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Rajasthan: कोटपूतली में 258वें दिन भी ग्रामीणों का धरना जारी, ब्लास्टिंग पर बढ़ा बवाल; क्या कर रहा प्रशासन?

न्यूज डेस्क,अमर उजाला, कोटपूतली-बहरोड़ Published by: कोटपुतली ब्यूरो Updated Sun, 26 Apr 2026 06:48 PM IST
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सार

Kotputli News: कोटपूतली के अजीतपुरा कलां-कुजोता गांव में नेशनल लाइमस्टोन कंपनी के खिलाफ 258वें दिन भी धरना जारी है। आबादी के पास ब्लास्टिंग से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया। विरोध के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ब्लास्टिंग रुकवाई, अब खनिज विभाग की जांच का इंतजार है।

Kotputli News: Villagers' Sit-in Protest Continues for the 258th Day in Ajitpura Kalan-Kujota; Uproar Over Bla
अजीतपुरा कलां-कुजोता गांव में नेशनल लाइमस्टोन कंपनी के खिलाफ 258वें दिन भी धरना जारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

कोटपूतली क्षेत्र के अजीतपुरा कलां-कुजोता गांव में नेशनल लाइमस्टोन कंपनी के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध लगातार 258वें दिन भी जारी है। लंबे समय से चल रहा यह धरना अब और अधिक उग्र रूप लेता नजर आ रहा है। रविवार को हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए, जब कंपनी द्वारा आबादी क्षेत्र के बेहद नजदीक अचानक ब्लास्टिंग शुरू कर दी गई। धमाकों की आवाज और कंपन से ग्रामीणों में दहशत फैल गई और गुस्साए लोगों ने मौके पर पहुंचकर विरोध जताया।

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ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी लगातार खनन और ब्लास्टिंग से जुड़े सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रही है। नियमानुसार खनन गतिविधियां आबादी, सड़क और स्कूल से कम से कम 45 मीटर दूर तथा ब्लास्टिंग करीब 300 मीटर की दूरी पर होनी चाहिए। लेकिन यहां रिहायशी इलाकों, स्कूल और यहां तक कि श्मशान भूमि के पास भी विस्फोट किए जा रहे हैं। इससे न केवल जान-माल का खतरा बढ़ रहा है, बल्कि बच्चों और बुजुर्गों में भय का माहौल भी गहरा गया है।
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स्थिति उस वक्त और बिगड़ गई जब ग्रामीणों ने विरोध किया। आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने बाहरी लोगों को बुलाकर दबाव बनाने की कोशिश की और महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार भी किया गया। इससे आक्रोशित ग्रामीणों और कंपनी के बीच टकराव की स्थिति बन गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत उपखंड अधिकारी को सूचना दी गई।



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सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया और एएसआई धूड़सिंह, चौकी इंचार्ज ओमप्रकाश गुर्जर तथा एएसआई सतवीर यादव के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने तत्काल ब्लास्टिंग रुकवाकर स्थिति को नियंत्रण में लिया और दोनों पक्षों को समझाइश दी।

प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सोमवार को खनिज अभियंता के निरीक्षण तक किसी भी प्रकार की ब्लास्टिंग नहीं की जाएगी। साथ ही खनन क्षेत्र का नए सिरे से सीमांकन (चिन्हीकरण) होने तक सभी गतिविधियों पर रोक लगाने के आदेश दिए गए हैं।

धरने में सरपंच प्रतिनिधि नेतराम ताखर, पूर्व सरपंच रामकरण मीणा सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी ने आंदोलन को और मजबूती दी है। फिलहाल प्रशासन के आश्वासन के बाद स्थिति शांत है, लेकिन ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, विरोध जारी रहेगा।

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