{"_id":"6981dc50604f7d1a600a8377","slug":"tehsildar-beats-lawyer-who-went-to-verify-high-court-order-in-nagaur-awyers-stage-protest-2026-02-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Nagaur: हाईकोर्ट के आदेश की तस्दीक कराने गए वकील को तहसीलदार ने पीटा, वकीलों ने किया धरना प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Nagaur: हाईकोर्ट के आदेश की तस्दीक कराने गए वकील को तहसीलदार ने पीटा, वकीलों ने किया धरना प्रदर्शन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
Published by: नागौर ब्यूरो
Updated Tue, 03 Feb 2026 05:00 PM IST
विज्ञापन
सार
Nagaur: नागौर जिले के वकील सुशील चौधरी ने सांजू तहसीलदार राधिका चौधरी पर उन्हें प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही वकील ने तहसीलदार पर हाईकोर्ट के आदेश के पालन ना करने का आरोप लगाया है।
पीड़ित वकील
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
नागौर जिले के डेगाना कस्बे में सांजू तहसील की तहसीलदार पर राधिका चौधरी पर राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश की तस्दीक के लिए पहुंचे एक वकील के साथ मारपीट करने का आरोप लगा हैं। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल है, वहीं अधिवक्ता संघ में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
Trending Videos
क्या है पूरा मामला?
डेगाना एसीजेएम कोर्ट के वकील सुशील चौधरी अपने परिवादी के साथ राजस्थान हाईकोर्ट का स्टे ऑर्डर लेकर सांजू तहसील कार्यालय पहुंचे थे। वकील का आरोप है कि उन्होंने तहसीलदार राधिका चौधरी से हाईकोर्ट आदेश की तस्दीक कर उसकी प्रति देने का अनुरोध किया, लेकिन उन्हें कार्यालय के बाहर काफी देर तक बैठाए रखा गया। सुशील चौधरी के अनुसार बाद में उन्हें जानकारी मिली कि जिस मामले में हाईकोर्ट का आदेश है, वह तहसीलदार के ससुराल पक्ष से जुड़े व्यक्ति से संबंधित है। इसी के चलते तहसीलदार ने आदेश पर कार्रवाई करने से इनकार कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभद्रता और मारपीट के आरोप
अधिवक्ता सुशील चौधरी का आरोप है कि जब तहसीलदार कार्यालय से बाहर आईं तो उन्होंने उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। अधिवक्ता ने उन्हें यह कहते हुए समझाने की कोशिश की कि वे यहां निजी रिश्ते के तौर पर नहीं, बल्कि एक वकील के रूप में हाईकोर्ट का आदेश लेकर आए हैं। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर जब वकील ने अपने मोबाइल फोन से घटनाक्रम रिकॉर्ड करना शुरू किया तो तहसीलदार ने पहले अपने कक्ष में जाकर वापस आकर उनका मोबाइल फोन छीन लिया और कथित तौर पर 5–6 थप्पड़ मारे। इसके बाद मोबाइल अपने पास रख लिया।
थाने में दी गई लिखित शिकायत
घटना के बाद वकील सुशील चौधरी डेगाना थाने पहुंचे और थानाधिकारी हरीश कुमार सांखला को लिखित रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में तहसीलदार राधिका चौधरी पर पद के दुरुपयोग, हाईकोर्ट आदेश की अवहेलना, मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं। समाचार लिखे जाने तक पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की थी, हालांकि मामले की जांच किए जाने की बात कही जा रही है।
अधिवक्ता संघ का प्रदर्शन
इस घटना से आक्रोशित डेगाना अधिवक्ता संघ ने थाने के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए निष्पक्ष जांच और तहसीलदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को जिला स्तर तक विस्तारित किया जाएगा। अधिवक्ता संघ का कहना है कि यह मामला केवल एक वकील के साथ मारपीट का नहीं है, बल्कि न्यायिक आदेशों की अवहेलना और प्रशासनिक पद के दुरुपयोग का गंभीर उदाहरण है।
ये भी पढ़ें: आनंदपाल गैंग के गैंगस्टर सुभाष बानूड़ा की सीकर कोर्ट में हुई पेशी, छावनी में तब्दील रहा कोर्ट परिसर
जिला प्रशासन की प्रतिक्रिया
मामले को लेकर कार्यवाहक जिला कलेक्टर चंपालाल जीनगर ने कहा कि प्रकरण उनके संज्ञान में आ चुका है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की गहन जांच करवाई जाएगी और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
