सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Did brain fever cause deaths of eight children 275 children in Udaipur division symptoms

Rajasthan: सलूंबर में मौत का साया, बुझ गई 8 बच्चों की जिंदगी , दिमागी बुखार की आशंका से दहला उदयपुर संभाग

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सलंबूर Published by: सलूंबर ब्यूरो Updated Thu, 09 Apr 2026 12:03 PM IST
विज्ञापन
सार

Rajasthan: सलूंबर में बच्चों की लगातार मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है और दिमागी बुखार की आशंका को लेकर पूरे उदयपुर संभाग में बड़े स्तर पर सर्वे और स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है। सैकड़ों बच्चों में लक्षण मिलने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। 

Did brain fever cause deaths of eight children 275 children in Udaipur division symptoms
उदयपुर में भर्ती बच्चा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

सलूंबर जिले के लसाड़िया ब्लॉक के घाटा, लालपुरा और अन्य गांवों में 8 दिन में 8 बच्चों की मौत से हड़कंप मच गया है। चिकित्सा विभाग प्राथमिक जांच में इन मौतों का मुख्य कारण दिमागी बुखार (वायरल इंसेफैलाइटिस) से जोड़कर देख रहा है। इसके बाद अब उदयपुर संभाग के सभी जिलों में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से सर्वे शुरू कर दिया गया है, जिसमें 275 बच्चों में दिमागी बुखार के लक्षण पाए गए हैं।

Trending Videos


 खतरे को भांपते हुए अलर्ट मोड पर चिकित्सा विभाग
सलूंबर जिले के लसाड़िया ब्लॉक के गांवों में पिछले आठ दिनों में 8 बच्चों की मौत के बाद चिकित्सा विभाग संक्रमण के खतरे को भांपते हुए अलर्ट मोड पर है। उदयपुर जोन के सभी जिलों में सर्वे शुरू किया गया है। 7 और 8 अप्रैल को स्वास्थ्य विभाग की 3,690 टीमों ने 52,276 घरों का सर्वे किया, जिसमें 275 बच्चों में दिमागी बुखार जैसे लक्षण पाए गए हैं। सभी जिलों में चिकित्सा संस्थानों को अलर्ट मोड पर रखते हुए निर्देश दिए गए हैं कि बुखार, उल्टी और ऐंठन जैसे लक्षण वाले हर बच्चे की गहन जांच कर तत्काल रिपोर्ट भेजी जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


घर-घर जाकर बच्चों की स्क्रीनिंग
लसाड़िया ब्लॉक में जयपुर और उदयपुर के चिकित्सकों की टीम सहित स्वास्थ्यकर्मी गांव-गांव और घर-घर जाकर बच्चों की स्क्रीनिंग कर रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में घरों में फॉगिंग भी की जा रही है। जिला कलेक्टर मुहम्मद जुनेद पीपी ने सीएमएचओ डॉ. महेंद्र परमार को वायरल इंसेफैलाइटिस के संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए बीमारी की रोकथाम और प्रभावी नियंत्रण के लिए त्वरित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने को-मॉर्बिड और हाई-रिस्क प्रेगनेंसी के मामलों में विशेष चिकित्सकीय निगरानी रखने को भी कहा है।

ये भी पढ़ें: गेगल टोल प्लाजा पर भीषण हादसा, कंटेनर ने कार को कुचला, सात घायल

बच्चों से मिलने पहुंचे सांसद
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टरों और भ्रामक इलाज का दावा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उनके क्लिनिक सीज किए जा रहे हैं। स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के सभी बच्चों की स्क्रीनिंग करने के लिए मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी और महिला एवं बाल विकास विभाग को स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर कार्य करने को कहा गया है। उदयपुर के सांसद डॉ. मन्नालाल रावत अस्पताल पहुंचे और भर्ती बच्चों की सेहत की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों के लिए लिए गए रक्त नमूनों की जांच को लेकर भी अधिकारियों से चर्चा की।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed