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Rajasthan: जालौर की आकांक्षा कुमावत बनीं 'स्ट्रॉन्ग वीमन ऑफ इंडिया', रिकॉर्ड-गोल्ड मेडल के साथ बढ़ाया मान

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौर Published by: जालौर ब्यूरो Updated Mon, 12 Jan 2026 10:59 AM IST
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सार

जालौर जिले के बावड़ी गांव की रहने वाली आकांक्षा कुमावत ने राष्ट्रीय स्तर की बेंच प्रेस प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर जिले और राजस्थान का नाम रोशन किया है।

Jalore: Akanksha Kumawat a daughter of the district, has been named Strong Woman of India
आकांक्षा कुमावत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जालौर जिले के लिए गौरव का क्षण तब आया जब आहोर उपखंड के बावड़ी गांव निवासी आकांक्षा कुमावत ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी ताकत का लोहा मनवाया। दिल्ली के फरीदाबाद में 7 से 11 जनवरी तक आयोजित 34वीं राष्ट्रीय सीनियर, जूनियर, सब जूनियर एवं मास्टर्स इक्विप्ड और क्लासिक बेंच प्रेस प्रतियोगिता 2025-26 में आकांक्षा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किए और दो स्वर्ण पदक जीतकर ‘स्ट्रॉन्ग वीमन ऑफ इंडिया’ का खिताब अपने नाम किया।
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प्रतियोगिता में आकांक्षा ने पावर लिफ्टिंग और इक्विप्ड बेंच प्रेस दोनों वर्गों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। राजस्थान राज्य पावर लिफ्टिंग संघ के सचिव विनोद साहू ने बताया कि सब जूनियर गर्ल्स टीम का नेतृत्व कर रही आकांक्षा कुमावत ने 57 किलोग्राम भार वर्ग में 77.5 किलोग्राम वजन उठाकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले इस वर्ग में 72.5 किलोग्राम वजन उठाने का रिकॉर्ड था।
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इसके साथ ही आकांक्षा ने इक्विप्ड बेंच प्रेस स्पर्धा में भी 57 किलोग्राम भार वर्ग में 95 किलोग्राम वजन उठाकर एक और राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम किया। इस श्रेणी में पहले राष्ट्रीय रिकॉर्ड 87.5 किलोग्राम का था। दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक जीतने के साथ ही आकांक्षा को ‘स्ट्रॉन्ग वीमन ऑफ इंडिया’ का खिताब प्रदान किया गया।

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अपनी इस उपलब्धि पर आकांक्षा ने कहा कि उनका लक्ष्य केवल जालोर ही नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान का नाम रोशन करना है। वे आगे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर देश का मान बढ़ाना चाहती हैं। आकांक्षा ने इस सफलता का श्रेय अपने कोच लोकेश कुमार और पूनम पूनिया को दिया।

आकांक्षा ने बताया कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने करीब पांच वर्षों तक लगातार कड़ी मेहनत की है। इस दौरान उन्हें परिवार का पूरा सहयोग मिला, जिसने हर चुनौती में आगे बढ़ने का हौसला दिया। आकांक्षा की इस ऐतिहासिक सफलता से जिलेभर में खुशी की लहर है और खेल जगत में उन्हें नई प्रेरणा के रूप में देखा जा रहा है।

 

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