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Karauli: जलदाय विभाग की लचर व्यवस्था से नहीं बदला गया सप्लाई वॉल्व, पानी नहीं मिलने से बढ़ी दिक्कतें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करौली
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Tue, 07 Jan 2025 06:01 PM IST
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सार
Karauli: वार्ड क्षेत्रों में सप्लाई की जाने वाली पाइप लाइन का वॉल्व करीब 6 माह पहले खराब हो गया, जिसकी कर्मचारी अनदेखी करते रहे। नतीजन अब लोगों को पानी नहीं मिल रहा।
जलदाय विभाग की लचर व्यवस्था
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
करौली जिला मुख्यालय में जलदाय विभाग के कार्मिकों की लचर कार्यशैली कछुआ चाल को भी पीछे छोड़ रही है। इसका नमूना अभी सामने आया है। करीब 6 माह गुजरने के बाद भी विभाग द्वारा जलापूर्ति सप्लाई वॉल्व को न तो बदला गया और न ही उसे दुरुस्त कराया गया है।
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विशेष बात ये है कि विभाग के जिलास्तरीय अधिकारियों को भी अधीनस्थ कार्मिकों ने इसकी जानकारी तक नहीं दी। चार दिन पहले जब जिला कलेक्टर को इस बार में जानकारी मिली तो विभाग के अधिकारी हरकत में आए। विभागीय कर्मचारियों की इस अनदेखी का खमियाजा करीब आधा दर्जन वार्डों की कई कॉलोनियों के बाशिंदों को उठाना पड़ रहा है।
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असल में मामला यहां कृषि उपज मण्डी यार्ड के पीछे स्थित उच्च जलाशय का है। जहां से जलापूर्ति के लिए पाइन लाइनें निकल रही हैं। वार्ड क्षेत्रों में सप्लाई की जाने वाली पाइप लाइन का वॉल्व करीब 6 माह पहले खराब हो गया, जिसकी कर्मचारी अनदेखी करते रहे।
नतीजतन इससे जलापूर्ति बाधित हो रही है और केवल ओवरफ्लो के पानी से ही कॉलोनियों में पानी पहुंच रहा है, लेकिन ओवरफ्लो से समुचित पानी लोगों को नहीं मिल रहा और उन्हें पेयजल समस्या झेलनी पड़ रही है। विशेष परेशानी अन्तिम छोर पर स्थित घरों में होती है, जहां पानी पहुंच ही नहीं पाता।
14 इंच का का है वॉल्व, एक लाख की कीमत
विभागीय सूत्रों के अनुसार करीब 14 इंच का सप्लाई वॉल्व करीब 6 माह से खराब है, जिसकी कीमत करीब 90 हजार से एक लाख रुपए तक होती है। यह काफी भारी भी होता है। सूत्र बताते हैं कि टंकी के ओवरफ्लो को डिस्ट्रिब्यूशन की लाइन में जोड़ दिया जाता है, जिससे ओवरफ्लो का जितना पानी होता है, वह ही पाइप लाइनों में पहुंच पाता है।
आरयूआईडीपी ने तैयार की थी जल योजना
गौरतलब है कि राजस्थान अरबन इन्फ्रास्ट्रेक्चर डवलपमेंट प्रोजेक्ट (आरयूआईडीपी) की ओर से कृषि उपज मण्डी यार्ड के पीछे शहरी जल योजना के तहत उच्च जलाशय निर्माण के साथ पाइप लाइन डाली गई थी।
28.64 करोड़ रुपए की इस अनुमानित जल योजना के जरिए नगरपरिषद क्षेत्र के आधा दर्जन वार्डों में जलापूर्ति निर्धारित की गई। इनमें वार्ड नंबर दो, चार, पांच, आठ, नौ और 32 को शामिल किया गया। इन वार्ड क्षेत्रों में कई कॉलोनियां बसी हुई हैं।
इनका कहना है
सप्लाई वॉल्व के खराब होने की अभी तीन दिन पहले ही जानकारी मिली है। 14 इंच का वॉल्व है, जिसे बदलने के लिए कार्रवाई की जा रही है। हिण्डौन स्थित स्टोर में वॉल्व के लिए जानकारी कर रहे हैं। नहीं मिलने पर फिलहाल इसे ही खुलवाकर मरम्मत कराई जाएगी।
परशुराम वर्मा, अधीक्षण अभियंता, पीएचईडी, करौली