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Rajasthan: भारत-पाक सीमा से सटे धार्मिक स्थल निर्माण पर आ गया हाईकोर्ट का फैसला, हर मामले की होगी अलग जांच

Mon, 13 Jul 2026 09:08 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: शबाहत हुसैन Updated Mon, 13 Jul 2026 09:08 PM IST
सार

हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब सीमा क्षेत्र में स्थित प्रत्येक निर्माण का भविष्य समिति की जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक हित की रक्षा करते हुए कानून के अनुरूप तथ्य आधारित निर्णय लिया जाएगा।

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Rajasthan: High Court verdict delivered on the construction of a religious site near the India-Pakistan border
राजस्थान हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे 0 से 50 किलोमीटर क्षेत्र में बने धार्मिक स्थलों और अन्य निर्माणों को लेकर दायर याचिकाओं पर राजस्थान हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि सीमा सुरक्षा से जुड़े मामलों में राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है और प्रत्येक निर्माण की परिस्थितियां अलग-अलग होने के कारण सभी मामलों का एक जैसा निर्णय नहीं किया जा सकता। इसी आधार पर कोर्ट ने सभी याचिकाएं खारिज करते हुए प्रत्येक संपत्ति की अलग-अलग जांच कराने के निर्देश दिए।
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राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील पहलुओं को देखते हुए मामले की सुनवाई बंद कमरे (इन-कैमरा) में हुई। जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने आदेश दिया कि प्रत्येक विवादित संपत्ति की जांच के लिए जिला स्तर पर समिति गठित की जाए, जिसमें **जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह समिति भूमि के स्वामित्व, निर्माण की वैधता, आवश्यक अनुमतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा पर संभावित प्रभाव का परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट देगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई होगी।
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अदालत ने अपने आदेश में कहा कि जिन मामलों में भूमि के स्वामित्व, कब्जे, निर्माण की वैधता और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे प्रश्न जुड़े हों, उनकी जांच सक्षम प्राधिकारी द्वारा की जानी चाहिए। कोर्ट ने यह भी माना कि संबंधित पक्षों को पहले ही कारण बताओ नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया था। ऐसे में सीधे रिट याचिका दायर करने के बजाय उन्हें वैधानिक प्रक्रिया अपनानी चाहिए थी।

यह मामला केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों में कराए गए सर्वे के बाद सामने आया था। सर्वे में दावा किया गया कि भारत-पाक सीमा से 50 किलोमीटर के दायरे में सरकारी, गोचर और ओरण भूमि पर बिना अनुमति कई धार्मिक एवं अन्य निर्माण किए गए हैं, जिन्हें सुरक्षा एजेंसियों ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील माना। इसके बाद प्रशासन ने नोटिस जारी कर कार्रवाई शुरू की थी, जिसे विभिन्न समितियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
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