Rajsamand: श्रीनाथजी मंदिर में सम्पन्न हुआ आषाढ़ी तौल, अच्छी पैदावार और सामान्य से अधिक वर्षा का अनुमान
नाथद्वारा के श्रीनाथजी मंदिर में सदियों पुरानी परंपरा के तहत आषाढ़ी तौल सम्पन्न हुई। पारंपरिक पूर्वानुमान में इस वर्ष सामान्य से अधिक वर्षा और धान्य की अच्छी पैदावार के संकेत मिले हैं। किसानों और व्यापारियों के लिए इसे शुभ माना जाता है।
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राजसमंद जिले के नाथद्वारा स्थित पुष्टिमार्गीय प्रधानपीठ श्रीनाथजी मंदिर में गुरुवार को सदियों पुरानी परंपरा के तहत आषाढ़ी तौल सम्पन्न हुई। इस वर्ष की तौल में धान्य की अच्छी पैदावार और सामान्य से अधिक वर्षा होने के संकेत मिले हैं। मंदिर की यह परंपरा किसानों और व्यापारियों के लिए आगामी वर्ष की कृषि और व्यापारिक स्थिति का पारंपरिक आधार मानी जाती है।
मंदिर के खर्च भंडार में मुख्य पंड्या परेश नागर के सान्निध्य में भंडारी प्रकाशचंद्र सनाढ्य और मंदिर कर्मचारियों ने एक दिन पूर्व गुरु पूर्णिमा पर तौली गई 27 प्रकार की धान्य एवं अन्य सामग्रियों का पुनः तौल किया। इसी तौल के आधार पर आगामी वर्ष की वर्षा, कृषि उत्पादन और व्यापारिक स्थिति का पारंपरिक पूर्वानुमान लगाया जाता है।
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मुख्य पंड्या परेश नागर ने बताया कि इस वर्ष धान्य की पैदावार श्रेष्ठ रहने तथा वर्षा सामान्य से अधिक होने के संकेत मिले हैं। परंपरागत अनुमान के अनुसार आषाढ़ में तीन आना, श्रावण और भाद्रपद में पांच-पांच आना तथा आसोज में दो आना वर्षा होने की संभावना है। वायु का रुख पूर्व दिशा की ओर रहने के संकेत भी मिले हैं।
उन्होंने बताया कि पारंपरिक आकलन के अनुसार गुड़, नमक, मनुष्यों और पशुओं की संख्या में कमी, जबकि अधिकांश जिंसों में बढ़ोतरी का अनुमान है। वहीं हरा मूंग, उड़द, सरसों और घास की स्थिति सामान्य रहने की संभावना जताई गई है।