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Kotputli-Behror News: ड्यूटी के दौरान शहीद हुए देशराज सिंह तंवर, कल सैन्य सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटपूतली-बहरोड़
Published by: कोटपुतली ब्यूरो
Updated Mon, 27 Apr 2026 10:43 PM IST
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सार
अरुणाचल प्रदेश में ड्यूटी के दौरान भूस्खलन की चपेट में आकर पाटन क्षेत्र के जवान देशराज सिंह तंवर शहीद हो गए। इस खबर से पूरे इलाके में शोक की लहर है। कल उनका अंतिम संस्कार सैन्य सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव में किया जाएगा।
सीमा पर कर्तव्य निभाते शहीद हुए काचरेडा के वीर सपूत देशराज सिंह तंवर
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विस्तार
जिले के पाटन क्षेत्र के काचरेडा गांव निवासी भारतीय सेना के जांबाज जवान ग्रेनेडियर देशराज सिंह तंवर के अरुणाचल प्रदेश में शहीद होने की खबर से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया, जिससे क्षेत्रवासियों में गर्व के साथ गहरा दुःख भी व्याप्त है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 25 अप्रैल को अरुणाचल प्रदेश में सीमा पर गश्त के दौरान अचानक हुए भूस्खलन की चपेट में आने से देशराज सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और वे वीरगति को प्राप्त हो गए।
शहीद की पार्थिव देह सोमवार सुबह गुवाहाटी से विमान द्वारा दिल्ली के लिए रवाना की गई। दिल्ली पहुंचने के बाद पार्थिव देह को कोटपूतली के बीडीएम अस्पताल में रखा जाएगा, जहां अंतिम दर्शन के लिए आमजन को अवसर दिया जाएगा, इसके बाद पार्थिव देह को उनके पैतृक गांव काचरेडा ले जाया जाएगा।
ये भी पढ़ें: Rajasthan: 'कार्यकर्ता ही पार्टी की असली ताकत', टोंक में भाजपा कार्यालयों के उद्घाटन के दौरान बोले नितिन नवी
मंगलवार को शहीद देशराज सिंह का अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनके गांव में किया जाएगा। इस दौरान सेना के अधिकारी और जवान उन्हें सलामी देंगे। शहीद के सम्मान में पाटन से काचरेडा तक भव्य तिरंगा यात्रा भी निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी शामिल होंगे।
परिजनों की स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। बताया जा रहा है कि परिवार की महिलाओं, बुजुर्गों और उनके पिता उदय सिंह को अभी तक शहादत की जानकारी नहीं दी गई है।
परिवार का सेना से गहरा नाता रहा है। देशराज सिंह तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थे। उनके बड़े भाई भी भारतीय सेना में सेवारत हैं, जबकि उनके दादा भगवान सिंह सेना से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। देशराज सिंह करीब पांच वर्ष पहले सेना में भर्ती हुए थे। वे अपने पीछे पत्नी और दो साल की मासूम बेटी को छोड़ गए हैं।
देशराज सिंह की शहादत से पूरे क्षेत्र में शोक के साथ-साथ देशभक्ति की भावना भी प्रबल हो उठी है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदान को हमेशा याद रखने की बात कही है।
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शहीद की पार्थिव देह सोमवार सुबह गुवाहाटी से विमान द्वारा दिल्ली के लिए रवाना की गई। दिल्ली पहुंचने के बाद पार्थिव देह को कोटपूतली के बीडीएम अस्पताल में रखा जाएगा, जहां अंतिम दर्शन के लिए आमजन को अवसर दिया जाएगा, इसके बाद पार्थिव देह को उनके पैतृक गांव काचरेडा ले जाया जाएगा।
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मंगलवार को शहीद देशराज सिंह का अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनके गांव में किया जाएगा। इस दौरान सेना के अधिकारी और जवान उन्हें सलामी देंगे। शहीद के सम्मान में पाटन से काचरेडा तक भव्य तिरंगा यात्रा भी निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी शामिल होंगे।
परिजनों की स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। बताया जा रहा है कि परिवार की महिलाओं, बुजुर्गों और उनके पिता उदय सिंह को अभी तक शहादत की जानकारी नहीं दी गई है।
परिवार का सेना से गहरा नाता रहा है। देशराज सिंह तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थे। उनके बड़े भाई भी भारतीय सेना में सेवारत हैं, जबकि उनके दादा भगवान सिंह सेना से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। देशराज सिंह करीब पांच वर्ष पहले सेना में भर्ती हुए थे। वे अपने पीछे पत्नी और दो साल की मासूम बेटी को छोड़ गए हैं।
देशराज सिंह की शहादत से पूरे क्षेत्र में शोक के साथ-साथ देशभक्ति की भावना भी प्रबल हो उठी है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदान को हमेशा याद रखने की बात कही है।
