सिंह अपने साथ कई लोगों को लेकर आया और सुनियोजित तरीके से महावीर सिंह पर हमला किया। उनका दावा है कि घटना में 10 से 15 लोग शामिल थे। इसी कारण वे सभी आरोपियों की गिरफ्तारी तक शव लेने को तैयार नहीं हैं।
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मॉर्च्यूरी के बाहर धरने पर बैठे परिजन
घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। उनका आरोप है कि पुलिस ने उन्हें समय पर सूचना नहीं दी और शव को सीधे मॉर्च्यूरी में रखवा दिया गया। सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंचे और मॉर्च्यूरी के बाहर धरना शुरू कर दिया। स्थिति को देखते हुए अस्पताल परिसर और आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
चश्मदीद ने बताई वारदात की पूरी कहानी
महावीर सिंह के साथ बाइक पर सवार भोपाल सिंह ने बताया कि दोनों मंगलवार को जैसलमेर से अपने गांव लौट रहे थे। रास्ते में सामने से तीन गाड़ियां आती दिखाई दीं। गाड़ियों की हेडलाइट लगातार डिपर दे रही थीं, जिससे उन्हें संदेह हुआ।
भोपाल सिंह के अनुसार उन्होंने बाइक धीमी कर सड़क किनारे कर ली, लेकिन तभी एक वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। दोनों सड़क पर गिर गए। इसके बाद कई लोग वहां पहुंचे और उन्हें घेर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावरों ने महावीर सिंह पर लाठियों, डंडों और लोहे के सरियों से हमला किया। वहीं उसे जबरन एक वाहन में बैठाकर अपने साथ ले गए।
धमकी देकर चलती गाड़ी से उतारा
भोपाल सिंह का कहना है कि आरोपियों ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया और घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। कुछ दूरी तक वाहन में ले जाने के बाद उसे रास्ते में उतार दिया गया, जबकि महावीर सिंह को अपने साथ ले गए। उसने दावा किया कि हमलावरों में हमीर सिंह और पापू सिंह को वह पहचानता है, जबकि अन्य लोगों की पहचान नहीं हो सकी।
गंभीर हालत में सड़क किनारे मिला
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने बाद में महावीर सिंह को सोड़ा गांव के पास सड़क किनारे छोड़ दिया। स्थानीय लोगों ने घायल अवस्था में उसे देखा और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उपचार शुरू होने से पहले ही चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
ये भी पढ़ें- Jaisalmer News: दिनदहाड़े अपहरण के बाद युवक की हत्या, सड़क किनारे फेंककर फरार हुए हमलावर; क्षेत्र में खौफ
जांच के दायरे में सीसीटीवी फुटेज
घटना से जुड़ा एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। पुलिस का कहना है कि वीडियो की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर फुटेज को मामले का महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।
आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
जैसलमेर पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीमें गठित की गई हैं। जिलेभर में नाकाबंदी कर संदिग्धों की तलाश की जा रही है। पुलिस हत्या, अपहरण और अन्य गंभीर धाराओं के तहत जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना मामला
अपहरण, सामूहिक हमला और हत्या से जुड़े इस मामले ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है। फिलहाल सभी की निगाहें पुलिस कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी हुई हैं।
मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब घटना के प्रत्यक्षदर्शी और मृतक के साथी भोपाल सिंह ने पूरी वारदात का आंखों देखा हाल सामने रखा। उसके बयान ने हत्या की इस घटना को और भी गंभीर बना दिया है।
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पुरानी रंजिश को बताया जा रहा वजह
मृतक के पिता गोरधन सिंह ने बताया कि उनके बेटे महावीर सिंह और मुख्य आरोपी बताए जा रहे हमीर सिंह के बीच पहले भी कई बार विवाद हो चुका था। हालांकि परिवार को यह अंदेशा नहीं था कि यह रंजिश इतनी बड़ी वारदात का रूप ले लेगी। परिजनों का आरोप है कि हमीर सिंह अपने साथ कई लोगों को लेकर आया और सुनियोजित तरीके से महावीर सिंह पर हमला किया। उनका दावा है कि घटना में 10 से 15 लोग शामिल थे। इसी कारण वे सभी आरोपियों की गिरफ्तारी तक शव लेने को तैयार नहीं हैं।
मॉर्च्यूरी के बाहर धरने पर बैठे परिजन
घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। उनका आरोप है कि पुलिस ने उन्हें समय पर सूचना नहीं दी और शव को सीधे मॉर्च्यूरी में रखवा दिया गया। सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंचे और मॉर्च्यूरी के बाहर धरना शुरू कर दिया। स्थिति को देखते हुए अस्पताल परिसर और आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
चश्मदीद ने बताई वारदात की पूरी कहानी
महावीर सिंह के साथ बाइक पर सवार भोपाल सिंह ने बताया कि दोनों मंगलवार को जैसलमेर से अपने गांव लौट रहे थे। रास्ते में सामने से तीन गाड़ियां आती दिखाई दीं। गाड़ियों की हेडलाइट लगातार डिपर दे रही थीं, जिससे उन्हें संदेह हुआ।
भोपाल सिंह के अनुसार उन्होंने बाइक धीमी कर सड़क किनारे कर ली, लेकिन तभी एक वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। दोनों सड़क पर गिर गए। इसके बाद कई लोग वहां पहुंचे और उन्हें घेर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावरों ने महावीर सिंह पर लाठियों, डंडों और लोहे के सरियों से हमला किया। वहीं उसे जबरन एक वाहन में बैठाकर अपने साथ ले गए।
धमकी देकर चलती गाड़ी से उतारा
भोपाल सिंह का कहना है कि आरोपियों ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया और घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। कुछ दूरी तक वाहन में ले जाने के बाद उसे रास्ते में उतार दिया गया, जबकि महावीर सिंह को अपने साथ ले गए। उसने दावा किया कि हमलावरों में हमीर सिंह और पापू सिंह को वह पहचानता है, जबकि अन्य लोगों की पहचान नहीं हो सकी।
गंभीर हालत में सड़क किनारे मिला
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने बाद में महावीर सिंह को सोड़ा गांव के पास सड़क किनारे छोड़ दिया। स्थानीय लोगों ने घायल अवस्था में उसे देखा और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उपचार शुरू होने से पहले ही चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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जांच के दायरे में सीसीटीवी फुटेज
घटना से जुड़ा एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। पुलिस का कहना है कि वीडियो की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर फुटेज को मामले का महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।
आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
जैसलमेर पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीमें गठित की गई हैं। जिलेभर में नाकाबंदी कर संदिग्धों की तलाश की जा रही है। पुलिस हत्या, अपहरण और अन्य गंभीर धाराओं के तहत जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना मामला
अपहरण, सामूहिक हमला और हत्या से जुड़े इस मामले ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है। फिलहाल सभी की निगाहें पुलिस कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी हुई हैं।