Karauli: सात साल बाद डबल मर्डर केस का इनामी आरोपी गिरफ्तार, पुजारी बनकर कई राज्यों में काट रहा था फरारी
करौली पुलिस ने 2019 के चर्चित डबल मर्डर मामले में 7 साल से फरार 40 हजार के इनामी आरोपी नागेश उर्फ पिंटू को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया। आरोपी पुजारी बनकर कई राज्यों के मंदिरों में छिपा था। हत्या में प्रयुक्त बंदूक भी बरामद हुई।
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सूरौठ थाना क्षेत्र के चर्चित डबल मर्डर मामले में करीब 7 साल से फरार चल रहे 40 हजार रुपये के इनामी आरोपी को करौली पुलिस ने पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया है। आरोपी पहचान छिपाने के लिए पुजारी का वेश धारण कर राजस्थान समेत कई राज्यों के मंदिरों में रहकर फरारी काट रहा था। पुलिस ने उसके कब्जे से हत्या में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी 12 बोर बंदूक भी बरामद की है।
करौली एसपी लोकेश सोनवाल ने बताया कि भरतपुर रेंज आईजी के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन हन्ता” के तहत जिला स्पेशल टीम और साइबर सेल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी नागेश उर्फ पिंटू पुत्र जगदीश प्रसाद शर्मा निवासी हुक्मीखेड़ा, थाना सूरौठ को पश्चिम बंगाल के पानागढ़ जिले के तेलीपाड़ा गांव स्थित तारा माता मंदिर से गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार आरोपी वर्ष 2019 में हुए दोहरे हत्याकांड के बाद से फरार चल रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह राजस्थान, गुजरात, नेपाल, छत्तीसगढ़, हरियाणा, पंजाब, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के अलग-अलग मंदिरों में पुजारी बनकर रह रहा था।
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साइबर सेल और डीएसटी टीम ने मुखबिर सूचना, तकनीकी निगरानी और लगातार रैकी के आधार पर आरोपी की लोकेशन ट्रेस की। 21 मई को पुलिस टीम ने तारा माता मंदिर में दबिश दी। इस दौरान आरोपी पहाड़ी की ओर भागने लगा, लेकिन पुलिस ने करीब 2 किलोमीटर पीछा कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने पहले खुद को भूरा गोस्वामी बताया, लेकिन दस्तावेजों की जांच और पूछताछ में उसकी असली पहचान नागेश उर्फ पिंटू के रूप में सामने आ गई।
एसपी ने बताया कि 19 फरवरी 2019 को हुक्मीखेड़ा गांव में साझेदारी और पुरानी रंजिश को लेकर बजरंगलाल, विमलेश और कमल पर हमला किया गया था। इस हमले में बजरंगलाल और विमलेश की मौत हो गई थी, जबकि कमल गंभीर रूप से घायल हो गया था। मामले में अन्य तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लाइसेंसी 12 बोर बंदूक बरामद की गई है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है। इस कार्रवाई में डीएसटी प्रभारी रामकुमार, सत्येन्द्र शर्मा, आकाश सोलंकी, एसके कंवर, जगमोहन और चालक भूपसिंह की विशेष भूमिका रही।