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कार में 'दम' तोड़ रहे मासूम! गर्मी में बंद गाड़ी में छोड़ना पड़ सकता है भारी, सुरक्षा के लिए ध्यान रखें ये बातें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: Priya Verma
Updated Thu, 21 May 2026 08:06 PM IST
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सार
अलवर में दो बहनों, इंदौर में एक मासूम बच्ची और जोधपुर में एक बच्चे की कार में दम घुटने से मौत ने लोगों को झकझोर दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार बंद कार में ऑक्सीजन तेजी से कम होती है और तापमान बढ़ने से कुछ ही मिनटों में जान का खतरा पैदा हो सकता है।
बंद कार में दम घुटने से गई मासूमों की जान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्थान समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में बंद कारों में बच्चों की दम घुटने से मौत के लगातार सामने आ रहे मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में अलवर, इंदौर और जोधपुर में तीन दर्दनाक हादसों में मासूम बच्चों की जान चली गई। अब डॉक्टरों ने भीषण गर्मी के बीच कारों को लेकर गंभीर चेतावनी जारी करते हुए अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील की है।
एमडी पीडियाट्रिक्स डॉ. अनुराग शर्मा ने बताया कि कई रिसर्च में सामने आया है कि कार का तापमान बाहर के तापमान के मुकाबले करीब 30 प्रतिशत ज्यादा तेजी से बढ़ता है। यदि उस समय कोई बच्चा कार के अंदर मौजूद हो तो उसका शरीर बढ़ते तापमान को सहन नहीं कर पाता और मल्टीपल ऑर्गन फेलियर तक की स्थिति बन सकती है।
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उन्होंने कहा कि तापमान बढ़ने के साथ कार के केबिन में ऑक्सीजन कम होने लगती है, जबकि कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ती जाती है। इससे शरीर के अंग प्रभावित होने लगते हैं और दम घुटने जैसी स्थिति बन सकती है।
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एसी चलाकर कार में छोड़ना भी सुरक्षित नहीं
डॉ. शर्मा ने यह भी कहा कि कई माता-पिता बच्चों को एसी चलाकर कार में छोड़ देते हैं लेकिन यह भी खतरनाक हो सकता है। उनके अनुसार यदि कार में कार्बन मोनोऑक्साइड का रिसाव हो जाए तो यह गैस तुरंत हीमोग्लोबिन से जुड़ जाती है और शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा कम कर देती है, जिससे मौत तक हो सकती है।
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हाल के दिनों में अलवर, इंदौर और जोधपुर में बंद कारों में बच्चों की दम घुटने से मौत के मामले सामने आए हैं।
खेलते-खेलते कार में बंद हुईं दो बहनें
अलवर के खुदनपुरी इलाके में बुधवार को 8 साल की टीना और 5 साल की लक्ष्मी खेलते-खेलते एक खराब कार में जा बैठीं। खेल-खेल में कार का दरवाजा बंद हो गया और दोनों बाहर नहीं निकल सकीं। कुछ देर बाद जब कार खोली गई तो दोनों बच्चियां बेसुध हालत में मिलीं। अस्पताल पहुंचाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार खोलते ही अंदर से तेज गर्म हवा निकली।
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सोती रह गई मासूम, कार लॉक होते ही गई जान
18 मई को इंदौर की नंदनवन कॉलोनी में 4 साल की हाजरा कार में ही सोती रह गई। परिजन उसे कार से उतरा समझकर घर चले गए और कार लॉक कर दी। करीब तीन घंटे बाद बच्ची कार में बेसुध हालत में मिली। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में दम घुटने से मौत की आशंका जताई गई।
कार में फंसा मासूम
30 अप्रैल को जोधपुर जिले के बिलाड़ा कस्बे में हितार्थ नाम का मासूम खेलते-खेलते अपने पिता की कार में जा बैठा। इसी दौरान कार लॉक हो गई और बच्चा अंदर फंस गया। परिजन उसे अचेत हालत में अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस हादसे के बाद परिवार में मातम छा गया।
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डॉक्टरों की सलाह: इन बातों का रखें खास ध्यान
- बच्चों को कभी भी अकेला कार में न छोड़ें, चाहे एसी चालू हो।
- घर या पार्किंग में खड़ी गाड़ियों को हमेशा लॉक रखें।
- बच्चों को कार की चाबी या ऑटो लॉक सिस्टम से दूर रखें।
- वाहन से उतरते समय हर सीट जरूर चेक करें।
- गर्मी में बंद कार को बच्चों के लिए खेल की जगह न बनने दें।

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