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Kotputli-Behror: झरिंडा खान हादसे में 18 घंटे से जारी रेस्क्यू, मलबे में दबे मजदूर को निकालने में जुटी टीमें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटपूतली-बहरोड़
Published by: कोटपुतली ब्यूरो
Updated Fri, 15 May 2026 03:57 PM IST
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सार
नीमकाथाना क्षेत्र के झरिंडा गांव में खान हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं। 18 घंटे बीतने के बाद भी एक मजदूर मलबे में फंसा हुआ है, रेस्क्यू टीमें लगातार उसे निकालने की कोशिश कर रही हैं।
मलबे से मजदूर को निकालने में जुटी रेस्क्यू टीमें
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नीमकाथाना क्षेत्र की मोकलवास ग्राम पंचायत के झरिंडा गांव स्थित खान में हुए भूस्खलन के बाद राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं। हादसे के 18 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद मलबे में दबे मजदूर दयाल चंद को बाहर नहीं निकाला जा सका है। मौके पर एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं लेकिन भारी मलबे और सीमित संसाधनों के कारण अभियान में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार मंगलवार को खान में अचानक मलबा ढह गया, जिससे वहां काम कर रहे चार मजदूर उसमें दब गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से तीन मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया लेकिन एक अब भी मलबे में दबा हुआ है। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद कोटपूतली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। वहीं एक अन्य मजदूर समय रहते खान से बाहर निकल गया, जिससे उसकी जान बच गई।
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मलबे में दबे मजदूर दयाल चंद को निकालने के लिए बचाव दल लगातार प्रयास कर रहा है। जेसीबी मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। हालांकि खान के भीतर लगातार पत्थर और मिट्टी खिसकने के कारण रेस्क्यू टीमों को बेहद सावधानी के साथ काम करना पड़ रहा है। प्रशासन का कहना है कि मजदूर को सुरक्षित निकालना प्राथमिकता है और अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक सफलता नहीं मिल जाती।
घटनास्थल पर प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी लगातार मौजूद हैं। अतिरिक्त जिला कलेक्टर भागीरथ साख, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश मीणा, एसीएम महिपाल राजावत, पुलिस उपाधीक्षक सुशील मान और कोतवाली थाना अधिकारी राजेश डूडी सहित अन्य अधिकारी राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों ने रेस्क्यू टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए हैं।
हादसे के बाद आसपास के ग्रामीणों में चिंता और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का आरोप है कि खान में लंबे समय से सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी। उन्होंने प्रशासन से खान संचालन की जांच कराने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। फिलहाल पूरे इलाके की नजरें रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हुई हैं।
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जानकारी के अनुसार मंगलवार को खान में अचानक मलबा ढह गया, जिससे वहां काम कर रहे चार मजदूर उसमें दब गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से तीन मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया लेकिन एक अब भी मलबे में दबा हुआ है। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद कोटपूतली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। वहीं एक अन्य मजदूर समय रहते खान से बाहर निकल गया, जिससे उसकी जान बच गई।
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मलबे में दबे मजदूर दयाल चंद को निकालने के लिए बचाव दल लगातार प्रयास कर रहा है। जेसीबी मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। हालांकि खान के भीतर लगातार पत्थर और मिट्टी खिसकने के कारण रेस्क्यू टीमों को बेहद सावधानी के साथ काम करना पड़ रहा है। प्रशासन का कहना है कि मजदूर को सुरक्षित निकालना प्राथमिकता है और अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक सफलता नहीं मिल जाती।
घटनास्थल पर प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी लगातार मौजूद हैं। अतिरिक्त जिला कलेक्टर भागीरथ साख, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश मीणा, एसीएम महिपाल राजावत, पुलिस उपाधीक्षक सुशील मान और कोतवाली थाना अधिकारी राजेश डूडी सहित अन्य अधिकारी राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों ने रेस्क्यू टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए हैं।
हादसे के बाद आसपास के ग्रामीणों में चिंता और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का आरोप है कि खान में लंबे समय से सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी। उन्होंने प्रशासन से खान संचालन की जांच कराने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। फिलहाल पूरे इलाके की नजरें रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हुई हैं।