{"_id":"6a1ee3c42d1b5616b40f02a2","slug":"hundreds-rejoin-ajitpura-protest-after-clash-mining-lease-row-deepens-police-continue-action-kotputli-behror-news-c-1-1-noi1440-4351413-2026-06-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोटपूतली में खनन लीज विवाद: खूनी संघर्ष के बाद दोबारा धरने पर बैठे ग्रामीण, फायरिंग के आरोपों से बढ़ा तनाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोटपूतली में खनन लीज विवाद: खूनी संघर्ष के बाद दोबारा धरने पर बैठे ग्रामीण, फायरिंग के आरोपों से बढ़ा तनाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटपूतली-बहरोड़
Published by: कोटपुतली ब्यूरो
Updated Tue, 02 Jun 2026 08:11 PM IST
विज्ञापन
सार
कोटपूतली के अजीतपुरा-कुजोता गांव में खनन लीज विवाद को लेकर संघर्ष के बाद भी आंदोलन जारी है। ग्रामीण दोबारा धरने पर बैठ गए हैं। फायरिंग के आरोपों से तनाव बढ़ गया है, जबकि प्रशासन और पुलिस वार्ता व जांच के जरिए मामले को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।
अजीतपुरा-कुजोता में खनन लीज के विरोध में संघर्ष के बाद धरना स्थल पर जुटे ग्रामीण
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
कोटपूतली के अजीतपुरा-कुजोता गांव में खनन लीज के विरोध को लेकर चल रहा आंदोलन सोमवार को हुए हिंसक संघर्ष के बाद मंगलवार को भी जारी रहा। संघर्ष के अगले दिन बड़ी संख्या में ग्रामीण एक बार फिर धरना स्थल पर पहुंच गए और खनन गतिविधियों के विरोध में प्रदर्शन किया। क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पुलिस बल तैनात रहा, जबकि प्रशासनिक अधिकारियों ने दोनों पक्षों से वार्ता कर समाधान निकालने की पहल शुरू की है।
विवाद के कारण हुई छह राउंड फायरिंग
ग्रामीणों का आरोप है कि रविवार को धरना हटाने की कार्रवाई के बाद हुए विवाद के दौरान करीब छह राउंड फायरिंग की गई, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। धरनार्थियों का दावा है कि घटनास्थल से कारतूसों के खोल भी बरामद हुए हैं। हालांकि पुलिस ने अभी तक फायरिंग की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि बरामद कारतूसों के खोलों की जांच की जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
ठोस कार्रवाई की मांग
मंगलवार को धरना स्थल पर ग्रामीणों की मौजूदगी के बीच तहसीलदार रामधन गुर्जर और डीएसपी राजेंद्र बुरड़क ने लोगों से बातचीत की। प्रशासन का कहना है कि संवाद के माध्यम से विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीण खनन गतिविधियां बंद कराने और अपनी मांगों पर ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन
दोनों पक्षों की ओर से दर्ज कराए गए मामले
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नाजिम खान ने बताया कि घटना के संबंध में ग्रामीणों और खनन लीज धारक दोनों पक्षों की ओर से मामले दर्ज कराए गए हैं। पुलिस टीमें आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं। अब तक एक पक्ष के तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि पांच अन्य व्यक्तियों को एहतियातन कार्रवाई के तहत दस्तयाब किया गया है।
खनन लीज के विरोध में चल रहा था धरना
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नाजिम खान कहा कि गांव में करीब 280 दिनों से खनन लीज के विरोध में धरना चल रहा था। प्रशासनिक निर्देशों के तहत पुलिस सहयोग से धरना स्थल को हटाया गया था। कार्रवाई के दौरान जब्त किया गया सामान बाद में ग्रामीणों को लौटा दिया गया। इसके बावजूद विवाद पूरी तरह शांत नहीं हुआ और संघर्ष के बाद ग्रामीण फिर से धरने पर बैठ गए। फायरिंग के आरोपों को लेकर एएसपी नाजिम खान ने कहा कि अभी तक गोली चलने की पुष्टि के लिए कोई ठोस साक्ष्य सामने नहीं आया है। हालांकि घटनास्थल से मिले कारतूसों के खोलों की जांच की जा रही है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष जांच कर रही है।
वहीं, उपखंड अधिकारी योगेश देवल ने स्पष्ट किया कि उनकी ओर से दोबारा धरना लगाने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि यह विवाद संबंधित पक्षों के बीच का मामला है। एसडीएम ने कहा कि जिस कंपनी को खनन लीज मिली है, उसे नियमानुसार कार्य करने का अधिकार है, वहीं ग्रामीणों की उचित मांगों पर भी प्रशासन गंभीरता से विचार करेगा।
