Kota News: चार प्रसूताओं की मौत व किडनी फेल के मामले ने पकड़ा तूल, दस दिन बाद चिकित्सा मंत्री पहुंचे अस्पताल
कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चार प्रसूताओं की मौत और कुछ महिलाओं के किडनी फेल होने के मामले ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के 10 दिन बाद चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर अस्पताल पहुंचे और पूरे मामले की जांच का भरोसा दिलाया।
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कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चार प्रसूताओं की मौत और कुछ अन्य प्रसूताओं के किडनी फेल होने के मामले ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के करीब 10 दिन बाद गुरुवार को चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर अचानक कोटा पहुंचे और अस्पताल का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने वार्ड में भर्ती प्रसूताओं के परिजनों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। साथ ही चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से भी मामले की जानकारी ली। हालांकि, कुछ परिजनों ने आरोप लगाया कि मंत्री ने उनकी बात पूरी तरह नहीं सुनी।
'जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा'
मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि प्रदेश सरकार इस घटना से बेहद दुखी है और मृत प्रसूताओं को श्रद्धांजलि अर्पित करती है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर मामले में लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि जांच अभी जारी है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
मंत्री ने बताया कि एक प्रसूता की हालत अधिक गंभीर होने पर उसे एयर एंबुलेंस से दूसरे अस्पताल भेजने की तैयारी भी की गई थी, लेकिन परिजनों ने इसके लिए सहमति नहीं दी। घटना के तुरंत बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम कोटा भेजी गई थी, जिसने मामले की प्रारंभिक जांच की है।
सिजेरियन के बाद मौत की वजह पर जांच
मंत्री खींवसर ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि विभाग के कर्मचारियों को घबराने की जरूरत नहीं है। कुछ कर्मचारियों को कार्रवाई का डर है, लेकिन सरकार निष्पक्ष तरीके से जांच कर रही है।
उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों में सप्लाई होने वाली लगभग 80 प्रतिशत दवाइयों की सैंपलिंग के बाद ही उन्हें उपयोग में लिया जाता है, जबकि बाहर से ली जा रही 20 प्रतिशत दवाओं की भी जांच कराई जा रही है। मंत्री ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रसूताओं की सिजेरियन डिलीवरी के बाद मौत क्यों हुई। सरकार इसी बिंदु पर गंभीरता से जांच कर रही है।
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एम्स की टीम करेगी जांच
मंत्री ने कहा कि इस घटना को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी चिंता जताई है। वे स्वयं अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा ले चुके हैं। अब एक-दो दिन में एम्स की विशेषज्ञ टीम भी कोटा पहुंचेगी। यह टीम पूरे मामले की अलग से जांच करेगी। यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि प्रसूताओं की मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या थे। उन्होंने कहा कि विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही जांच सही दिशा में आगे बढ़ पाएगी।