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Jodhpur News: तबादले की सिफारिश अब भगवान भरोसे, विधायक ने अपने कार्यालय में बनाया ‘डिजायर मंदिर’

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर Published by: जोधपुर ब्यूरो Updated Tue, 23 Jun 2026 10:26 PM IST
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सार

तबादलों की सिफारिश से परेशान जोधपुर के भाजपा विधायक अतुल भंसाली ने अलग रास्ता चुना है। उन्होंने अपने कार्यालय में ‘डिजायर मंदिर’ बनाकर ट्रांसफर की अर्जियों को भगवान भरोसे छोड़ने की पहल शुरू की है।

Jodhpur News: Transfer Recommendations Now Left to Divine Will, MLA Sets Up ‘Desire Temple’ in Office
तबादलों की अर्जी के लिए विधायक ने बनाया डिजायर मंदिर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

जोधपुर शहर से भाजपा विधायक अतुल भंसाली ने तबादलों की सिफारिश के लिए एक अनोखी व्यवस्था शुरू की है। ट्रांसफर सीजन के दौरान उन्होंने अपने कार्यालय में ‘डिजायर मंदिर’ बनवाया है, जहां सरकारी कर्मचारी अपनी ट्रांसफर संबंधी अर्जी सीधे भगवान श्रीराम के चरणों में रखी पेटी में जमा कर रहे हैं। विधायक कार्यालय में भगवान श्रीराम की तस्वीर स्थापित की गई है, जिसके सामने एक विशेष बॉक्स रखा गया है। जो भी कर्मचारी या व्यक्ति तबादले की सिफारिश लेकर आता है, उसे अपनी ‘डिजायर’ उस पेटी में डालने के लिए कहा जाता है।





अतुल भंसाली का कहना है कि नेताओं के पास तबादलों को लेकर लगातार आने वाली सिफारिशों की परंपरा अब जरूरत से ज्यादा बढ़ चुकी है। विधायक बनने के बाद से वे प्रतिदिन 17 से 18 घंटे जनता के बीच और कार्यालय में काम करते हैं। ऐसे में यदि पूरा समय ट्रांसफर डिजायर सुनने में ही लग जाए तो जनहित के अन्य महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि करीब दस वर्ष पहले उनके काका और पूर्व विधायक स्वर्गीय कैलाश भंसाली के समय से ही वे इस व्यवस्था को करीब से देखते आ रहे हैं। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित संगठन के वरिष्ठ नेताओं ने भी हमेशा डिजायर की बीमारी से दूर रहने की सलाह दी है।
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भंसाली ने कहा कि सभी सरकारी कर्मचारियों को जोधपुर में पदस्थापित नहीं किया जा सकता और तबादले सरकार की नीतियों एवं नियमों के अनुसार ही होने चाहिए। मुख्यमंत्री द्वारा तबादलों पर लगा प्रतिबंध हटाए जाने के बाद बड़ी संख्या में लोग सिफारिश के लिए पहुंच रहे हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी कर्मचारी के चरित्र, कार्यशैली या योग्यता का प्रमाणपत्र नहीं दे सकते। इसलिए जो भी व्यक्ति ट्रांसफर की डिजायर लेकर आता है, उसे भगवान के चरणों में अर्जी अर्पित करने की सलाह दी जाती है। विधायक का कहना है कि वे किसी के भाग्य का फैसला करने वाले नहीं हैं, बल्कि केवल एक डाकिया हैं। अंतिम निर्णय सरकार के नियमों और ईश्वर की इच्छा के अनुसार ही होना चाहिए।

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