ये भी पढ़ें- सलमान खान को बड़ी राहत: एफएसएल जांच के लिए नहीं आना पड़ेगा कोटा, 14 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
गौरतलब है कि अजीतपुरा-कुजोता क्षेत्र में खनन लीज के विरोध में पिछले करीब नौ माह से आंदोलन जारी है। धरना हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई के बाद स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई और दोनों पक्षों के बीच टकराव की नौबत आ गई। अब प्रशासन वार्ता और कानूनी प्रक्रिया के जरिए मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने का प्रयास कर रहा है, जबकि ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
विवाद के कारण हुई छह राउंड फायरिंग
ग्रामीणों का आरोप है कि रविवार को धरना हटाने की कार्रवाई के बाद हुए विवाद के दौरान करीब छह राउंड फायरिंग की गई, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। धरनार्थियों का दावा है कि घटनास्थल से कारतूसों के खोल भी बरामद हुए हैं। हालांकि पुलिस ने अभी तक फायरिंग की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि बरामद कारतूसों के खोलों की जांच की जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
ठोस कार्रवाई की मांग
मंगलवार को धरना स्थल पर ग्रामीणों की मौजूदगी के बीच तहसीलदार रामधन गुर्जर और डीएसपी राजेंद्र बुरड़क ने लोगों से बातचीत की। प्रशासन का कहना है कि संवाद के माध्यम से विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीण खनन गतिविधियां बंद कराने और अपनी मांगों पर ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
Trending Videos
दोनों पक्षों की ओर से दर्ज कराए गए मामले
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नाजिम खान ने बताया कि घटना के संबंध में ग्रामीणों और खनन लीज धारक दोनों पक्षों की ओर से मामले दर्ज कराए गए हैं। पुलिस टीमें आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं। अब तक एक पक्ष के तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि पांच अन्य व्यक्तियों को एहतियातन कार्रवाई के तहत दस्तयाब किया गया है।
खनन लीज के विरोध में चल रहा था धरना
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नाजिम खान कहा कि गांव में करीब 280 दिनों से खनन लीज के विरोध में धरना चल रहा था। प्रशासनिक निर्देशों के तहत पुलिस सहयोग से धरना स्थल को हटाया गया था। कार्रवाई के दौरान जब्त किया गया सामान बाद में ग्रामीणों को लौटा दिया गया। इसके बावजूद विवाद पूरी तरह शांत नहीं हुआ और संघर्ष के बाद ग्रामीण फिर से धरने पर बैठ गए। फायरिंग के आरोपों को लेकर एएसपी नाजिम खान ने कहा कि अभी तक गोली चलने की पुष्टि के लिए कोई ठोस साक्ष्य सामने नहीं आया है। हालांकि घटनास्थल से मिले कारतूसों के खोलों की जांच की जा रही है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष जांच कर रही है।
वहीं, उपखंड अधिकारी योगेश देवल ने स्पष्ट किया कि उनकी ओर से दोबारा धरना लगाने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि यह विवाद संबंधित पक्षों के बीच का मामला है। एसडीएम ने कहा कि जिस कंपनी को खनन लीज मिली है, उसे नियमानुसार कार्य करने का अधिकार है, वहीं ग्रामीणों की उचित मांगों पर भी प्रशासन गंभीरता से विचार करेगा।
ये भी पढ़ें- सलमान खान को बड़ी राहत: एफएसएल जांच के लिए नहीं आना पड़ेगा कोटा, 14 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
गौरतलब है कि अजीतपुरा-कुजोता क्षेत्र में खनन लीज के विरोध में पिछले करीब नौ माह से आंदोलन जारी है। धरना हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई के बाद स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई और दोनों पक्षों के बीच टकराव की नौबत आ गई। अब प्रशासन वार्ता और कानूनी प्रक्रिया के जरिए मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने का प्रयास कर रहा है, जबकि ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।