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कोटपूतली FCI केंद्र में तौल घोटाले का खुलासा: गेहूं खरीद में गड़बड़ी, किसानों को हो रहा था सीधा नुकसान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटपूतली-बहरोड़
Published by: कोटपुतली ब्यूरो
Updated Tue, 28 Apr 2026 10:44 PM IST
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सार
कोटपूतली की कृषि उपज मंडी में भारतीय खाद्य निगम गेहूं खरीद केंद्र में निरीक्षण के दौरान तौल में बड़ी गड़बड़ी सामने आई। प्रति 50 किलो पर 350 ग्राम अधिक वजन और कट्टों में अनियमितता पाई गई। एडीएम ने कार्रवाई के निर्देश दिए और दोषियों पर कार्रवाई की बात कही।
औचक निरीक्षण में तौल व्यवस्था में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
कोटपूतली के कृषि उपज मंडी समिति स्थित भारतीय खाद्य निगम के गेहूं खरीद केंद्र पर मंगलवार को हुए औचक निरीक्षण में तौल व्यवस्था में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीएम) ओमप्रकाश सहारण की कार्रवाई के बाद खरीद व्यवस्था की पोल खुल गई।
किसानों ने की थी शिकायत
किसानों की लगातार शिकायतों के बाद किए गए निरीक्षण में पाया गया कि केंद्र पर लगे इलेक्ट्रॉनिक कांटे निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थे। जांच में सामने आया कि प्रति 50 किलो गेहूं पर लगभग 350 ग्राम तक अधिक वजन दर्ज किया जा रहा था, जिससे किसानों को सीधा आर्थिक नुकसान हो रहा था।
खाली कट्टों के वजन में भी मिली गड़बड़ी
इसके अलावा खाली कट्टों के वजन में भी बड़ी गड़बड़ी पाई गई। जहां मानक अनुसार एक कट्टे का वजन 135 ग्राम होना चाहिए, वहीं 500 से 700 ग्राम तक की कटौती दर्ज की गई। इस कारण प्रत्येक कट्टे पर किसानों को करीब 700 से 800 ग्राम तक का नुकसान झेलना पड़ रहा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एडीएम ने तत्काल विधिक मापतोल विभाग की टीम को मौके पर बुलाया। तकनीकी जांच में केंद्र के तीनों कांटे लंबे समय से अप्रमाणित पाए गए और उनमें गड़बड़ी की पुष्टि हुई।
ये भी पढ़ें- फर्नीचर फैक्ट्री में भीषण आग; बिजली के पोल में ब्लास्ट से मची हड़कंप; दमकल की गाड़ियों ने पाया काबू
एडीएम ने लगाई फटकार
इसके बाद एडीएम सहारण ने खरीद केंद्र प्रभारी को कड़ी फटकार लगाई और सभी कांटों को तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही भारतीय खाद्य निगम के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए मंडी समिति सचिव और विधिक मापतोल विभाग को निर्देशित किया गया। एडीएम ने स्पष्ट कहा कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी खरीद केंद्रों पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने और नियमित जांच के आदेश दिए। निरीक्षण के दौरान मंडी समिति सचिव रामफूल गुर्जर सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। कार्रवाई के बाद किसानों ने राहत की सांस ली और प्रशासन की पहल का स्वागत किया।
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किसानों ने की थी शिकायत
किसानों की लगातार शिकायतों के बाद किए गए निरीक्षण में पाया गया कि केंद्र पर लगे इलेक्ट्रॉनिक कांटे निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थे। जांच में सामने आया कि प्रति 50 किलो गेहूं पर लगभग 350 ग्राम तक अधिक वजन दर्ज किया जा रहा था, जिससे किसानों को सीधा आर्थिक नुकसान हो रहा था।
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खाली कट्टों के वजन में भी मिली गड़बड़ी
इसके अलावा खाली कट्टों के वजन में भी बड़ी गड़बड़ी पाई गई। जहां मानक अनुसार एक कट्टे का वजन 135 ग्राम होना चाहिए, वहीं 500 से 700 ग्राम तक की कटौती दर्ज की गई। इस कारण प्रत्येक कट्टे पर किसानों को करीब 700 से 800 ग्राम तक का नुकसान झेलना पड़ रहा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एडीएम ने तत्काल विधिक मापतोल विभाग की टीम को मौके पर बुलाया। तकनीकी जांच में केंद्र के तीनों कांटे लंबे समय से अप्रमाणित पाए गए और उनमें गड़बड़ी की पुष्टि हुई।
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एडीएम ने लगाई फटकार
इसके बाद एडीएम सहारण ने खरीद केंद्र प्रभारी को कड़ी फटकार लगाई और सभी कांटों को तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही भारतीय खाद्य निगम के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए मंडी समिति सचिव और विधिक मापतोल विभाग को निर्देशित किया गया। एडीएम ने स्पष्ट कहा कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी खरीद केंद्रों पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने और नियमित जांच के आदेश दिए। निरीक्षण के दौरान मंडी समिति सचिव रामफूल गुर्जर सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। कार्रवाई के बाद किसानों ने राहत की सांस ली और प्रशासन की पहल का स्वागत किया।

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