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Rajasthan: चंबल नदी पर 256 करोड़ की लागत से बनेगा पुल, कोटा को बूंदी से जोड़ेगा; मिलेगी बड़ी राहत

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा Published by: कोटा ब्यूरो Updated Sat, 04 Apr 2026 06:18 PM IST
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सार

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कोटा-बूंदी के बीच चंबल नदी पर 256 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले उच्च स्तरीय पुल का भूमि पूजन किया। साथ ही 281 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का शिलान्यास भी किया गया। 

Bridge to Be Built on Chambal River at Cost of 256 Crore, Will Connect Kota to Bundi Major Relief Expected
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 281 करोड़ के विकास कार्यों का शिलान्यास किया - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार

राजस्थान में कनेक्टिविटी और विकास की नई इबारत लिखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को कोटा जिले के इटावा खंड के ढीपरी चम्बल और बूंदी जिले के चाणदा खुर्द को जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित पुल का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। चम्बल नदी पर बनने वाले इस उच्च स्तरीय पुल की लागत 256 करोड़ रुपये है। इस अवसर पर राजस्थान के कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री किरोड़ी लाल मीणा भी मौजूद रहे।
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281 करोड़ के विकास कार्यों का शिलान्यास
कार्यक्रम में इस पुल के अलावा सड़क, पेयजल, सामुदायिक भवन और शिक्षा समेत बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कुल 281 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस मौके पर कहा कि यह पुल और अन्य कई परियोजनाएं वन विभाग की आपत्तियों की वजह से वर्षों से अधर में लटकी हुई थीं। अब वे अड़चनें दूर कर दी गई हैं और काम तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि चम्बल क्षेत्र में करीब 30 किलोमीटर के दायरे में कई पुलों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे पूरे इलाके की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।
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राजस्थान से एमपी भी होगा कनेक्ट
 झरेल पुल के बनने से सवाईमाधोपुर से संपर्क बेहतर होगा और शहनावदा तथा मध्यप्रदेश के पनवाड़ा के बीच पार्वती नदी पर भी नए हाईलेवल ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। ढीपरी पुल बनने के बाद जो सबसे बड़ा फायदा होगा वह यह है कि एक्सप्रेस-वे तक पहुंचना और आसान हो जाएगा। इससे दिल्ली की दूरी करीब 4 घंटे और उज्जैन महाकाल मंदिर की दूरी लगभग साढ़े तीन घंटे रह जाएगी। बिरला ने यह भी जानकारी दी कि श्योपुर से दीगोद तक रेल कनेक्टिविटी के लिए सर्वे पूरा हो चुका है और जल्द ही यह क्षेत्र रेल सेवा से भी जुड़ जाएगा।जल संकट के समाधान पर बात करते हुए बिरला ने कहा कि चम्बल का पानी अंतिम छोर तक पहुंचाना उनका लक्ष्य है। नौनेरा डेम के ज़रिए हर घर तक नल से जल पहुंचाया जाएगा जिसका सबसे ज्यादा लाभ ग्रामीण माताओं और बहनों को मिलेगा।
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