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Kota: कोटा में गिरी तीन मंजिला बिल्डिंग, 7 लोगों को मलबे से निकाला गया एक की हुई मौत; राहत-बचाव अभियान जारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Sat, 07 Feb 2026 10:24 PM IST
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सार
Kota: कोटा में शनिवार रात लगभग 9 बजे एक तीन मंजिला इमारत के गिरने की खबर सामने आई है। मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। सात लोगों को निकाल लिया गया है। एक की मौत हो गई है। मौके पर रेस्कयू की टीम पहुंच चुकी है। घायलों को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।
कोटा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्थान के कोटा शहर में शनिवार रात करीब 9 बजे बड़ा हादसा हो गया। तलवंडी इलाके में स्थित एक 3 मंजिला इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। इमारत के भूतल पर ‘दिल्ली नॉनवेज’ नाम से रेस्टोरेंट संचालित हो रहा था। हादसे के वक्त रेस्टोरेंट में कर्मचारी और ग्राहक मौजूद थे, जिनके मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। सात लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया है। वहीं, एक शख्स की मौत हो गई है। सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जेसीबी से हटाया जा रहा मलबा
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और आपदा राहत दल मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। सुरक्षा कारणों से पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम किया जा रहा है। खबर लिखे जाने तक मलबे से पांच लोगों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया जा चुका है। सभी का इलाज जारी है। बीते एक घंटे से लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है, हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि अंदर कुल कितने लोग फंसे हुए हैं।
तेज धमाके की आवाज और इमारत जमींदोज
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे से ठीक पहले जोरदार आवाज सुनाई दी, जो पटाखों या ब्लास्ट जैसी लगी। लोगों ने बताया कि अचानक तेज धमाके की आवाज आई और कुछ ही पलों में पूरी इमारत नीचे गिर गई। मलबे के भीतर से “बचाओ-बचाओ” की आवाजें भी सुनाई दीं, जिसके बाद स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े।
स्थानीय लोगों ने क्या बताया?
स्थानीय दुकानदार अकरम ने बताया कि दिल्ली नॉनवेज रेस्टोरेंट में आमतौर पर 8 से 10 कर्मचारी काम करते हैं और रात के समय ग्राहक भी मौजूद रहते हैं। हादसे के समय कुछ स्टूडेंट्स समेत कई लोग खाना खा रहे थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस इमारत के पीछे स्थित एक अन्य बिल्डिंग में पिछले कई दिनों से निर्माण कार्य चल रहा था। वहां रोजाना ड्रिल मशीन और हैमर का इस्तेमाल होता था, जिससे आसपास की इमारतों में लगातार वाइब्रेशन महसूस किया जा रहा था।
ये भी पढ़ें: उदयपुर में तुर्की सिंगर का कार्यक्रम रद्द, NSUI बोली- पाकिस्तान समर्थन का स्वीकार्य नहीं
प्रशासन ने क्षेत्र को किया सील
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार कंपन के कारण इमारत कमजोर हो गई थी, जिससे यह हादसा हुआ हो सकता है। फिलहाल प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को सील कर दिया है और बचाव कार्य प्राथमिकता पर जारी है। हादसे के कारणों की जांच के लिए तकनीकी टीम को बुलाया गया है। प्रशासन का कहना है कि रेस्क्यू पूरा होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मौके पर पहुंचे मंत्री मदन दिलावर
इस घटना के तुरंत बाद राजस्थान सरकार के मंत्री मदन दिलावर घटनास्थल पर पहुंचे। यहां उन्होंने जाकर घटनास्थल का दौरा किया और अधिकारियों को तेजी से बचाव कार्य करने का आदेश दिया। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मैंने स्थिति का जायजा लिया है। अभी किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई है। बचाव टीमें पूरी राहत के साथ जुटी हुई हैं। हादसे के बारे में अभी ज्यादा कुछ कहा नहीं जा सकता है।
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जेसीबी से हटाया जा रहा मलबा
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और आपदा राहत दल मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। सुरक्षा कारणों से पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम किया जा रहा है। खबर लिखे जाने तक मलबे से पांच लोगों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया जा चुका है। सभी का इलाज जारी है। बीते एक घंटे से लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है, हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि अंदर कुल कितने लोग फंसे हुए हैं।
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तेज धमाके की आवाज और इमारत जमींदोज
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे से ठीक पहले जोरदार आवाज सुनाई दी, जो पटाखों या ब्लास्ट जैसी लगी। लोगों ने बताया कि अचानक तेज धमाके की आवाज आई और कुछ ही पलों में पूरी इमारत नीचे गिर गई। मलबे के भीतर से “बचाओ-बचाओ” की आवाजें भी सुनाई दीं, जिसके बाद स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े।
स्थानीय लोगों ने क्या बताया?
स्थानीय दुकानदार अकरम ने बताया कि दिल्ली नॉनवेज रेस्टोरेंट में आमतौर पर 8 से 10 कर्मचारी काम करते हैं और रात के समय ग्राहक भी मौजूद रहते हैं। हादसे के समय कुछ स्टूडेंट्स समेत कई लोग खाना खा रहे थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस इमारत के पीछे स्थित एक अन्य बिल्डिंग में पिछले कई दिनों से निर्माण कार्य चल रहा था। वहां रोजाना ड्रिल मशीन और हैमर का इस्तेमाल होता था, जिससे आसपास की इमारतों में लगातार वाइब्रेशन महसूस किया जा रहा था।
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प्रशासन ने क्षेत्र को किया सील
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार कंपन के कारण इमारत कमजोर हो गई थी, जिससे यह हादसा हुआ हो सकता है। फिलहाल प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को सील कर दिया है और बचाव कार्य प्राथमिकता पर जारी है। हादसे के कारणों की जांच के लिए तकनीकी टीम को बुलाया गया है। प्रशासन का कहना है कि रेस्क्यू पूरा होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मौके पर पहुंचे मंत्री मदन दिलावर
इस घटना के तुरंत बाद राजस्थान सरकार के मंत्री मदन दिलावर घटनास्थल पर पहुंचे। यहां उन्होंने जाकर घटनास्थल का दौरा किया और अधिकारियों को तेजी से बचाव कार्य करने का आदेश दिया। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मैंने स्थिति का जायजा लिया है। अभी किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई है। बचाव टीमें पूरी राहत के साथ जुटी हुई हैं। हादसे के बारे में अभी ज्यादा कुछ कहा नहीं जा सकता है।