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Nagaur: जेल से जमानत पर बाहर आए युवक ने फांसी लगाकर दी जान, पिता और दो भाई हत्या के आरोप में जेल में बंद
Mon, 10 Aug 2026 07:25 PM IST
नागौर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
Published by: नागौर ब्यूरो
Updated Mon, 10 Aug 2026 07:25 PM IST
सार
नागौर के नकाश गेट क्षेत्र में जेल से जमानत पर बाहर आए एक युवक ने किराए के कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार, युवक लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान था।
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मृतक व घर के बाहर एकत्रित भीड़
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
नागौर शहर में सोमवार को एक युवक द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के नकाश गेट स्थित आचार्यों की हवेली की है, जहां जेल से जमानत पर बाहर आए एक युवक ने अपने किराए के कमरे में फंदा लगाकर कथित तौर पर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना की जानकारी मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।
पंखे से फांसी की आत्महत्या
जानकारी के अनुसार, बच्चाखाड़ा निवासी शलाहरूक जोया पुत्र मुबारक जोया नकाश गेट स्थित आचार्यों की हवेली में किराए के कमरे में रह रहा था। सोमवार को उसने कमरे में पंखे से फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने परिजनों की मौजूदगी में शव को नीचे उतरवाया। इसके बाद शव को राजकीय पंडित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया गया। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद शव का पोस्टमार्टम करवाया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
क्या बोले थानाधिकारी?
कोतवाली थाना अधिकारी दयानंद शर्मा के अनुसार, प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि युवक लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान था। पुलिस ने बताया कि मृतक का परिवार पहले से ही गंभीर कानूनी परिस्थितियों से गुजर रहा है। मृतक के पिता और उसके दो बड़े भाई हत्या के आरोप में जेल में बंद हैं। वहीं, मृतक खुद भी एक मामले में जेल में था और हाल ही में जमानत पर बाहर आया था। पुलिस अब आत्महत्या के पीछे की परिस्थितियों की जांच कर रही है। फिलहाल मौके से किसी सुसाइड नोट की जानकारी सामने नहीं आई है। परिजनों की ओर से भी किसी प्रकार की आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
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ये भी पढ़ें- एक और बेटी बनी मिसाल: पिता के निधन के बाद नौ साल की रोहिणी को बांधी गई पगड़ी, सदियों पुरानी परंपरा टूटी
इस घटना ने एक बार फिर जेल से बाहर आने के बाद व्यक्ति की पारिवारिक और मानसिक परिस्थितियों को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, युवक ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया, इसका स्पष्ट कारण जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगा। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
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पंखे से फांसी की आत्महत्या
जानकारी के अनुसार, बच्चाखाड़ा निवासी शलाहरूक जोया पुत्र मुबारक जोया नकाश गेट स्थित आचार्यों की हवेली में किराए के कमरे में रह रहा था। सोमवार को उसने कमरे में पंखे से फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने परिजनों की मौजूदगी में शव को नीचे उतरवाया। इसके बाद शव को राजकीय पंडित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया गया। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद शव का पोस्टमार्टम करवाया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
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क्या बोले थानाधिकारी?
कोतवाली थाना अधिकारी दयानंद शर्मा के अनुसार, प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि युवक लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान था। पुलिस ने बताया कि मृतक का परिवार पहले से ही गंभीर कानूनी परिस्थितियों से गुजर रहा है। मृतक के पिता और उसके दो बड़े भाई हत्या के आरोप में जेल में बंद हैं। वहीं, मृतक खुद भी एक मामले में जेल में था और हाल ही में जमानत पर बाहर आया था। पुलिस अब आत्महत्या के पीछे की परिस्थितियों की जांच कर रही है। फिलहाल मौके से किसी सुसाइड नोट की जानकारी सामने नहीं आई है। परिजनों की ओर से भी किसी प्रकार की आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
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इस घटना ने एक बार फिर जेल से बाहर आने के बाद व्यक्ति की पारिवारिक और मानसिक परिस्थितियों को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, युवक ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया, इसका स्पष्ट कारण जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगा। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।