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Pali News: 12 घंटे में बिछड़े दो जिगरी दोस्त, साथ जिए-साथ विदा हुए; भन्दर गांव की मार्मिक कहानी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पाली Published by: जोधपुर ब्यूरो Updated Mon, 27 Apr 2026 10:58 PM IST
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सार

पाली जिले के भन्दर गांव में दो जिगरी दोस्तों की 12 घंटे के भीतर हुई मौत ने हर किसी को भावुक कर दिया। जीवनभर साथ रहे इन दोस्तों की विदाई भी लगभग साथ ही हुई, जिसने उनकी दोस्ती को एक अमर मिसाल बना दिया।

Pali News: Two close friends die within 12 hours, lived together and passed away together; Bhindar mourns
जीवनभर साथ निभाया और साथ ही ली अंतिम विदाई - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

सच्ची दोस्ती की एक हृदय विदारक मिसाल पाली क्षेत्र के भन्दर गांव में देखने को मिली, जहां दो जिगरी दोस्तों ने जिंदगी भर साथ निभाने के बाद दुनिया को भी लगभग एक ही समय पर अलविदा कह दिया। 68 वर्षीय धनराज त्रिवेदी और 74 वर्षीय देवराज दवे की यह कहानी पूरे क्षेत्र को भावुक कर गई।
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दोनों की दोस्ती की शुरुआत गांव के स्कूल से हुई, जहां उन्होंने साथ पढ़ाई की। बाद में बेहतर भविष्य की तलाश में दोनों मुंबई पहुंचे और वर्षों तक कपड़ों के व्यापार में कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। उनकी दोस्ती इतनी गहरी थी कि दोनों परिवार भी आपस में घुल-मिल गए। कोरोना काल के बाद दोनों अपने पैतृक गांव लौट आए और साथ मिलकर खेती-बाड़ी में समय बिताने लगे।
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रविवार तड़के करीब 4 बजे धनराज त्रिवेदी का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। अपने सबसे करीबी दोस्त के जाने की खबर देवराज दवे सहन नहीं कर पाए। सुमेरपुर से गांव लौटते समय उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और कुछ ही घंटों में उन्होंने भी दम तोड़ दिया। महज 12 घंटे के अंतराल में दो दोस्तों का यूं बिछड़ना पूरे गांव को स्तब्ध कर गया।

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सोमवार की सुबह भन्दर गांव में गहरा शोक छाया रहा। परिजनों की इच्छा के अनुसार जीवन भर साथ रहे इन दोस्तों का अंतिम संस्कार भी साथ ही किया गया। भीषण गर्मी को देखते हुए शवों को सुरक्षित रखने के लिए डी-फ्रीजर की व्यवस्था की गई। पहले धनराज त्रिवेदी का अंतिम संस्कार हुआ, फिर कुछ घंटों बाद देवराज दवे को भी मुखाग्नि दी गई।

श्मशान घाट की लपटें इस अटूट दोस्ती की गवाह बनीं, जिसने यह साबित कर दिया कि कुछ रिश्ते जीवन से परे भी साथ निभाते हैं।
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