{"_id":"68ee7ffa9f9f0d5e56065279","slug":"rajasthan-news-beniwal-criticizes-admin-for-sms-fire-jaisalmer-bus-blaze-seeks-suspension-of-officials-2025-10-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajasthan News: प्रशासनिक लापरवाही पर भड़के बेनीवाल, SMS कांड और बस हादसे में जिम्मेदारों के निलंबन की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajasthan News: प्रशासनिक लापरवाही पर भड़के बेनीवाल, SMS कांड और बस हादसे में जिम्मेदारों के निलंबन की मांग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Tue, 14 Oct 2025 10:23 PM IST
विज्ञापन
सार
एक सप्ताह पहले एसएमएस अस्पताल में लगी आग से उबरे जख्म अभी भरे भी नहीं थे कि आज जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर निजी बस में लगी आग ने फिर प्रशासनिक लापरवाही उजागर की है। नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने इन हादसों को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया है।
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
राजस्थान में लगातार हो रही लापरवाही भरी घटनाओं पर सांसद हनुमान बेनीवाल ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष और नागौर सांसद बेनीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री की सभा में माइक बंद होने जैसी छोटी तकनीकी गड़बड़ी पर आईएएस अधिकारी को सजा दी जाती है लेकिन एसएमएस अस्पताल अग्निकांड और जैसलमेर-जोधपुर बस हादसे जैसी बड़ी त्रासदियों पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से जिम्मेदार अधिकारियों के तत्काल निलंबन की मांग की।
Trending Videos
बस अग्निकांड: यात्रियों की जान पर बजा 'झुनझुना'
उन्होंने कहा कि आज दोपहर जैसलमेर से जोधपुर जा रही निजी स्लीपर बस थियाट गांव के पास अचानक धुआं उठने के बाद आग पकड़ गई। 57 यात्रियों में 3 बच्चे और 4 महिलाएं शामिल थीं। ग्रामीणों ने खिड़कियां तोड़कर यात्रियों को बचाया, लेकिन 15 लोग झुलस गए। गंभीर रूप से घायल कई यात्रियों को जोधपुर रैफर किया गया। प्रारंभिक जांच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट या इंजन वायरिंग की खराबी बताया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बेनीवाल ने आरोप लगाया कि प्राइवेट बस ऑपरेटर बिना सुरक्षा मानकों के स्लीपर/ कस्टम मॉडिफिकेशन कर यात्रियों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। उन्होंने परिवहन विभाग के सचिव/आयुक्त समेत जिम्मेदार अधिकारियों के निलंबन, कस्टम बसों के लिए स्पष्ट मानक और लाइसेंसिंग प्रक्रिया लागू करने और हर 6 महीने में अनिवार्य फायर और तकनीकी जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि नियमों के उल्लंघन पर तत्काल जुर्माना और परमिट रद्द होना चाहिए। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग और सरकार को यात्रियों की सुरक्षा की कोई परवाह नहीं है। सिस्टम में भ्रष्टाचार व्याप्त है। उन्होंने सरकार से मांग की कि जांच नाम का झुनझुना मत पकड़ाना, जैसा एसएमएस अग्निकांड में किया।
ये भी पढ़ें: राजस्थान में चलती बस में लगी भीषण आग: 10 से 12 लोगों के जिंदा जलने की आशंका; पटाखे बने हादसे की वजह
एसएमएस अस्पताल अग्निकांड में बड़े अफसर सलामत
उन्होंने कहा कि 5-6 अक्टूबर की रात जयपुर के एसएमएस अस्पताल के न्यूरो ICU में आग लगी। इस घटना में 8 मरीजों की मौत हुई और 11 अन्य भर्ती थे। फायर अलार्म फेल, ऑक्सीजन लाइन बंद करने में देरी और अपर्याप्त सुरक्षा उपकरणों ने हालात और बिगाड़ दिए।
सीएम भजनलाल शर्मा ने उच्च-स्तरीय जांच का आदेश दिया। ट्रॉमा इंचार्ज डॉ. अनुराग धाकड़, सुपरिंटेंडेंट सुशील भाटी हटाए गए और इंजीनियर मुकेश सिंघल को निलंबित किया गया। बेनीवाल ने इसे महज खानापूर्ति करार दिया और स्वास्थ्य सचिवों के निलंबन की मांग दोहराई।
बेनीवाल ने कहा कि ये घटनाएं प्रशासनिक उपेक्षा का नंगा नाच हैं। बस ऑपरेटरों पर नियंत्रण नहीं है, अस्पतालों में सुरक्षा के नाम पर कुछ नहीं है। सीएम साहब दिल्ली के आकाओं को खुश करने के बजाय राजस्थान के लोगों की जान बचाएं। स्वास्थ्य और परिवहन के टॉप आईएएस को तुरंत निलंबित करें, वरना हम सड़क पर उतरेंगे।
ये भी पढ़ें: Jaisalmer Bus Fire Live: बस बनी आग का गोला; 10 लोगों के जिंदा जलने की आशंका, पहचान के लिए बुलाए गए परिजन
सीएम का रिएक्शन
सीएम शर्मा ने बस हादसे पर ट्वीट कर शोक जताया और प्रभावितों को हर संभव सहायता देने के निर्देश दिए। एसएमएस अग्निकांड पर भी जांच समिति गठित की गई, लेकिन बेनीवाल द्वारा की गई निलंबन की मांग पर अब तक कोई स्पष्ट कार्रवाई नहीं हुई।
राजस्थान की सड़क सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर विपक्ष और जनता अब सवाल खड़े कर रही है। क्या सरकार बेनीवाल की मांग मानेगी, या जांच का सिलसिला जारी रहेगा? विकास की रफ्तार में सुरक्षा को किनारे लगाना कब बंद होगा?