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ASI भर्ती: परीक्षा रद्द करने की मांग पर 102वें दिन भी धरना जारी, हनुमान बोले- व्यवस्था बदलने का संघर्ष है यह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
Published by: नागौर ब्यूरो
Updated Sun, 03 Aug 2025 10:38 PM IST
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सार
Nagaur News: हनुमान बेनीवाल ने कहा कि किसी सरकार के खिलाफ 100 से अधिक दिन तक सड़क पर संघर्ष करना कोई मामूली बात नहीं होती, यह जन विरोध की चेतना का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की युवा पीढ़ी के साथ हो रहा अन्याय और बार-बार पेपर लीक की घटनाएं उनके भविष्य को बर्बाद कर रही हैं।
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
राजस्थान में ASI भर्ती परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर राजधानी जयपुर के शहीद स्मारक पर प्रदेश के युवा लगातार 102 दिनों से धरने पर डटे हुए हैं। यह आंदोलन केवल परीक्षा से जुड़ी एक मांग भर नहीं रह गया, बल्कि अब व्यवस्था परिवर्तन का प्रतीक बन चुका है। आंदोलन को लंबे समय से समर्थन दे रहे राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल रविवार को एक बार फिर धरने पर पहुंचे और सरकार को आड़े हाथों लिया।
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70 दिन तक धरने में साथ बैठे, अब संसद में उठा रहे मुद्दा
हनुमान बेनीवाल इससे पहले भी लगातार 70 दिनों तक युवाओं के साथ इसी धरने पर बैठे थे, लेकिन संसद सत्र शुरू होने के बाद उन्हें दिल्ली जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि मैं केवल यहां से उठकर संसद गया, लेकिन वहां जाकर युवाओं की आवाज को मजबूती से लोकसभा में उठाया। यह संघर्ष अब सिर्फ परीक्षा रद्दीकरण की मांग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य की ढीली और पक्षपाती प्रशासनिक व्यवस्था के खिलाफ आंदोलन बन गया है।
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102 दिन की लड़ाई को बताया ऐतिहासिक जनजागरण
जयपुर के शहीद स्मारक पर मीडिया से बातचीत करते हुए बेनीवाल ने कहा कि किसी सरकार के खिलाफ 100 से अधिक दिन तक सड़क पर संघर्ष करना कोई मामूली बात नहीं होती, यह जन विरोध की चेतना का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की युवा पीढ़ी के साथ हो रहा अन्याय और बार-बार पेपर लीक की घटनाएं, युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर रही हैं।
CBI जांच और RPSC पुनर्गठन की उठाई पुरजोर मांग
हनुमान बेनीवाल ने साफ शब्दों में कहा कि अब समय आ गया है कि राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) का पूर्ण पुनर्गठन हो। उन्होंने यह भी मांग दोहराई कि अब तक सामने आए एक भी पेपर लीक मामले में सरकार ने CBI जांच की अनुशंसा नहीं की, जिससे स्पष्ट होता है कि सरकार पुराने भ्रष्टाचारों पर पर्दा डालने में जुटी है।
उन्होंने भाजपा सरकार पर कांग्रेस सरकार की तरह ही पेपर लीक और भर्ती अनियमितताओं को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा ने युवाओं से वादे कर सत्ता पाई थी, लेकिन अब वही सरकार युवाओं की अनदेखी कर रही है।
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‘सोशल मीडिया पर दबाव बना तो पुलिस नोटिस भेजे गए’
बेनीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि जब आंदोलन ने सोशल मीडिया पर असर डालना शुरू किया और #भजनलाल_हटाओ_राजस्थान_बचाओ जैसा ट्रेंड वायरल हुआ, तो सरकार ने तुरंत सोशल मीडिया पर दबाव बनाना शुरू किया और युवाओं को पुलिस के नोटिस भेजने शुरू कर दिए। उन्होंने इसे सरकार की संवेदनहीनता और युवाओं की आवाज को दबाने की कोशिश बताया।
सरकार के मंत्रियों पर भी लगाए गंभीर आरोप
धरने पर बैठे युवाओं के बीच पहुंचे बेनीवाल ने मुख्यमंत्री सहित कई मंत्रियों पर भी युवाओं की उपेक्षा और असंवेदनशील रवैये का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही युवाओं की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया, तो यह आंदोलन सड़क से संसद तक और गांव-गांव तक पहुंचेगा।